Dhatkidih Fire: धतकीडीह मार्केट में 6 दुकानों को फूंका, बिना बिजली के आखिर कैसे लगी आग? साजिश की गंध से बिष्टुपुर में तनाव
जमशेदपुर के धतकीडीह मार्केट में देर रात 6 दुकानों में आग लगा दी गई। बिना बिजली कनेक्शन वाली इन दुकानों के जलने से साजिश की आशंका गहरा गई है। पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 4 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर का दिल कहे जाने वाले बिष्टुपुर में बीती रात जो हुआ, उसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धातकीडीह मार्केट एरिया में देर रात करीब 2:30 बजे अराजक तत्वों ने एक साथ छह दुकानों को आग के हवाले कर दिया। जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब धतकीडीह की गलियां आग की लपटों और चीख-पुकार से गूंज रही थीं। इस घटना ने न केवल गरीब दुकानदारों की कमर तोड़ दी है, बल्कि पुलिस के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
2:30 बजे का खौफ: जब राख बन गई रोजी-रोटी
चश्मदीदों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
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मेहरबाई टाटा कैंसर अस्पताल (MTMH) के पास: यहाँ स्थित पान और फल की फुटपाथी दुकानों को सबसे पहले निशाना बनाया गया।
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मदद की पुकार: स्थानीय निवासी वसीम ने बताया, "रात करीब 3 बजे जब शोर सुनकर नींद खुली, तो बाहर मंजर खौफनाक था। मेरी दुकान धूं-धूं कर जल रही थी। मेरी आँखों के सामने मेरी 50 हजार की पूंजी राख हो गई।"
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दमकल की मशक्कत: सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ी मौके पर पहुँची और करीब 2 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
शॉर्ट सर्किट या साजिश? उठ रहे हैं बड़े सवाल
आमतौर पर गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं को 'शॉर्ट सर्किट' का नाम देकर फाइल बंद कर दी जाती है, लेकिन धतकीडीह का मामला पूरी तरह अलग है।
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बिजली कनेक्शन का अभाव: दुकानदारों का तर्क बेहद जायज है। उनका कहना है कि ये सभी फुटपाथ किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानें (ठेला) हैं, जिनमें बिजली का कोई कनेक्शन ही नहीं था।
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आधी रात का सन्नाटा: बिना किसी मानवीय गलती या बिजली के, एक साथ छह ठेलों में आग लगना किसी सोची-समझी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
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पुलिस की तफ्तीश: बिष्टुपुर पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है। अब पुलिस आसपास के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस चेहरे को बेनकाब किया जा सके जिसने अंधेरे का फायदा उठाकर माचिस जलाई थी।
नुकसान का आकलन: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| कुल जली दुकानें | 06 (पान, फल और ठेले) |
| मुख्य स्थान | MTMH कैंसर अस्पताल के समीप |
| अनुमानित नुकसान | प्रति दुकानदार ₹30,000 - ₹60,000 |
| पुलिस स्टेशन | बिष्टुपुर थाना |
गर्मी का बढ़ता ग्राफ और सुरक्षा की चुनौती
मार्च की शुरुआत के साथ ही जमशेदपुर का तापमान बढ़ने लगा है। शहर में सूखे पत्तों और कचरों में आग लगना आम बात है, लेकिन रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में इस तरह की 'संदेहास्पद आग' प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। दुकानदारों ने मांग की है कि पुलिस रात में गश्त बढ़ाए और उन लोगों को गिरफ्तार करे जो शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सुलगते सवालों के जवाब कब?
धतकीडीह मार्केट की यह राख शांत नहीं है। यह उन गरीब दुकानदारों का गुस्सा है जिनकी रोजी-रोटी किसी की शरारत या साजिश का शिकार हो गई। बिष्टुपुर पुलिस के लिए अब सबसे बड़ा काम उन सीसीटीवी फुटेज से सच निकालना है। क्या यह महज एक हादसा था या किसी बड़े लैंड-माफिया या आपसी रंजिश का परिणाम? इसका खुलासा होना अभी बाकी है।
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