Mango Arrest : जमशेदपुर के मानगो में हुई फायरिंग के दो मुख्य अपराधी गिरफ्तार, वसीम खान उर्फ काले ने पैसे के लेन-देन में रोमी को मारी थी गोली, पिस्टल और कट्टा बरामद, दबाव में दो अन्य ने किया आत्मसमर्पण!
जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र में 28 सितंबर को हुए गोलीकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य अपराधियों वसीम अंसारी उर्फ काले और नायाब हुसैन को गिरफ्तार किया है। पैसे के लेन-देन के विवाद में इस घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं।
झारखंड की इस्पात नगरी जमशेदपुर में अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन पुलिस भी हर अपराधिक घटना को जड़ से उखाड़ने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। मानगो थाना क्षेत्र में 28 सितंबर की शाम हुए सनसनीखेज गोलीकांड का पुलिस ने सिर्फ पर्दाफाश ही नहीं किया है, बल्कि घटना में शामिल दो मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार करके कानून का डर एक बार फिर स्थापित कर दिया है।
अपराधिक इतिहास में अक्सर यह देखा गया है कि व्यक्तिगत रंजिश और आर्थिक लेन-देन को लेकर हुए छोटे विवाद भी बड़े और खूनी अंजाम लेते हैं। मानगो में हुई यह फायरिंग भी एक ऐसे ही विवाद का नतीजा थी, जिसमें अपराधियों ने कानून को हाथ में लेकर गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस तरह के अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे कानून की पकड़ से ज्यादा देर तक दूर नहीं रह सकते।
पैसे के विवाद में चली गोली
पुलिस के अनुसार, फायरिंग की इस घटना के पीछे का मुख्य कारण पैसे का लेन-देन था। मुख्य आरोपी वसीम अंसारी उर्फ काले का गोलीकांड में घायल हुए अबु सनान रोमी उर्फ बांबो के साथ विवाद चल रहा था।
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साजिश: इसी विवाद को लेकर वसीम ने अपने साथियों के साथ मिलकर रोमी को निशाना बनाने की योजना बनाई और फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए वसीम अंसारी उर्फ काले (27) को पारडीह मध्य विद्यालय के पास से दबोचा। वहीं, उसके दूसरे साथी नायाब हुसैन उर्फ टेनिस उर्फ दानिश (24) को उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के दबाव में दो आरोपियों का आत्मसमर्पण
गोलीकांड में कुल चार लोग शामिल थे। पुलिस की लगातार छापेमारी और दबाव के कारण, अन्य दो आरोपी रौनक और शाहरूख खान उर्फ चूहा पहले ही न्यायालय में आत्मसमर्पण कर चुके थे।
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हथियार बरामद: गिरफ्तार अपराधियों के पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल और एक अतिरिक्त देशी कट्टा व एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। हथियारों की बरामदगी से साफ होता है कि अपराधियों का इरादा सिर्फ डराना नहीं, बल्कि नुकसान पहुंचाना भी था।
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लंबा आपराधिक इतिहास: मुख्य आरोपी वसीम अंसारी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उसके खिलाफ पहले से ही चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं।
डीएसपी (हेडक्वार्टर-1) भोला प्रसाद सिंह के नेतृत्व में थाना प्रभारी नित्यानंद प्रसाद समेत अन्य पुलिसकर्मियों की छापेमारी टीम की इस सफलता ने मानगो क्षेत्र के लोगों को राहत की सांस दी है। पुलिस अब इन अपराधियों से पूछताछ कर रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
आपकी राय में, वसीम अंसारी जैसे लंबा आपराधिक इतिहास वाले अपराधियों को गिरफ्तारी के बाद जल्द से जल्द सजा दिलाने और उनके दोबारा अपराध करने की संभावना को कम करने के लिए अभियोजन पक्ष को कौन से दो सबसे प्रभावी कानूनी कदम उठाने चाहिए?
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