Pakur Arrest: पाकुड़ में दबोचा गया 3 जिलों का दुश्मन, पुलिस वैन देख भागा 'खलासी', हाथ लगा लोडेड कट्टा
पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी के विशेष ऑपरेशन में कुख्यात अपराधी ताला मुर्मू उर्फ खलासी गिरफ्तार। गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ पुलिस के लिए सिरदर्द बना यह बदमाश अब सलाखों के पीछे है। बरामद हथियार और उसके खौफनाक आपराधिक इतिहास की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
पाकुड़/अमड़ापाड़ा, 5 मार्च 2026 – झारखंड के पाकुड़ जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'क्लीन स्वीप' अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी के सख्त निर्देश पर गठित विशेष टीम ने अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के जंगलों की घेराबंदी कर तीन जिलों के लिए आतंक का पर्याय बने कुख्यात बदमाश ताला मुर्मू उर्फ खलासी को गिरफ्तार कर लिया है। साहिबगंज के मिर्जाचौकी का रहने वाला यह अपराधी पाकुड़ में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
बरमसिया मोड़ पर फिल्मी ड्रामा: वैन देखते ही लगा दी दौड़
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ताला मुर्मू अमड़ापाड़ा के बरमसिया मोड़ के पास सक्रिय है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल एक 'स्ट्राइक टीम' तैयार की।
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घेराबंदी: पुलिस की टीम जैसे ही बरमसिया मोड़ के पास पहुँची, ताला मुर्मू की नजर पुलिस वैन पर पड़ गई।
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जंगलों की ओर फरारी: पकड़े जाने के डर से आरोपी ने घने जंगलों की ओर दौड़ लगा दी। हालांकि, टीम में शामिल सशस्त्र बल के जवानों ने पेशेवर फुर्ती दिखाते हुए उसे चारों तरफ से घेर लिया और धर दबोचा।
तलाशी में मिला मौत का सामान
जब पुलिस ने ताला मुर्मू की जामा तलाशी ली, तो उसके पास से हथियार बरामद हुए।
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हथियार बरामदगी: उसके पास से एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस मिले हैं।
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नई साजिश का अंत: पुलिस का मानना है कि वह किसी बड़े व्यापारी या राहगीर को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
पाकुड़ और संताल परगना का आपराधिक भूगोल: एक नजर
संताल परगना का यह इलाका, जिसमें पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा शामिल हैं, अपनी भौगोलिक बनावट (जंगलों और पहाड़ियों) के कारण अपराधियों के लिए छिपने का 'सेफ जोन' रहा है।
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ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: यहाँ के मिर्जाचौकी और ललमटिया जैसे क्षेत्र पत्थर खदानों और कोयला ढुलाई के लिए जाने जाते हैं, जहाँ 'रंगदारी' और 'लेवी' वसूलने वाले गिरोह अक्सर सक्रिय रहते हैं।
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खलासी का नेटवर्क: ताला मुर्मू जैसे अपराधी इन अंतर-जिला सीमाओं का फायदा उठाकर एक जिले में अपराध कर दूसरे जिले के जंगलों में शरण लेते रहे हैं। पाकुड़ पुलिस की यह कार्रवाई इस 'क्रॉस-बॉर्डर' क्राइम नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
लंबा है गुनाहों का कच्चा चिट्ठा: 3 जिलों में दर्ज हैं 6 मामले
पकड़े गए ताला मुर्मू का रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस भी हैरान रह गई। उस पर गोड्डा और साहिबगंज में आतंक फैलाने के कई आरोप हैं:
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गोड्डा जिला: ललमटिया थाना (कांड संख्या 44/25, 48/25) और बोआरीजोड़ थाना (कांड संख्या 35/25)।
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साहिबगंज जिला: मिर्जाचौकी थाना (कांड संख्या 35/25, 37/25)।
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पाकुड़ जिला: अब अमड़ापाड़ा थाना में आर्म्स एक्ट के तहत कांड संख्या 8/2026 दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मुख्य अपराधी | ताला मुर्मू उर्फ खलासी |
| गिरफ्तारी का स्थान | बरमसिया मोड़, अमड़ापाड़ा |
| हथियार जब्ती | 01 देशी कट्टा, 02 कारतूस |
| प्रमुख टीम सदस्य | SI चंदन कुमार सिंह, ASI संतोष मुर्मू |
| कुल मामले | 06 (गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़) |
एसपी की टीम को मिल रही सराहना
अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी मदन कुमार शर्मा ने बताया कि ताला मुर्मू से कड़ी पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके गिरोह में और कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं और उसे हथियार कहाँ से सप्लाई किए जा रहे थे। इस सफल ऑपरेशन में हवलदार सतपाल कुमार और प्रकाश असुर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अपराधियों के लिए 'नो एंट्री'
पाकुड़ पुलिस ने साफ कर दिया है कि जिले की सीमाओं के भीतर किसी भी अपराधी को सिर उठाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ताला मुर्मू की गिरफ्तारी से न केवल पाकुड़ बल्कि पड़ोसी जिलों गोड्डा और साहिबगंज की पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
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