Wildlife Raid: बड़ा खुलासा, साकची में हिरण के सींग और दुर्लभ तोतों का जखीरा जब्त, तीन तस्कर सलाखों के पीछे
जमशेदपुर के साकची में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पेटी में बंद तोतों से लेकर घर में छिपे हिरण के सींगों तक, इस खौफनाक काले कारोबार और पकड़े गए मास्टरमाइंड अभय गुप्ता की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी शहर में चल रहे इस खतरनाक खेल के सच से बेखबर रह जाएंगे।
जमशेदपुर, 12 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में वन्यजीवों के सौदागरों के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया है। साकची गोलचक्कर जैसे व्यस्त इलाके में रविवार की शाम शुरू हुआ यह ऑपरेशन सोमवार को एक बड़े खुलासे में बदल गया। वन विभाग ने न केवल 35 दुर्लभ तोते बरामद किए, बल्कि तस्करों के ठिकाने से हिरण के सींग और कई प्रतिबंधित वन्यजीव अंग भी जब्त किए हैं। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना अभय गुप्ता समेत तीन लोगों को दबोच लिया है। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की इनपुट पर हुई इस कार्रवाई ने शहर के 'अंडरग्राउंड' स्मगलिंग नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
साकची गोलचक्कर पर एक्शन: पेटी खोलते ही मिले 35 तोते
सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएफओ सबा आलम अंसारी ने इस पूरे ऑपरेशन की रोंगटे खड़े कर देने वाली जानकारी साझा की।
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सटीक इनपुट: वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो से सूचना मिली थी कि साकची इलाके में वन्यजीवों और उनके अंगों (आर्टिकल्स) का बड़ा लेन-देन होने वाला है।
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पहली गिरफ्तारी: वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर साकची गोलचक्कर के पास से अभय गुप्ता को दबोचा। तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद एक कार्टून से 35 तोते बरामद हुए, जिन्हें बेहद अमानवीय तरीके से ठूंसकर रखा गया था।
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निशानदेही पर दबिश: अभय की निशानदेही पर टीम ने शहर के अन्य इलाकों में छापेमारी की और मो. गुड्डो व समीर अंसारी को उनके आवास से गिरफ्तार किया।
हिरण के सींग और बड़े पैराकेट: घर में छिपा था 'मौत का गोदाम'
तस्करों के घर पर हुई छापेमारी में वन विभाग के अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
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दुर्लभ प्रजातियां: आरोपियों के पास से केवल तोते ही नहीं, बल्कि 'लार्ज पैराकेट' (बड़े तोते) और एक हिरण का सींग भी बरामद हुआ है।
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अंतरराष्ट्रीय तस्करी का शक: जिस तरह से वन्यजीवों के अंगों को सहेजकर रखा गया था, उससे अंदेशा है कि ये लोग किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के लिए 'सप्लायर' के रूप में काम कर रहे थे।
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गंभीर अपराध: डीएफओ ने बताया कि ये सभी सामान 'वाइल्ड लाइफ आर्टिकल' की श्रेणी में आते हैं, जिनका व्यापार करना उम्रकैद तक की सजा दिला सकता है।
जमशेदपुर वन्यजीव तस्करी: मुख्य विवरण (Smuggling Busted Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| गिरफ्तार आरोपी | अभय गुप्ता, मो. गुड्डो, समीर अंसारी |
| जब्त सामान | 35 तोते, बड़े पैराकेट, 01 हिरण सींग |
| कार्रवाई का स्थान | साकची गोलचक्कर एवं आरोपियों के आवास |
| इनपुट स्रोत | वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) |
| मुख्य अधिकारी | डीएफओ सबा आलम अंसारी |
डीएफओ की चेतावनी: "नेटवर्क की आखिरी कड़ी तक जाएंगे"
डीएफओ सबा आलम अंसारी ने सख्त लहजे में कहा कि विभाग इस बार केवल छोटे तस्करों पर नहीं रुकेगा।
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एनडीपीएस जैसी कड़ाई: आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) की कडी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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कॉल डिटेल्स की जांच: गिरफ्तार तीनों आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन बड़े 'खरीदारों' के संपर्क में थे।
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अगली कार्रवाई: विभाग को संदेह है कि शहर के कुछ पॉश इलाकों में भी अवैध रूप से विदेशी पक्षियों और वन्यजीव अंगों का संग्रहण किया गया है, जहाँ जल्द ही रेड की जा सकती है।
बेजुबानों की जान से खिलवाड़ नहीं
वन विभाग की इस मुस्तैदी ने दर्जनों मासूम पक्षियों को पिंजरे से आजाद कर दिया है। जब्त किए गए तोतों को स्वास्थ्य जांच के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
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