Ranchi Loot : रांची में बेसुध युवक को लूटने वाले तीन दोस्त गिरफ्तार, S23 अल्ट्रा और एक्सेस स्कूटी बरामद, फर्जी नंबर प्लेट का खेल खत्म

रांची के जगरनाथपुर में तबीयत बिगड़ने पर सड़क किनारे बैठे युवक से स्कूटी और महंगा मोबाइल लूटने वाले हर्ष, प्रतीक और शिवम को पुलिस ने दबोच लिया है। फर्जी नंबर प्लेट और चोरी के सामान की बरामदगी की पूरी इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 27, 2026 - 18:21
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Ranchi Loot : रांची में बेसुध युवक को लूटने वाले तीन दोस्त गिरफ्तार, S23 अल्ट्रा और एक्सेस स्कूटी बरामद, फर्जी नंबर प्लेट का खेल खत्म
Ranchi Loot : रांची में बेसुध युवक को लूटने वाले तीन दोस्त गिरफ्तार, S23 अल्ट्रा और एक्सेस स्कूटी बरामद, फर्जी नंबर प्लेट का खेल खत्म

रांची, 27 मार्च 2026 – झारखंड की राजधानी रांची के जगरनाथपुर थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहाँ मदद करने के बजाय तीन युवकों ने एक बेसुध पड़े व्यक्ति को ही अपना निशाना बना लिया। निफ्ट (NIFT) कॉलेज के पास तबीयत बिगड़ने के कारण सड़क किनारे बैठे एक युवक की 'सुजुकी एक्सेस' स्कूटी और 'सैमसंग S23 अल्ट्रा' जैसा महंगा मोबाइल लेकर तीन शातिर चोर फरार हो गए। हालांकि, रांची पुलिस की तत्परता ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर अरगोड़ा इलाके के रहने वाले तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से चोरी का सारा सामान और वारदात में इस्तेमाल की गई फर्जी नंबर प्लेट वाली स्कूटी भी बरामद कर ली गई है।

तबीयत बिगड़ी और लुटेरे पहुँचे: 22 मार्च की वह काली रात

घटना की शुरुआत तुपुदाना निवासी निशांत एक्का के साथ हुई, जो रात के वक्त अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे।

  • अचानक आया चक्कर: रात करीब 10:30 बजे सतरंजी बाजार से लोवाडीह जाने के क्रम में निशांत को निफ्ट कॉलेज और मौलाना आजाद चौक के बीच अचानक चक्कर आने लगा। उन्होंने अपनी स्कूटी किनारे खड़ी की और वहीं बैठ गए।

  • बेहोशी का फायदा: तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण उनकी आँखों के आगे अंधेरा छा गया। इसी का फायदा उठाते हुए एक स्कूटी पर सवार होकर आए तीन युवकों ने उनकी जेब साफ कर दी और स्कूटी लेकर रफूचक्कर हो गए।

  • दो घंटे बाद खुलासा: जब करीब 12:30 बजे स्थानीय लोगों ने निशांत को उठाया, तब उन्हें पता चला कि उनका Samsung S23 Ultra मोबाइल और स्कूटी गायब है।

फर्जी नंबर प्लेट और गिरफ्तारी: हर्ष, प्रतीक और शिवम दबोचे गए

जगरनाथपुर थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने इस अंधे मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन का सहारा लिया।

  1. गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने अरगोड़ा क्षेत्र से हर्ष कुमार (20), प्रतीक कुमार (20) और शिवम कुमार (20) को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आपस में गहरे दोस्त बताए जा रहे हैं।

  2. शातिर चाल: पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने चोरी की गई स्कूटी पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी थी और उसे छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

  3. बरामदगी की सूची: पुलिस ने इनके पास से पीड़ित की सुजुकी एक्सेस स्कूटी, महंगा मोबाइल और घटना में प्रयुक्त लाल रंग की एक अन्य स्कूटी बरामद की है।

रांची की सड़कों पर 'नाइट क्राइम' और बदलता ट्रेंड

राजधानी रांची में रात के समय राहगीरों की मदद के बहाने लूटपाट करने वाली घटनाएं हाल के दिनों में एक नई चुनौती बनकर उभरी हैं।

  • निफ्ट कॉलेज रोड का इतिहास: हटिया और जगरनाथपुर को जोड़ने वाली यह सड़क रात में काफी सुनसान हो जाती है। पूर्व में भी यहाँ छात्रों और राहगीरों के साथ छिनतई की छिटपुट घटनाएं होती रही हैं।

  • युवाओं में बढ़ता अपराध: पकड़े गए तीनों आरोपियों की उम्र महज 20 साल है। महंगे शौक और मोबाइल के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण पढ़े-लिखे घरों के युवक भी अब इस तरह के शॉर्टकट अपराधों की ओर रुख कर रहे हैं।

  • हाई-टेक पुलिसिंग: रांची पुलिस ने पिछले एक साल में 'डायल 112' और 'पीसीआर' गश्त को तेज किया है, जिसकी वजह से इस मामले में भी 5 दिनों के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाना संभव हो पाया।

अगला कदम: गैंग की कुंडली और जेल की तैयारी

पुलिस अब इन तीनों युवकों के पिछले रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या ये किसी बड़े वाहन चोर गिरोह का हिस्सा हैं।

  • अन्य वारदातों की जांच: जगरनाथपुर पुलिस को संदेह है कि इन तीनों ने अरगोड़ा और पुंदाग इलाकों में भी रात के समय ऐसी ही वारदातों को अंजाम दिया होगा।

  • न्यायिक प्रक्रिया: आरोपियों को आज कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने पीड़ित निशांत एक्का को उनके सामान की पहचान के लिए बुलाया है।

  • नाइट पेट्रोलिंग में बदलाव: इस घटना के बाद एसएसपी ने निफ्ट कॉलेज और आसपास के सुनसान इलाकों में रात 10 बजे के बाद पुलिस पिकेट और गश्त बढ़ाने का आदेश दिया है।

रांची में हुई यह लूटपाट समाज की गिरती नैतिकता का आइना है। जहाँ एक बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने की ज़रूरत थी, वहाँ उसे लूट लेना इन युवाओं की आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है। जगरनाथपुर थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह की टीम ने जिस प्रोफेशनल तरीके से फर्जी नंबर प्लेट के बावजूद आरोपियों को खोज निकाला, वह काबिले तारीफ है। क्या रांची की सड़कों पर रात का सफर अब भी सुरक्षित है? यह सवाल प्रशासन के सामने खड़ा है। फिलहाल, हर्ष, प्रतीक और शिवम का 'महंगा मोबाइल' वाला सपना अब जेल की कोठरी में तब्दील हो चुका है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।