Sopodera Suicide: खौफनाक मंजर, जमशेदपुर में 9वीं के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, 7 साल की मासूम बहन ने देखा भाई का शव

जमशेदपुर के सोपोडेरा में 17 वर्षीय छात्र अंकित लोहार की आत्महत्या ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। घर में अकेली छोटी बहन के सामने घटी इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना और छात्रों में बढ़ती आत्मघाती प्रवृत्तियों के पीछे छिपे कड़वे सच की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी किशोरों के मन में चल रहे इस खतरनाक द्वंद्व को कभी नहीं समझ पाएंगे।

Jan 12, 2026 - 15:49
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Sopodera Suicide: खौफनाक मंजर, जमशेदपुर में 9वीं के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, 7 साल की मासूम बहन ने देखा भाई का शव
Sopodera Suicide: खौफनाक मंजर, जमशेदपुर में 9वीं के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, 7 साल की मासूम बहन ने देखा भाई का शव

जमशेदपुर, 12 जनवरी 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के परसुडीह थाना अंतर्गत सोपोडेरा कुर्मी टोला में सोमवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने समाज की रूह कंपा दी है। श्यामा प्रसाद स्कूल के 9वीं कक्षा के छात्र अंकित लोहार (17 वर्ष) ने अपने ही घर में फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना उस वक्त सामने आई जब घर में केवल उसकी 7 साल की छोटी बहन मौजूद थी। एक हंसते-खेलते किशोर का अचानक इस तरह दुनिया छोड़ जाना न केवल एक परिवार की तबाही है, बल्कि शहर में बढ़ते 'टीनएज सुसाइड' के खतरनाक ट्रेंड की ओर भी इशारा कर रहा है।

मासूम आंखों के सामने भाई का अंत: रोंगटे खड़े कर देगी दास्तां

सोमवार की सुबह हर दिन की तरह सामान्य थी। अंकित की मां, मोना लोहार, सुबह काम पर निकल गई थी। घर की जिम्मेदारी 17 साल के अंकित और उसकी छोटी बहन पर थी।

  • अचानक खामोशी: घर के भीतर अंकित ने जब आत्मघाती कदम उठाया, तब उसकी छोटी बहन दूसरे कमरे में थी। जैसे ही वह अंकित के कमरे में पहुँची, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।

  • बहन की चीख: भाई को फंदे से लटका देख 7 साल की मासूम जोर-जोर से रोने और शोर मचाने लगी। उसने ही अपनी नन्हीं आवाज़ में पड़ोसियों और अपनी मां को इस अनहोनी की सूचना दी।

  • अस्पताल में सन्नाटा: परिजन और पड़ोसी आनन-फानन में अंकित को लेकर सदर अस्पताल पहुँचे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

बदहवास मां और टूटा हुआ परिवार

अंकित के पिता का साया पहले ही इस परिवार के सिर से उठ चुका था। मां मोना लोहार कड़ी मेहनत कर अपने दो बच्चों का भविष्य संवार रही थी।

  1. मां का विलाप: अस्पताल पहुँचते ही जैसे ही मां ने बेटे के शव को देखा, वह बदहवास होकर गिर पड़ी। उसके बुढ़ापे का सहारा और घर का इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं था।

  2. अनसुलझी पहेली: आखिर 17 साल के अंकित के मन में ऐसा क्या चल रहा था कि उसने मौत को गले लगा लिया? पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है।

परसुडीह छात्र आत्महत्या: मुख्य विवरण (Tragedy Snapshot)

विवरण जानकारी (Details)
मृतक का नाम अंकित लोहार (17 वर्ष)
शिक्षा कक्षा 9वीं, श्यामा प्रसाद स्कूल
स्थान सोपोडेरा कुर्मी टोला, परसुडीह
गवाह 7 वर्षीय छोटी बहन
जांच अधिकारी एसआई ज्ञान भूषण तिग्गा

इतिहास का पन्ना: जमशेदपुर में छात्रों की 'खामोश चीख' का इतिहास

जमशेदपुर में किशोरों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं अब एक गंभीर सामाजिक मुद्दा बन चुकी हैं। 29 नवंबर 2025 को भी बागबेड़ा में 13 वर्षीय नवनीत ने फांसी लगाकर जान दी थी। इतिहास गवाह है कि जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में पढ़ाई का दबाव, एकाकीपन और सोशल मीडिया का प्रभाव किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है। साल 2023 से 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो परसुडीह, बागबेड़ा और मानगो जैसे क्षेत्रों में 14 से 18 वर्ष के किशोरों के बीच अवसाद के मामले 30% तक बढ़े हैं। जानकारों का मानना है कि पिता के अभाव वाले परिवारों में बच्चों पर भावनात्मक बोझ अक्सर ज्यादा होता है, जो उन्हें ऐसे कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर देता है।

पुलिस की जांच: हर एंगल पर नजर

परसुडीह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसआई ज्ञान भूषण तिग्गा ने बताया कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है।

  • डिजिटल फुटप्रिंट: पुलिस अंकित के मोबाइल फोन और उसके दोस्तों से पूछताछ कर सकती है ताकि यह पता चल सके कि वह किसी तनाव या 'ऑनलाइन गेमिंग' जैसी समस्या का शिकार तो नहीं था।

  • स्कूल का माहौल: पुलिस स्कूल प्रशासन से भी संपर्क करेगी कि क्या पिछले कुछ दिनों से अंकित के व्यवहार में कोई बदलाव देखा गया था।

समाज के लिए एक कड़वा सबक

अंकित की मौत केवल एक पुलिस केस नहीं है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक चेतावनी है। 9वीं और 10वीं के छात्र यदि मौत को समाधान मानने लगें, तो समझ लीजिए कि कहीं न कहीं संवाद की कमी है। अपने बच्चों से बात करें, उनके मौन को समझने की कोशिश करें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।