Khunti Murder : खूंटी में 17 एकड़ के लिए सुकरा महतो की हत्या, ससुर की संपत्ति बनी काल, शूटर समेत 5 गांववाले गिरफ्तार
खूंटी के कर्रा में जमीन विवाद में हुई सुकरा महतो की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। 17 एकड़ जमीन और कोर्ट केस में जीत बनी जान की दुश्मन। मुख्य शूटर विकास महतो समेत 5 आरोपी गिरफ्तार। हथियार और बाइक बरामद। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
खूंटी/कर्रा, 9 मार्च 2026 – झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत टिमड़ा गांव में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज सुकरा महतो हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जमीन के एक बड़े टुकड़े की लालच और कोर्ट के फैसले की खुन्नस ने एक परिवार को लहूलुहान कर दिया। एसपी मनीष टोप्पो ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस साजिश के पीछे गांव के ही पांच लोग शामिल थे, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, चाहे साजिश कितनी भी गहरी क्यों न हो।
17 एकड़ जमीन और ससुर की वसीयत: कत्ल की असली वजह
इस हत्याकांड की जड़ें सालों पुराने जमीन विवाद से जुड़ी हैं।
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बेटियों को मिला हक: सुकरा महतो के ससुर का कोई बेटा नहीं था। उन्होंने अपनी ममता और जिम्मेदारी निभाते हुए अपनी 17 एकड़ जमीन अपनी दो बेटियों के नाम कर दी थी। सुकरा अपनी पत्नी के साथ इसी जमीन की देखभाल के लिए टिमड़ा गांव में बस गए थे।
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गांव वालों की जलन: गांव के ही कुछ दबंगों को यह बात रास नहीं आई। उनका मानना था कि बेटियों का जमीन पर हक नहीं होना चाहिए। यह विवाद सामाजिक स्तर से शुरू होकर अदालत की दहलीज तक पहुँचा।
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अदालती फैसला बना 'डेथ वारंट': हाल ही में अदालत ने सुकरा महतो के पक्ष में फैसला सुनाया। इंसाफ की यह जीत आरोपियों को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने सुकरा महतो को रास्ते से हटाने की खूनी योजना बना डाली।
आधी रात का हमला: बेटे पर भी चली गोली
6 मार्च की रात वह काली रात थी जब साजिश को अंजाम दिया गया।
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ताबड़तोड़ फायरिंग: योजना के अनुसार, शूटर विकास महतो और उसके साथियों ने सुकरा महतो को घेर लिया और गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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बेटे का संघर्ष: इस दौरान सुकरा के बेटे अर्जुन मुंडा ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो हत्यारों ने उस पर भी गोली चला दी। अर्जुन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वह अभी भी संघर्ष कर रहा है।
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शूटर समेत 5 दबोचे गए: पुलिस ने छापेमारी कर विकास महतो (26), बिनोद महतो (23), रामप्रसाद महतो (24), सिकन्दर महतो (28) और रामू महतो (24) को गिरफ्तार किया है।
खूंटी और कर्रा: जल-जंगल-जमीन का संघर्षपूर्ण इतिहास
खूंटी जिला हमेशा से 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा के आंदोलन की जन्मस्थली रहा है।
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जमीन का महत्व: यहाँ की मिट्टी केवल खेती का जरिया नहीं, बल्कि सम्मान और अस्तित्व का प्रतीक है। 'जल-जंगल-जमीन' के लिए होने वाले संघर्षों का लंबा इतिहास रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में पारिवारिक और संपत्ति विवादों के कारण होने वाली हत्याएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।
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कर्रा का टिमड़ा गांव: यह क्षेत्र शांतिपूर्ण रहा है, लेकिन 17 एकड़ जैसी बड़ी संपत्ति के लालच ने यहाँ के आपसी भाईचारे में जहर घोल दिया।
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पुलिस की विशेष टीम: एसपी मनीष टोप्पो ने तोरपा एसडीपीओ के नेतृत्व में एक एसआईटी (SIT) बनाई थी, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जंगल से हत्या में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा और अपाची बाइक (JH 23A-3806) बरामद की है।
पुलिस की चेतावनी: "बाकी भी जल्द होंगे सलाखों के पीछे"
एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि इस हत्याकांड में शामिल अन्य मददगारों और साजिशकर्ताओं की पहचान की जा रही है।
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छापेमारी जारी: पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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स्पीडी ट्रायल की मांग: ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया जाए ताकि सुकरा महतो के परिवार को जल्द न्याय मिल सके और अर्जुन मुंडा को सुरक्षा प्रदान की जाए।
कांड का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतक | सुकरा महतो (टिमड़ा निवासी) |
| मुख्य शूटर | विकास महतो (26 वर्ष) |
| विवाद का कारण | 17 एकड़ जमीन (ससुर द्वारा बेटियों को दी गई) |
| हथियार बरामद | एक देसी कट्टा और अपाची बाइक |
| घायल | अर्जुन मुंडा (पुत्र), उपचाराधीन |
लालच ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार
खूंटी की यह घटना सबक है कि कैसे संपत्ति का लालच अपनों को ही दुश्मन बना देता है। सुकरा महतो ने केवल अपना हक मांगा था, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के मनोबल को तोड़ा है, लेकिन असली इंसाफ तब होगा जब इस खूनी साजिश के हर किरदार को उसके अंजाम तक पहुँचाया जाएगा।
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