Gamharia Theft : गम्हरिया में सूने घर से लाखों के गहने और नकदी पार, मदद करने के बजाय पीड़ित को ही डांटने लगी पुलिस
सरायकेला के गम्हरिया स्थित पाकुड़गोड़ा में चोरों ने राज पांडे के बंद घर को निशाना बनाते हुए लाखों की चोरी की है। पीड़ित का आरोप है कि सूचना मिलने पर आई पुलिस ने जांच के बजाय 100 नंबर पर कॉल करने को लेकर उन्हें ही फटकार लगाई। पूरी रिपोर्ट और आक्रोशित ग्रामीणों की मांग यहाँ देखें।
सरायकेला/गम्हरिया, 9 मार्च 2026 – सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत पाकुड़गोड़ा इलाके में बेखौफ चोरों ने पुलिसिया गश्त को चुनौती देते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। एक बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और हजारों की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना ने जहाँ इलाके में दहशत फैला दी है, वहीं मौके पर पहुँची पुलिस के व्यवहार ने पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है।
आरा गया था परिवार, पीछे से चोरों ने 'साफ' कर दिया घर
घटना पाकुड़गोड़ा निवासी राज पांडे के घर की है।
-
सूना घर बना निशाना: राज पांडे अपने परिवार के साथ किसी निजी काम से बिहार के आरा गए हुए थे। घर बंद पाकर चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ दिया।
-
लाखों की चपत: चोरों ने अलमारी और बक्सों को खंगालते हुए लाखों रुपये की कीमत के जेवरात और लगभग 65 हजार रुपये नकद बटोर लिए और बड़ी आसानी से फरार हो गए।
-
सुबह का खुलासा: जब परिवार वापस लौटा या पड़ोसियों को आहट हुई, तब इस बड़ी चोरी का खुलासा हुआ। घर के अंदर सामान बिखरा देख पीड़ितों के होश उड़ गए।
पुलिस का 'अजीब' रवैया: मदद के बदले मिली डांट
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की प्रतिक्रिया रही। परिजनों ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं:
-
100 नंबर पर नाराजगी: घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस सहायता के लिए 100 नंबर पर कॉल किया।
-
शिकायतकर्ता को फटकार: परिजनों का आरोप है कि जब गम्हरिया थाना की पुलिस मौके पर पहुँची, तो उन्होंने चोरों की तलाश करने या साक्ष्य जुटाने के बजाय राज पांडे को ही डांटना शुरू कर दिया।
-
थाना आने का दबाव: पुलिस कर्मियों ने कथित तौर पर कहा कि 100 नंबर पर फोन करने की क्या जरूरत थी, सीधे थाने आकर लिखित शिकायत करनी चाहिए थी। पुलिस के इस बर्ताव से पीड़ित परिवार खुद को अपमानित महसूस कर रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश: गश्त बढ़ाने की मांग
पाकुड़गोड़ा में हुई इस चोरी के बाद स्थानीय लोग सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।
-
भय का माहौल: लोगों का कहना है कि अगर दिन-दहाड़े या बंद घरों में इस तरह की चोरियां होंगी, तो लोग सुरक्षित कैसे रहेंगे?
-
पुलिस की जवाबदेही: स्थानीय निवासियों ने जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि गम्हरिया पुलिस के व्यवहार की जांच की जाए और क्षेत्र में रात्रि गश्त (Night Patrolling) को प्रभावी बनाया जाए।
वारदात का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| पीड़ित का नाम | राज पांडे (पाकुड़गोड़ा) |
| चोरी की संपत्ति | लाखों के आभूषण और ₹65,000 नकद |
| थाना क्षेत्र | गम्हरिया पुलिस स्टेशन |
| पुलिस की प्रतिक्रिया | 100 नंबर पर कॉल करने को लेकर पीड़ित को डांटा |
| वर्तमान स्थिति | चोरों की तलाश जारी, क्षेत्र में तनाव |
सिस्टम की विफलता और पीड़ित का दर्द
लाखों की कमाई और उम्र भर की जमा-पूंजी गंवाने वाले परिवार को जब सहानुभूति के बजाय पुलिस की डांट मिलती है, तो यह पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता को दर्शाता है। गम्हरिया पुलिस को चाहिए कि वह प्रक्रिया के जाल में उलझने के बजाय अपराधियों को पकड़ने पर ध्यान केंद्रित करे। पाकुड़गोड़ा के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि चोर जल्द सलाखों के पीछे होंगे।
What's Your Reaction?


