Pakur Murder : पाकुड़ में 5 मुकदमों के आरोपी देवराज सरकार की चाकू गोदकर हत्या, पुलिस की SIT ने 2 को दबोचा
पाकुड़ के तलवाडागा में देवराज सरकार उर्फ नमुआ सरकार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। मृतक खुद भी 5 आपराधिक मामलों में नामजद था। एसपी के निर्देश पर गठित SIT ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर कार और बाइक जब्त की है। पूरी क्राइम रिपोर्ट यहाँ देखें।
पाकुड़/झारखंड, 9 मार्च 2026 – पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के तलवाडागा गांव में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कुख्यात अपराधी माने जाने वाले देवराज सरकार उर्फ नमुआ सरकार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पाकुड़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होने के कारण पुलिस इसे आपसी रंजिश या वर्चस्व की जंग से जोड़कर देख रही है।
चाकुओं से गोदकर हत्या: आधी रात का खूनी खेल
घटना की शुरुआत तब हुई जब तलवाडागा में घात लगाए हमलावरों ने देवराज सरकार पर हमला बोल दिया।
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बेरहमी से वार: हमलावरों ने देवराज पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
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पिता की शिकायत: मृतक के पिता मेघनाथ सरकार के आवेदन पर नगर थाना में कांड संख्या 36/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नए कानून के तहत धारा 103(1), 61(2), 351(2), 352 और 3(5) BNS के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है।
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दागी इतिहास: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मृतक देवराज सरकार खुद पाकुड़ नगर थाना में कुल 5 संगीन मामलों में नामजद था, जिसकी वजह से इलाके में उसका काफी खौफ था।
SIT का गठन और ताबड़तोड़ छापेमारी
पाकुड़ एसपी ने मामले की गंभीरता और संभावित 'गैंगवार' की आशंका को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
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तकनीकी सुराग: SIT ने मोबाइल लोकेशन और स्थानीय मुखबिरों के जाल के जरिए अपराधियों का पीछा किया।
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गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तीन मोटरसाइकिल और एक कार भी जब्त की गई है।
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फरार आरोपियों की तलाश: इस हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और SIT उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
पाकुड़ और सीमावर्ती अपराध: एक ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
पाकुड़ जिला पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा होने के कारण रणनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से हमेशा संवेदनशील रहा है।
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अपराध का बदलता स्वरूप: पाकुड़ का इतिहास सिद्धू-कान्हू के विद्रोह की भूमि के रूप में जाना जाता है, लेकिन हाल के दशकों में अवैध पत्थर उत्खनन और सीमा पार तस्करी ने यहाँ 'क्रिमिनल सिंडिकेट' को जन्म दिया है।
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तलवाडागा का माहौल: नगर थाना के अंतर्गत आने वाला तलवाडागा इलाका घनी आबादी और मिश्रित संस्कृति वाला क्षेत्र है। यहाँ अक्सर छोटी-छोटी रंजिशें बड़े अपराधों का रूप ले लेती हैं।
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कानून का शिकंजा: देवराज सरकार जैसे नामजद आरोपियों की सरेआम हत्या यह दर्शाती है कि अपराधियों के बीच आपसी रंजिश किस कदर बढ़ चुकी है। हालांकि, पुलिस की SIT ने महज कुछ दिनों के भीतर गिरफ्तारियां कर यह स्पष्ट कर दिया है कि पाकुड़ में कानून का राज कायम रहेगा।
आगे की कार्रवाई: कोर्ट में पेशी और रिमांड
पुलिस ने गिरफ्तार दोनों अपराधियों को माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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सबूतों का संरक्षण: पुलिस के अनुसार, जब्त की गई कार और मोटरसाइकिलों का फोरेंसिक परीक्षण कराया जा सकता है ताकि हत्या के समय उनकी मौजूदगी के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
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सतर्कता बढ़ाई गई: शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है ताकि मृतक के समर्थकों और आरोपियों के गुटों के बीच दोबारा कोई हिंसक झड़प न हो।
मामले का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मृतक का नाम | देवराज सरकार उर्फ नमुआ सरकार |
| अपराधिक रिकॉर्ड | नगर थाना में 5 कांडों में नामजद |
| घटनास्थल | ग्राम तलवाडागा, पाकुड़ |
| जब्ती | 1 कार और 3 मोटरसाइकिल |
| पुलिस कार्रवाई | SIT द्वारा 2 आरोपी गिरफ्तार |
अपराधियों के अंत का खूनी रास्ता
पाकुड़ की यह घटना याद दिलाती है कि अपराध की दुनिया का अंत अक्सर खौफनाक होता है। देवराज सरकार, जो खुद कई मामलों में आरोपी था, अंततः रंजिश की भेंट चढ़ गया। पाकुड़ पुलिस की सक्रियता ने फिलहाल मामले को शांत कर दिया है, लेकिन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे षड्यंत्र का अंतिम सच सामने आएगा।
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