Hazaribagh Raid: 10 एकड़ में लहलहा रही थी 'सफेद मौत', चौपारण के जंगलों में पुलिस ने ड्रोन से ढूंढ निकाला अफीम का साम्राज्य
हजारीबाग के चौपारण में पुलिस और वन विभाग ने ड्रोन की मदद से 10 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। घने जंगलों के बीच छिपे इस काले कारोबार और नशे के सौदागरों के खिलाफ हुई इस बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप हजारीबाग के इस सबसे बड़े ऑपरेशन से अनजान रह जाएंगे।
हजारीबाग/चौपारण, 14 फरवरी 2026 – झारखंड के हजारीबाग जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और आधुनिक 'सर्जिकल स्ट्राइक' को अंजाम दिया गया है। चौपारण थाना क्षेत्र के चोरदाह पंचायत स्थित लालकिमाटी जंगल में शनिवार को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौत की खेती का भंडाफोड़ किया। दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच करीब 10 एकड़ भूमि पर अवैध अफीम की फसल लहलहा रही थी, जिसे सुरक्षाबलों ने मौके पर ही रौंद कर नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई ने इलाके के अफीम माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है।
ड्रोन की आंख से नहीं बच सका 'काला साम्राज्य'
लालकिमाटी का जंगल इतना घना और दुर्गम है कि वहां पैदल पहुंचकर खेती का पता लगाना लगभग नामुमकिन था। लेकिन पुलिस ने इस बार हाई-टेक तकनीक का सहारा लिया:
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आसमान से निगरानी: एसडीपीओ बरही अजीत कुमार बिमल के नेतृत्व में टीम ने ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया। ड्रोन ने जंगल के भीतर छिपे उन हिस्सों की सटीक लोकेशन दे दी, जहां अफीम के पौधे उगाए गए थे।
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मौके पर विनाश: लोकेशन मिलते ही चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी और वन विभाग की टीम हथियारों के साथ अंदर घुसी। घंटों की मेहनत के बाद 10 एकड़ की फसल को ट्रैक्टरों और जवानों की मदद से बर्बाद कर दिया गया।
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बरामदगी: टीम ने मौके से सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले 14 डिलीवरी पाइप भी बरामद किए, जिन्हें आग के हवाले कर दिया गया।
कौन हैं 'सफेद जहर' के असली सौदागर?
पुलिस के अनुसार, अफीम की यह खेती किसी बड़े संगठित गिरोह का काम है। माफिया स्थानीय ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनसे जंगलों के बीच यह गैरकानूनी काम करवाते हैं। फिलहाल पुलिस उन चेहरों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने वन भूमि पर कब्जा कर यह धंधा शुरू किया था।
चौपारण अफीम ऑपरेशन: मुख्य जानकारी (Action Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| क्षेत्रफल | 10 एकड़ अवैध खेती |
| लोकेशन | लालकिमाटी जंगल, चोरदाह पंचायत |
| तकनीक | ड्रोन सर्विलांस और मैपिंग |
| नेतृत्व | एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल |
| जब्ती | 14 डिलीवरी पाइप और कृषि उपकरण |
पुलिस की चेतावनी: नामजद एफआईआर की तैयारी
एसडीपीओ बरही ने स्पष्ट किया है कि अफीम की खेती करने वालों का सत्यापन किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत सख्त मामला दर्ज किया जाएगा। इस अभियान में एएसआई बादल महतो, कमरुद्दीन और वनपाल सरवन कुमार सहित कुलदीप महतो ने अहम भूमिका निभाई।
नशे के खिलाफ निर्णायक जंग
चौपारण में हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है। 10 एकड़ अफीम का नष्ट होना न केवल आर्थिक चोट है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को नशे के दलदल में फंसने से बचाने की एक बड़ी कोशिश भी है।
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