Jugsalai Violence: क्रूर शिक्षक, कम नंबर आने पर मासूमों की बेरहमी से पिटाई, बच्ची की उंगली तोड़ी, जुगसलाई में शर्मनाक वारदात
जमशेदपुर के जुगसलाई में ट्यूशन शिक्षक की हैवानियत सामने आई है। कम अंक आने पर शिक्षक प्रभात ने दो मासूम भाई-बहन को डंडे से इतना पीटा कि बच्ची की उंगली फ्रैक्चर हो गई। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। पूरी खबर यहाँ देखें।
जमशेदपुर/जुगसलाई, 11 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र से गुरु-शिष्य के रिश्ते को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक निजी ट्यूशन शिक्षक ने शिक्षा के नाम पर मासूम बच्चों के साथ ऐसी हैवानियत दिखाई कि पूरा इलाका सन्न रह गया। कम नंबर आने की मामूली सी बात पर शिक्षक इतना उग्र हो गया कि उसने बच्चों को लहूलुहान कर दिया।
इम्तिहान का रिजल्ट और शिक्षक का 'खूनी' गुस्सा
घटना का शिकार हुए मासूम बच्चे, गुलाम गौश और मायरा फिरदौस, जुगसलाई निवासी तैयबा के बच्चे हैं और शहर के प्रतिष्ठित बेलडीह चर्च स्कूल में पढ़ते हैं।
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विवाद की जड़: सोमवार को बच्चों की परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ था। मंगलवार को जब मासूम अपना रिजल्ट लेकर शिक्षक प्रभात के पास ट्यूशन पढ़ने पहुँचे, तो कम अंक देखकर शिक्षक का आपा खो गया।
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बेरहम पिटाई: गुस्साए शिक्षक ने दोनों बच्चों को डंडे और हाथ से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। चीखते-चिल्लाते मासूमों पर उसे जरा भी तरस नहीं आया। इस पिटाई में छोटी बच्ची मायरा की उंगली की हड्डी तक टूट गई।
इफ्तार के वक्त खुला खौफनाक राज
बच्चों की माँ तैयबा ने बताया कि जब वह शाम को उन्हें ट्यूशन से लेने पहुँची, तो उनका बेटा बुरी तरह घबराया हुआ था। वह शिक्षक को धक्का देकर रोते हुए माँ की ओर भागा।
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टूटी उंगली और नीले निशान: घर पहुँचने पर जब इफ्तार के समय बच्चों के कपड़े बदले गए, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों बच्चों की पीठ और हाथ पिटाई के कारण नीले पड़ चुके थे और बेटी दर्द से तड़प रही थी। जांच में पता चला कि उसकी एक उंगली फ्रैक्चर हो गई है।
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पुलिस की कार्रवाई: बदहवास परिजन तुरंत बच्चों को लेकर जुगसलाई थाना पहुँचे और आरोपी शिक्षक प्रभात के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल बच्चों का मेडिकल और प्राथमिक उपचार कराया है।
शिक्षा या सजा? जुगसलाई में आक्रोश
इस घटना ने निजी ट्यूशन सेंटरों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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फरार हुआ आरोपी: घटना के बाद से ही आरोपी शिक्षक प्रभात फरार है। जुगसलाई थाना पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
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अभिभावकों की मांग: स्थानीय लोगों और परिजनों ने मांग की है कि ऐसे हिंसक मानसिकता वाले शिक्षकों पर आजीवन प्रतिबंध लगना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और मासूम के साथ ऐसी दरिंदगी न हो।
शिक्षा का उद्देश्य बच्चों का भविष्य संवारना होता है, उन्हें डर और चोट के घाव देना नहीं। जुगसलाई की इस घटना ने हर माता-पिता को सतर्क कर दिया है कि वे अपने बच्चों को किसके भरोसे छोड़ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होगा।
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