Dubai Crisis : दुबई में फंसा रांची का नवदंपति, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच उड़ाने रद्द, सेल अधिकारी और डॉक्टर पत्नी ने लगाई गुहार
रांची के सेल अधिकारी अतुल उरांव और डॉ. कंचन बाड़ा हनीमून मनाने दुबई गए थे, लेकिन खाड़ी देशों में युद्ध के हालातों के बीच वे वहीं फंस गए हैं। रद्द होती उड़ानों और बढ़ते सैन्य तनाव के कारण परेशान परिजनों ने सीएम हेमंत सोरेन से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/दुबई, 5 मार्च 2026 – खुशियों का सफर कब खौफ के साये में बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। रांची के एक नवविवाहित जोड़े के लिए उनका 'ड्रीम हनीमून' किसी डरावने सपने जैसा साबित हो रहा है। सेल (SAIL) अधिकारी अतुल उरांव और उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा, जो अपनी शादी के बाद यादगार पल बिताने दुबई पहुँचे थे, अब वहां बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सैन्य तनाव के कारण फंस गए हैं। खाड़ी देशों के ऊपर मँडरा रहे युद्ध के बादलों ने हजारों पर्यटकों की तरह इस जोड़े की वापसी की राह भी रोक दी है।
शहनाई की गूँज और फिर युद्ध की आहट
अतुल और डॉ. कंचन की नई जिंदगी की शुरुआत अभी महज कुछ दिन पहले ही हुई थी।
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22 फरवरी 2026: दोनों का विवाह रांची में धूमधाम से संपन्न हुआ।
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27 फरवरी 2026: अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए वे दुबई पहुँचे।
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4 मार्च की वापसी: उनकी वापसी की तारीख 4 मार्च तय थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच अचानक बढ़े सैन्य तनाव ने पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा स्थिति को नाजुक बना दिया है।
दुबई एयरपोर्ट पर सन्नाटा: रद्द हुई उड़ानें
एहतियात के तौर पर दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भारत आने वाली कई प्रमुख उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। अतुल उरांव ने दुबई से वीडियो कॉल के जरिए अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया, "हम यहाँ सबसे सुखद पल बिताने आए थे, लेकिन अब हर तरफ अनिश्चितता है। हम सुरक्षित तो हैं, पर घर लौटने की चिंता दिन-रात सता रही है।" उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा ने भी भावुक होते हुए कहा कि वहां के हालात तनावपूर्ण हैं और वे जल्द से जल्द सुरक्षित रांची लौटना चाहती हैं।
रांची में परिजनों का बुरा हाल: सोरेन सरकार से अपील
जैसे ही यह खबर रांची पहुँची, दोनों के परिवारों में मातम जैसा सन्नाटा पसर गया। परिजन लगातार विदेश मंत्रालय और दूतावास से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं।
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सीएम से गुहार: परिजनों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील की है कि वे केंद्र सरकार और यूएई स्थित भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित करें।
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वतन वापसी की मांग: परिवार का कहना है कि न केवल अतुल और कंचन, बल्कि झारखंड के और भी कई नागरिक वहां फंसे हो सकते हैं, जिन्हें सुरक्षित 'एयरलिफ्ट' करने की जरूरत है।
संकट का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| पीड़ित जोड़ा | अतुल उरांव (SAIL अधिकारी) व डॉ. कंचन बाड़ा |
| शादी की तिथि | 22 फरवरी 2026 |
| फंसे होने का स्थान | दुबई (UAE) |
| वजह | अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य तनाव |
| प्रशासनिक मांग | सुरक्षित वतन वापसी (Repatriation) |
हजारों पर्यटकों पर संकट की तलवार
यह केवल एक जोड़े की कहानी नहीं है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण दुबई एयरपोर्ट पर हजारों भारतीय यात्री फंसे हुए हैं। एयरलाइंस कंपनियां स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रही हैं, लेकिन युद्ध की संभावनाओं ने हवाई किराए और टिकटों की उपलब्धता को भी प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर 'इवैक्युएशन' मिशन चलाना पड़ सकता है।
घर लौटने की बेताबी
रांची का यह नवदंपति इस समय एक अनचाहे 'लॉकडाउन' में है। उनकी आंखों में घर लौटने की चमक और चेहरे पर अनिश्चितता का डर साफ देखा जा सकता है। अब सबकी निगाहें भारत सरकार के 'मिशन वापसी' पर टिकी हैं। क्या अतुल और डॉ. कंचन सुरक्षित रांची लौट पाएंगे, इसका जवाब आने वाले कुछ घंटों की कूटनीतिक हलचल पर निर्भर करेगा।
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