Dhanbad Heist : धनबाद में रिटायर्ड फौजी के घर नकाबपोशों का तांडव, बच्चों को बंधक बनाकर 23 लाख की लूट, सबूत मिटाने के लिए DVR ले उड़े बदमाश

धनबाद के बरवाअड्डा में बीती रात 10 नकाबपोश डकैतों ने रिटायर्ड आर्मी हवलदार के घर धावा बोलकर करीब 23 लाख के जेवर और नकदी लूट ली है। बच्चों को बंधक बनाने और पुलिस की देरी से जुड़ी इस पूरी खौफनाक इनसाइड रिपोर्ट को यहाँ देखें।

Mar 31, 2026 - 16:24
 0
Dhanbad Heist : धनबाद में रिटायर्ड फौजी के घर नकाबपोशों का तांडव, बच्चों को बंधक बनाकर 23 लाख की लूट, सबूत मिटाने के लिए DVR ले उड़े बदमाश
Dhanbad Heist : धनबाद में रिटायर्ड फौजी के घर नकाबपोशों का तांडव, बच्चों को बंधक बनाकर 23 लाख की लूट, सबूत मिटाने के लिए DVR ले उड़े बदमाश

धनबाद/बरवाअड्डा, 31 मार्च 2026 – कोयलांचल धनबाद में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब देश की सुरक्षा करने वाले फौजी भी अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के मिश्रीडीह मोड़ स्थित रिटायर्ड आर्मी हवलदार कैलाश प्रसाद मिश्रा के घर बीती रात करीब 10 नकाबपोश डकैतों ने जमकर तांडव मचाया। हथियारों से लैस अपराधियों ने न केवल पूरे परिवार को मौत के साये में रखा, बल्कि करीब 23 लाख रुपये की संपत्ति लूटकर रफूचक्कर हो गए। इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत पैदा कर दी है, वहीं घटना के ढाई घंटे बाद पुलिस के पहुँचने पर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

आधी रात का कहर: बच्चों को बनाया 'ढाल', फिर शुरू हुई लूट

डकैतों ने इस पूरी वारदात को किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह अंजाम दिया। अपराधियों को घर के कोने-कोने की जानकारी थी।

  • बंधक बने मासूम: घर में घुसते ही डकैतों ने सबसे पहले छोटे बच्चों को अपने कब्जे में ले लिया और उनकी गर्दन पर हथियार टिका दिए। बच्चों की जान खतरे में देख परिवार बेबस हो गया।

  • नकदी और जेवर पार: बदमाशों ने अलमारी के ताले तोड़कर करीब 3.5 लाख रुपये नकद और लगभग 20 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात समेट लिए।

  • नशीले पदार्थ का शक: घर के मालिक कैलाश प्रसाद मिश्रा छत पर सो रहे थे। उन्हें नीचे हो रही इतनी बड़ी वारदात की भनक तक नहीं लगी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने किसी स्प्रे या नशीले पदार्थ का इस्तेमाल किया था, जिससे घर के लोग गहरी नींद में सोए रह गए।

शातिर अपराधी: सबूत मिटाने के लिए CCTV और DVR ले उड़े

यह कोई साधारण चोरी नहीं बल्कि एक सुयोजित डकैती थी। अपराधियों ने पुलिस को चुनौती देने के लिए हर वैज्ञानिक साक्ष्य को खत्म करने की कोशिश की।

  1. कैमरे तोड़े: घर के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को अपराधियों ने सबसे पहले क्षतिग्रस्त किया।

  2. DVR चोरी: अपराधी जानते थे कि उनकी तस्वीरें रिकॉर्ड हो सकती हैं, इसलिए वे जाते-जाते सीसीटीवी का DVR (Digital Video Recorder) भी अपने साथ ले गए। इससे पुलिस के लिए अपराधियों की पहचान करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।

धनबाद और बरवाअड्डा: डकैती का पुराना केंद्र

धनबाद का बरवाअड्डा इलाका जीटी रोड से सटे होने के कारण हमेशा से 'इंटर-स्टेट' अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट रहा है।

  • अपराध का इतिहास: यहाँ पहले भी कई बड़े कारोबारियों और रसूखदार लोगों के घर डकैती की घटनाएं हो चुकी हैं। अक्सर अपराधी पड़ोसी राज्यों से आते हैं और वारदात के बाद हाईवे के रास्ते फरार हो जाते हैं।

  • पुलिस की सुस्ती पर सवाल: परिजनों का आरोप है कि रात 2 बजे ही पुलिस को सूचना दे दी गई थी, लेकिन गश्ती टीम तड़के 4:30 बजे मौके पर पहुँची। यह ढाई घंटे की देरी अपराधियों को सुरक्षित निकलने का रास्ता दे गई।

  • सुरक्षा की चिंता: एक फौजी के घर में घुसकर ऐसी हिम्मत दिखाना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।

अगला कदम: डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक जांच

बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार ने मोर्चा संभाल लिया है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया जा रहा है।

  • पूछताछ का दौर: पुलिस घर के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि अलमारियों और दरवाजों से सुराग मिल सके।

  • रूट मैपिंग: पुलिस अब मिश्रीडीह मोड़ के आसपास के पेट्रोल पंपों और दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जहाँ से शायद अपराधियों के भागने की दिशा या उनके वाहनों का नंबर मिल सके।

  • लूट का सटीक आकलन: पुलिस का कहना है कि लिखित आवेदन मिलने के बाद ही लूटी गई संपत्ति का अंतिम आंकड़ा स्पष्ट होगा, लेकिन प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह 23 लाख के पार है।

धनबाद में हुई यह डकैती पुलिसिया तंत्र की विफलता की एक और कहानी है। एक रिटायर्ड फौजी के घर में घुसकर बच्चों को बंधक बनाना और घंटों तक लूटपाट करना प्रशासन के लिए डूब मरने वाली बात है। यदि पुलिस समय पर पहुँचती, तो शायद लुटेरे पकड़े जा सकते थे। अब देखना होगा कि बिना डिजिटल सबूत (DVR) के पुलिस इन नकाबपोशों तक कैसे पहुँचती है। क्या कोयलांचल की जनता अब अपने घरों में चैन की नींद सो पाएगी? फिलहाल, कैलाश प्रसाद मिश्रा का परिवार सदमे में है और इलाके के लोग सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।