Palamu Raid: गौशाला में छिपी थी 18,880 लीटर 'मौत', पलामू में उत्पाद विभाग का महा-एक्शन, बिहार भेजने की थी खौफनाक तैयारी
पलामू के भीतिया गांव में उत्पाद विभाग ने गौशाला में छिपाकर रखी गई 18,880 लीटर स्प्रिट जब्त कर दो सौदागरों को दबोच लिया है। बिहार में नकली शराब की सप्लाई और नगर निकाय चुनाव में गंदा खेल रचने की इस पूरी साजिश की रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप पलामू के इस सबसे बड़े 'स्प्रिट कांड' के सच से अनजान रह जाएंगे।
पलामू, 14 फरवरी 2026 – झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित पलामू जिले में उत्पाद विभाग ने अवैध शराब के काले साम्राज्य पर अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। पिपरा थाना क्षेत्र के भीतिया गांव में शनिवार को हुई एक गुप्त छापेमारी ने प्रशासन के भी होश उड़ा दिए। एक साधारण सी दिखने वाली गौशाला के भीतर गैलन दर गैलन भरी 18,880 लीटर अवैध स्प्रिट बरामद की गई है। पकड़ी गई स्प्रिट की बाजार में कीमत करीब 13.21 लाख रुपये आंकी जा रही है। इस कार्रवाई ने न केवल शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है, बल्कि पड़ोसी राज्य बिहार में होने वाली 'मौत की सप्लाई' को भी समय रहते रोक लिया है।
गौशाला में 'मौत' का स्टॉक: लव और प्रमोद के घर पड़ा छापा
उत्पाद अधीक्षक सुजीत कुमार को मिली एक सटीक गुप्त सूचना ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। सूचना थी कि भीतिया गांव में दो सगे संबंधियों के घर में भारी मात्रा में कच्चा माल छिपाया गया है।
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छापेमारी का मंजर: टीम जब मौके पर पहुंची, तो बाहर से सब सामान्य दिख रहा था। लेकिन जब घर की गौशाला की तलाशी ली गई, तो वहां घास-फूस के पीछे स्प्रिट से भरे दर्जनों गैलन मिले।
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गिरफ्तारी: मौके से पुलिस ने लव कुमार चंद्रवंशी और प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया है। ये दोनों इस अवैध नेटवर्क की अहम कड़ी माने जा रहे हैं।
बिहार कनेक्शन और चुनाव का एंगल: क्या थी बड़ी साजिश?
पूछताछ के दौरान जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। उत्पाद विभाग के अनुसार, इस स्प्रिट का इस्तेमाल दो बड़े कामों के लिए होना था:
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बिहार सप्लाई: बिहार में शराबबंदी के बाद नकली शराब का निर्माण चरम पर है। यह स्प्रिट वहां नकली शराब बनाने के लिए भेजी जानी थी।
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नगर निकाय चुनाव: पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या पलामू में होने वाले आगामी नगर निकाय चुनाव के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए इस स्प्रिट से शराब बनाकर खपाने की योजना थी।
पलामू स्प्रिट जब्ती: मुख्य आंकड़े (Action Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| कुल बरामदगी | 18,880 लीटर स्प्रिट |
| अनुमानित कीमत | ₹13,21,600 |
| गिरफ्तार आरोपी | लव कुमार चंद्रवंशी और प्रमोद कुमार |
| छापेमारी की जगह | भीतिया गांव, पिपरा थाना (पलामू) |
| टारगेट एरिया | बिहार और पलामू नगर निकाय चुनाव |
गिरोह की तलाश: बड़े 'किंगपिन' तक पहुंचेगी पुलिस
प्रारंभिक पूछताछ में लव और प्रमोद ने कबूल किया है कि वे केवल इस नेटवर्क के छोटे मोहरे हैं। असली मास्टरमाइंड पर्दे के पीछे से खेल रहा है। अधीक्षक सुजीत कुमार ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के मोबाइल सीडीआर (CDR) खंगाले जा रहे हैं, जिससे इस धंधे में शामिल सफ़ेदपोशों और बड़े गिरोहों के नामों का खुलासा हो सके।
प्रशासन की मुस्तैदी ने टाला बड़ा हादसा
झारखंड और बिहार में पहले भी नकली शराब पीने से दर्जनों मौतें हो चुकी हैं। अगर यह 18,880 लीटर स्प्रिट बाजार में शराब बनकर उतर जाती, तो न जाने कितने घरों के चिराग बुझ जाते। पलामू उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून की नजरें हर अवैध कोने पर जमी हुई हैं।
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