Sundarnagar Camp : 87वें सीआरपीएफ दिवस पर 106 RAF बटालियन ने पेश की मिसाल, रक्तदान और दंत जांच शिविर में उमड़ा जनसैलाब

जमशेदपुर के सुंदरनगर स्थित 106 RAF कैंप में 87वें सीआरपीएफ दिवस पर भव्य रक्तदान और निःशुल्क दंत जांच शिविर का आयोजन किया गया। कमांडेंट राजीव कुमार के नेतृत्व में जवानों ने भारी संख्या में रक्तदान कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 9, 2026 - 18:17
 0
Sundarnagar Camp : 87वें सीआरपीएफ दिवस पर 106 RAF बटालियन ने पेश की मिसाल, रक्तदान और दंत जांच शिविर में उमड़ा जनसैलाब
Sundarnagar Camp : 87वें सीआरपीएफ दिवस पर 106 RAF बटालियन ने पेश की मिसाल, रक्तदान और दंत जांच शिविर में उमड़ा जनसैलाब

जमशेदपुर/सुंदरनगर, 9 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सुंदरनगर स्थित 106 आरएएफ (RAF) कैंप परिसर सोमवार को देशभक्ति और सेवा के रंग में सराबोर रहा। अवसर था 87वें सीआरपीएफ दिवस का, जिसे यादगार बनाने के लिए वाहिनी ने केवल परेड और औपचारिकताओं तक सीमित न रहकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। 106 आरएएफ और 157 वाहिनी सीआरपीएफ के जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर यह साबित कर दिया कि वे सरहद पर दुश्मन के लिए पत्थर और समाज के लिए 'रक्तदाता' के रूप में ढाल बनकर खड़े हैं।

कमांडेंट राजीव कुमार का नेतृत्व: सेवा ही परमो धर्म

यह पूरा कार्यक्रम 106 आरएएफ के कमांडेंट श्री राजीव कुमार के कुशल मार्गदर्शन और निर्देशन में संपन्न हुआ।

  • रक्तदान का महाकुंभ: सदर अस्पताल, जमशेदपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में जवानों का उत्साह देखते ही बनता था। सुबह से ही कार्मिक कतारबद्ध होकर रक्तदान करने पहुँचे।

  • वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति: कार्यक्रम में वाहिनी के सीएमओ (एसजी) श्री अश्वनी कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी श्री सच्चिदानंद मिश्र, श्री कौशल साधन गिरी और सहायक कमांडेंट श्री राजीव कुमार समेत कई अधिकारियों ने शिरकत की और जवानों का हौसला बढ़ाया।

दंत जांच शिविर: सेहत का भी रखा ख्याल

रक्तदान के साथ-साथ कैंप परिसर में एक निःशुल्क दंत जांच शिविर का भी आयोजन किया गया।

  1. परिजनों को लाभ: इस शिविर का लाभ न केवल ड्यूटी पर तैनात जवानों ने लिया, बल्कि कैंप परिसर में रहने वाले उनके परिजनों और बच्चों ने भी उठाया।

  2. विशेषज्ञ परामर्श: शहर के प्रतिष्ठित दंत चिकित्सकों ने जवानों के दांतों की जांच की और उन्हें ओरल हाइजीन (Oral Hygiene) से संबंधित आवश्यक सलाह व परामर्श दिया।

CRPF और RAF: शौर्य और शांति का गौरवशाली इतिहास

सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) का इतिहास भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ रहा है।

  • स्थापना और विकास: 27 जुलाई 1939 को 'क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस' के रूप में गठित यह बल आज दुनिया का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है। 1949 में सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में इसका नाम बदलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल किया गया।

  • RAF का गठन: 1992 में दंगों और भीड़ नियंत्रण जैसी संवेदनशील स्थितियों से निपटने के लिए सीआरपीएफ की ही एक विशेष शाखा के रूप में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) का गठन हुआ।

  • सुंदरनगर कैंप की अहमियत: जमशेदपुर का सुंदरनगर स्थित 106 आरएएफ कैंप झारखंड के नक्सल प्रभावित और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए एक रणनीतिक केंद्र रहा है। यहाँ के जवानों ने समय-समय पर आपदा प्रबंधन और सामाजिक कार्यों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।

समाज के प्रति प्रतिबद्धता: वर्दी के पीछे का इंसान

अक्सर सुरक्षा बलों को केवल हथियार और अनुशासन के दायरे में देखा जाता है, लेकिन सुंदरनगर कैंप की इस पहल ने 'वर्दी के पीछे के इंसान' को समाज के सामने पेश किया है।

  • मानव सेवा का संदेश: सदर अस्पताल की टीम के अनुसार, जवानों द्वारा दान किया गया यह रक्त जमशेदपुर के थैलेसीमिया मरीजों और इमरजेंसी केसों में जीवनदायिनी साबित होगा।

  • सामाजिक उत्तरदायित्व: अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ का ध्येय केवल सुरक्षा देना ही नहीं, बल्कि समाज के हर दुख-सुख में भागीदार बनना भी है।

कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में

विवरण प्रमुख जानकारी
अवसर 87वां सीआरपीएफ दिवस (87th CRPF Day)
आयोजक 106 आरएएफ बटालियन, सुंदरनगर
सहयोगी संस्थान सदर अस्पताल, जमशेदपुर
मुख्य गतिविधि रक्तदान एवं निःशुल्क दंत जांच
नेतृत्व कमांडेंट राजीव कुमार

समर्पण जो मिसाल बन गया

87वें सीआरपीएफ दिवस पर सुंदरनगर कैंप में आयोजित यह शिविर जवानों के अटूट साहस और उनकी सेवा भावना का जीवंत प्रमाण है। जहाँ एक ओर जवान देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, वहीं दूसरी ओर रक्तदान जैसे पुनीत कार्य कर वे मानवता की रक्षा भी कर रहे हैं। जमशेदपुर की जनता ने जवानों के इस जज्बे को सलाम किया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।