Jamshedpur Shocking : टाटानगर स्टेशन पर हाई वोल्टेज तार की चपेट में आया किशोर !
जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर 15 वर्षीय किशोर हाई वोल्टेज तार की चपेट में आया, हालत गंभीर। जानें हादसे की पूरी कहानी।

जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जब एक 15 वर्षीय किशोर प्लेटफार्म नंबर चार पर हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गया। इस हादसे के बाद स्टेशन पर हड़कंप मच गया और यात्रियों में अफरा-तफरी फैल गई।
घटना के तुरंत बाद आरपीएफ जवानों ने घायल किशोर को रेलवे अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, किशोर बुरी तरह झुलस गया है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
आखिर कैसे हुआ हादसा?
स्टेशन पर कुछ यात्री नाबालिग किशोर को खदेड़ रहे थे, जिससे बचने के लिए वह प्लेटफॉर्म नंबर तीन और चार के बीच खड़ी मालगाड़ी पर चढ़ गया।
इस दौरान वह ट्रेक्शन वायर के हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलस गया।
जैसे ही वह झटका खाकर नीचे गिरा, प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोग हैरान रह गए और वहां चीख-पुकार मच गई।
चोरी या हादसा? क्या था किशोर का मकसद?
आरपीएफ थाना प्रभारी के मुताबिक, घायल किशोर उलीडीह इलाके का रहने वाला है और नशे का आदी है।
उसके पास से डेंड्रॉइड (नशे का पदार्थ) भी बरामद किया गया है।
संभावना जताई जा रही है कि वह किसी यात्री का सामान चोरी कर भाग रहा था, जिससे गुस्साए यात्रियों ने उसे दौड़ाया।
खुद को बचाने के लिए वह मालगाड़ी पर चढ़ा और करंट की चपेट में आ गया।
हाई वोल्टेज तार: हर साल छीन रहा कई जिंदगियां
रेलवे ट्रेक्शन वायर में 25,000 वोल्ट का करंट होता है, जो इंसान को छूते ही गंभीर रूप से जला सकता है या उसकी जान भी ले सकता है।
2018 में दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक युवक सेल्फी लेने के दौरान ट्रेक्शन वायर की चपेट में आकर झुलस गया था।
2021 में मुंबई लोकल में सफर के दौरान एक यात्री चलती ट्रेन की छत पर चढ़ गया और हाई वोल्टेज करंट लगने से उसकी मौत हो गई।
हर साल कई लोग रेलवे की इस घातक बिजली लाइन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठते हैं।
प्रशासन की लापरवाही या किशोर की गलती?
स्टेशनों पर अक्सर असुरक्षित नाबालिग घूमते नजर आते हैं, जो या तो नशे की लत में डूबे होते हैं या चोरी-चकारी में लिप्त होते हैं।
क्या रेलवे प्रशासन को ऐसे नाबालिगों पर कड़ी नजर नहीं रखनी चाहिए?
क्या प्लेटफार्म पर बिजली के तारों के आसपास अधिक सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए?
सुरक्षा के कड़े उपाय जरूरी!
इस दर्दनाक हादसे से एक बात तो साफ हो गई है कि स्टेशन पर सुरक्षा की सख्त जरूरत है। अगर रेलवे प्रशासन पहले से अलर्ट होता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
नशे की गिरफ्त में फंसे बच्चों के लिए सुधार कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत है।
स्टेशन पर हाई वोल्टेज तारों के पास चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग अनिवार्य होनी चाहिए।
यात्रियों को भी जागरूक रहने की जरूरत है, ताकि वे ऐसी दुर्घटनाओं से बच सकें।
हम उम्मीद करते हैं कि घायल किशोर जल्द ठीक हो और रेलवे प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए!
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