Kapali Arrest: पुरी में छिपकर भी नहीं बचा 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला 'बावला', पुलिस ने सोनारी में बिछाया जाल और दबोच लिया कुख्यात अपराधी

सरायकेला के कपाली ओपी पुलिस ने 10 लाख की रंगदारी और जानलेवा हमले के आरोपी लखन गोप उर्फ बावला को गिरफ्तार कर लिया है। ओडिशा के पुरी से लेकर ससुराल तक पुलिस को छकाने वाले इस अपराधी के पकड़े जाने की पूरी रोमांचक रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप कपाली के इस 'रंगदारी कांड' के अंत से अनजान रह जाएंगे।

Feb 14, 2026 - 13:38
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Kapali Arrest: पुरी में छिपकर भी नहीं बचा 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला 'बावला', पुलिस ने सोनारी में बिछाया जाल और दबोच लिया कुख्यात अपराधी
Kapali Arrest: पुरी में छिपकर भी नहीं बचा 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला 'बावला', पुलिस ने सोनारी में बिछाया जाल और दबोच लिया कुख्यात अपराधी

जमशेदपुर/सरायकेला, 14 फरवरी 2026 – जमशेदपुर से सटे सरायकेला-खरसावां जिले की कपाली ओपी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रंगदारी और जानलेवा हमले के मामले में करीब दो महीने से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी लखन गोप उर्फ बावला (28 वर्ष) को पुलिस ने फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार कर लिया है। बावला पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और एक व्यक्ति को अधमरा करने का गंभीर आरोप है। वह पुलिस से बचने के लिए ओडिशा के पुरी में छिपा हुआ था, लेकिन एक छोटी सी चूक ने उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।

10 लाख की रंगदारी और खूनी संघर्ष: क्या था मामला?

यह पूरी वारदात 29 दिसंबर 2025 की है, जिसने कपाली के डोबो इलाके में दहशत फैला दी थी।

  • जानलेवा हमला: बावला ने अपने साथियों के साथ मिलकर डोबो निवासी 50 वर्षीय जगबंधु सिंह उर्फ कलटू सिंह को निशाना बनाया था।

  • मांगी थी मोटी रकम: कलटू सिंह से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और इनकार करने पर उन पर घातक हथियारों से हमला किया गया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

  • आपराधिक रिकॉर्ड: कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार ने बताया कि लखन गोप उर्फ बावला कोई नया अपराधी नहीं है। वह पहले भी आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मामलों में जेल की हवा खा चुका है और इलाके में उसका अच्छा-खासा खौफ था।

पुरी से ससुराल और फिर गिरफ्तारी: पुलिस का बिछाया जाल

वारदात को अंजाम देने के बाद बावला सीधे ओडिशा भाग गया और जगन्नाथ पुरी में अपनी पहचान छिपाकर रहने लगा।

  1. ससुराल में दस्तक: पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बावला अपनी फरारी काटते हुए हाल ही में नीमडीह थाना क्षेत्र के झीमड़ी गांव स्थित अपने ससुराल आया है।

  2. सोनारी में घेराबंदी: ससुराल से निकलने के बाद जैसे ही वह जमशेदपुर के सोनारी स्थित अपने पैतृक घर पहुँचा, कपाली पुलिस की स्पेशल टीम (एसआइ हसनैन अंसारी और रंजीत कुमार सिंह) ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और दबोच लिया।

लखन गोप गिरफ्तारी: मुख्य विवरण (Criminal Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
नाम लखन गोप उर्फ बावला (28 वर्ष)
मामला 10 लाख की रंगदारी और जानलेवा हमला
पीड़ित जगबंधु सिंह (डोबो निवासी)
गिरफ्तारी स्थल सोनारी, जमशेदपुर
पिछला रिकॉर्ड आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामले

न्यायिक हिरासत: अब सलाखों के पीछे कटेगी रात

गिरफ्तारी के बाद शनिवार को लखन गोप उर्फ बावला को मेडिकल जांच के उपरांत न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है जो रंगदारी के इस धंधे में उसके मददगार थे।

कानून के हाथ लंबे हैं

बावला की गिरफ्तारी ने साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे राज्य बदल दे या तीर्थों में छिप जाए, पुलिस की नजर से बचना नामुमकिन है। कपाली पुलिस की इस मुस्तैदी ने डोबो के व्यापारियों और निवासियों में सुरक्षा का भाव पैदा किया है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।