Dhalbhumgarh Tragedy: खूनी चिमनी, धालभूमगढ़ की गजानंद फेरो कंपनी में लिफ्ट गिरने से 2 मजदूरों की मौत, लीपापोती में जुटा प्रबंधन
धालभूमगढ़ की गजानंद फेरो एलॉय कंपनी में चिमनी पर काम के दौरान लिफ्ट स्लिप होने से यूपी के दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई है। सुरक्षा कानूनों के उल्लंघन और प्रबंधन द्वारा मामले को दबाने की कोशिशों के बीच एमजीएम अस्पताल में मचे कोहराम की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है वरना आप भी फैक्ट्री के भीतर छिपे इस खौफनाक सच को जानने से चूक जाएंगे।
जमशेदपुर/धालभूमगढ़, 15 जनवरी 2026 – जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके धालभूमगढ़ स्थित गजानंद फेरो एलॉय कंपनी आज एक बड़े हादसे और मौत की गवाह बनी। कंपनी परिसर में काम के दौरान हुई इस भीषण दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। जानकारी के अनुसार, चिमनी पर मरम्मत कार्य के दौरान लिफ्ट के अचानक स्लिप हो जाने से दो मजदूरों की ऊंचाई से गिरकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का इलाज जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मामले की लीपापोती करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
ऊंचाई से गिरी लिफ्ट: मौत का वो खौफनाक मंजर
हादसा उस वक्त हुआ जब मजदूर चिमनी के ऊपरी हिस्से में मरम्मत और रखरखाव का काम कर रहे थे।
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अचानक स्लिप हुई लिफ्ट: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिफ्ट जिस तार के सहारे ऊपर जा रही थी, उसमें तकनीकी खराबी आई और लिफ्ट अचानक बेकाबू होकर नीचे गिर गई।
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मौके पर दम तोड़ा: चिमनी की ऊंचाई इतनी ज्यादा थी कि नीचे गिरते ही सादिक और मोहम्मद इस्तकार नामक दो मजदूरों के शरीर के परखच्चे उड़ गए।
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यूपी के रहने वाले थे मृतक: बताया जा रहा है कि मारे गए दोनों मजदूर और घायल साथी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जो यहाँ रोजी-रोटी की तलाश में आए थे।
प्रबंधन पर 'लीपापोती' के आरोप: आखिर चूक कहाँ हुई?
इस हृदयविदारक घटना के बाद धालभूमगढ़ क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
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सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन: सूत्रों का कहना है कि मजदूरों को चिमनी जैसी खतरनाक जगह पर काम करने के लिए अनिवार्य 'सेफ्टी बेल्ट' और जाली जैसी सुरक्षा प्रदान नहीं की गई थी।
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फैक्ट्री इंस्पेक्टर की टीम: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फैक्ट्री इंस्पेक्टर की टीम को सूचित किया गया है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या लिफ्ट की समय-समय पर फिटनेस जांच की गई थी?
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MGM में अफरा-तफरी: तीनों मजदूरों को आनन-फानन में एमजीएम अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने दो को 'ब्रॉट डेड' घोषित कर दिया। फिलहाल घायलों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
धालभूमगढ़ फैक्ट्री हादसा: मुख्य विवरण (Accident Snapshot)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| कंपनी का नाम | गजानंद फेरो एलॉय कंपनी (धालभूमगढ़) |
| मृतकों के नाम | सादिक और मोहम्मद इस्तकार (उत्तर प्रदेश) |
| हादसे की वजह | चिमनी की लिफ्ट स्लिप होना |
| वर्तमान स्थिति | पुलिस जांच जारी, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए |
| आरोप | सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी |
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे की मांग
स्थानीय पुलिस अब कंपनी प्रबंधन से पूछताछ कर रही है।
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परिजनों को सूचना: कंपनी ने मृतकों के परिजनों को यूपी में सूचना भेज दी है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा।
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जांच की मांग: स्थानीय ग्रामीणों और मजदूर यूनियनों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए और मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए।
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अलर्ट पर पुलिस: क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए कंपनी गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
कब सुरक्षित होंगे मजदूर?
गजानंद फेरो एलॉय कंपनी में हुआ यह हादसा केवल एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का भी परिणाम है। जब तक सुरक्षा ऑडिट केवल कागजों तक सीमित रहेगा, तब तक उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले मजदूर इसी तरह 'औद्योगिक विकास' की बलि चढ़ते रहेंगे।
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