Palamu Murder: पलामू में मफलर और जूते ने खोला हत्या का राज, ससुराल आए युवक को नदी किनारे उतारा मौत के घाट, 2 गिरफ्तार
रांची के सेल अधिकारी अतुल उरांव और डॉ. कंचन बाड़ा हनीमून मनाने दुबई गए थे, लेकिन खाड़ी देशों में युद्ध के हालातों के बीच वे वहीं फंस गए हैं। रद्द होती उड़ानों और बढ़ते सैन्य तनाव के कारण परेशान परिजनों ने सीएम हेमंत सोरेन से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
पलामू/चैनपुर, 5 मार्च 2026 – झारखंड के पलामू जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। चैनपुर थाना क्षेत्र के चेड़ाबार गांव में अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने ससुराल आए युवक युगेश सिंह की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला जितना दर्दनाक था, इसका खुलासा उतना ही हैरान करने वाला है। महज 'खर्च' के लिए पैसे मांगने पर हुए मामूली विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे हत्याकांड का कच्चा चिट्ठा खोला।
परीक्षा दिलाने आया था, मिला मौत का पैगाम
मृतक युगेश सिंह नावाबाजार के करचा गांव का निवासी था। वह अपनी पत्नी को डिग्री की परीक्षा दिलाने के लिए उसके मायके (चेड़ाबार) लेकर आया था।
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27 फरवरी की वो रात: शाम के वक्त युगेश अपने साले के साथ शराब पीने निकला था। साला तो घर लौट गया, लेकिन नशे में धुत युगेश गांव के ही मुनेश्वर सिंह के घर के पास बैठ गया।
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पैसे की मांग और विवाद: उसी समय रास्ते से गुजर रहे शिवपूजन सिंह और जयप्रकाश सिंह ने युगेश को अकेला देख उससे शराब या खर्च के लिए पैसे मांगे। युगेश के इनकार करते ही विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
कोयल नदी के तट पर 'डेथ गेम'
आरोपियों ने युगेश को जबरन कोयल नदी की सुनसान झाड़ियों की ओर खींच लिया।
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क्रूर हमला: वहां लोहे के 'फाइटर' (Knuckle duster) से युगेश के सिर पर जोरदार वार किया गया।
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गला दबाकर हत्या: जब वह बेसुध हो गया, तो आरोपियों ने गला दबाकर उसकी जान ले ली और शव को झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गए। 28 फरवरी की दोपहर को नदी किनारे शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पलामू की कोयल नदी: इतिहास और अपराध का गवाह
कोयल नदी पलामू की जीवनरेखा मानी जाती है, जिसका इतिहास सदियों पुराना है। चेड़ाबार और चैनपुर के इलाकों में इस नदी के तटों पर कई धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होते रहे हैं।
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भौगोलिक स्थिति: नदी के किनारे की घनी झाड़ियाँ और सुनसान इलाके अक्सर अपराधियों के लिए छिपने का सुरक्षित ठिकाना बन जाते हैं।
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सुरक्षा की चुनौती: पूर्व में भी इस क्षेत्र में आपसी रंजिश और लूटपाट की घटनाएं सामने आती रही हैं। युगेश सिंह की हत्या ने एक बार फिर नदी तटीय क्षेत्रों में पुलिस गश्त की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
एक मफलर और जूते ने पहुँचाया जेल
कातिलों ने जुर्म तो बड़ी चालाकी से किया था, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
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पुलिस की पैनी नजर: घटनास्थल की बारीकी से जांच करते समय चैनपुर थाना प्रभारी श्रीराम शर्मा को एक मफलर और एक जूता बरामद हुआ। यह जूता मृतक का नहीं था।
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SIT की कार्रवाई: एसपी द्वारा गठित विशेष टीम (जिसमें पूनम टोप्पो और श्रीराम शर्मा शामिल थे) ने जब गांव के संदिग्धों की पहचान शुरू की, तो मफलर शिवपूजन सिंह का निकला। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया और अपने साथी जयप्रकाश का नाम भी उगल दिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर मृतक का बैग और गायब जूता भी बरामद कर लिया है।
केस का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतक का नाम | युगेश सिंह (नावाबाजार) |
| गिरफ्तार आरोपी | शिवपूजन सिंह और जयप्रकाश सिंह |
| हत्या का कारण | पैसे के लेन-देन पर विवाद |
| मुख्य साक्ष्य | आरोपी का मफलर और जूता |
| जांच टीम | एसपी रीष्मा रमेशन के नेतृत्व में गठित SIT |
निर्दोषों को मिली राहत
इस मामले में पुलिस ने पहले शक के आधार पर 4 अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। हालांकि, गहन वैज्ञानिक जांच और पूछताछ के बाद एसपी ने साफ किया कि उन चारों का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस केवल असली गुनहगारों पर कार्रवाई कर रही है।
त्वरित न्याय की उम्मीद
पलामू पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है। महज 6 दिनों के भीतर 'क्लू-लेस' मर्डर मिस्ट्री को सुलझाना चैनपुर पुलिस की बड़ी उपलब्धि है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
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