Chandil Accident: NH-33 पर अज्ञात वाहन ने युवक को कुचला, तड़के सुबह शहरबेड़ा के पास हुआ दर्दनाक हादसा
सरायकेला के चांडिल में NH-33 पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से छोटा बड़ामारी निवासी लोसो मुर्मू की दर्दनाक मौत हो गई। समाजसेवी शेखर गांगुली ने शव को अस्पताल पहुँचाया। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
चांडिल/सरायकेला, 4 मार्च 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 33 (NH-33) एक बार फिर खून से लाल हो गया है। बुधवार की तड़के सुबह शहरबेड़ा के समीप एक अज्ञात वाहन ने एक युवक को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। अंधेरे का फायदा उठाकर टक्कर मारने वाला वाहन मौके से फरार होने में सफल रहा। इस घटना ने एक बार फिर जमशेदपुर-रांची मार्ग (NH-33) की सुरक्षा व्यवस्था और बेलगाम दौड़ते वाहनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तड़के सुबह का तांडव: पहचान बनी आधार कार्ड
हादसा उस वक्त हुआ जब सरायकेला का रहने वाला युवक NH-33 के किनारे से गुजर रहा था।
-
पहचान: मृतक की तलाशी लेने पर उसके पास से एक आधार कार्ड मिला, जिससे उसकी पहचान लोसो मुर्मू के रूप में हुई है। वह सरायकेला के बड़ामारी पंचायत अंतर्गत छोटा बड़ामारी गांव का निवासी था।
-
टक्कर की तीव्रता: अज्ञात वाहन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोसो को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया।
समाजसेवी 'हाईवे किंग' ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी और 'हाईवे किंग' के नाम से चर्चित शेखर गांगुली तुरंत मौके पर पहुँचे।
-
त्वरित सहायता: उन्होंने बिना समय गवाए प्रशासन को इसकी सूचना दी और एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई।
-
मानवता का परिचय: स्थानीय लोगों के सहयोग से लोसो मुर्मू के शव को एमजीएम (MGM) अस्पताल भिजवाया गया ताकि समय पर कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सके।
-
पुलिस कार्रवाई: चांडिल पुलिस मौके पर पहुँचकर मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस अब आसपास के ढाबों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस कातिल वाहन की पहचान की जा सके।
NH-33 का खूनी इतिहास और लापरवाही
NH-33, जो जमशेदपुर को रांची से जोड़ता है, पिछले एक दशक से 'डेथ जोन' के रूप में कुख्यात रहा है।
-
इतिहास: इस राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान और उसके बाद भी शहरबेड़ा से लेकर चांडिल तक का हिस्सा सबसे ज्यादा दुर्घटनाग्रस्त रहा है। यहाँ के तीखे मोड़ और रात के समय रोशनी की कमी अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है।
-
प्रशासनिक विफलता: स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि शहरबेड़ा के पास सड़क पार करने के लिए कोई सुरक्षित मार्ग या संकेत बोर्ड नहीं है, जिसके कारण अक्सर पैदल यात्री अज्ञात वाहनों का शिकार हो जाते हैं।
हादसे का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| स्थान | NH-33, शहरबेड़ा (चांडिल) |
| मृतक का नाम | लोसो मुर्मू (छोटा बड़ामारी निवासी) |
| समय | बुधवार तड़के सुबह |
| सहायता | समाजसेवी शेखर गांगुली द्वारा |
परिजनों में कोहराम: गांव में शोक की लहर
लोसो मुर्मू की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव छोटा बड़ामारी पहुँची, वहां मातम पसर गया। परिवार के लिए यह खबर किसी पहाड़ टूटने जैसी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को कानूनी औपचारिकताओं के लिए अस्पताल बुलाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार वाहन चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
कब सुरक्षित होगा NH-33?
NH-33 पर हो रही ये मौतें केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि ये उन परिवारों की तबाही है जो अपने सदस्य को खो रहे हैं। चांडिल पुलिस का कहना है कि वे अज्ञात वाहन की पहचान के करीब हैं, लेकिन सवाल वही है कि आखिर कब तक लोग इन 'अज्ञात वाहनों' की बलि चढ़ते रहेंगे?
What's Your Reaction?


