Bokaro Sadhu: बच्चा चोर समझकर 5 साधुओं की बेरहमी से पिटाई, बोकारो के बंशीडीह में भीड़ ने पार की हदें, यूपी से आए थे भिक्षा मांगने

बोकारो के चास में बच्चा चोरी की अफवाह ने 5 बेकसूर साधुओं की जान जोखिम में डाल दी। यूपी से आए इन साधुओं को भीड़ ने निर्दयता से पीटा, जिसके बाद पुलिस ने रेस्क्यू कर उन्हें बचाया। अफवाहों के पीछे के खौफनाक सच और पुलिस की चेतावनी की पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है वरना आप इस खूनी साजिश की हकीकत से अनजान रह जाएंगे।

Feb 14, 2026 - 15:58
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Bokaro Sadhu: बच्चा चोर समझकर 5 साधुओं की बेरहमी से पिटाई, बोकारो के बंशीडीह में भीड़ ने पार की हदें, यूपी से आए थे भिक्षा मांगने
Bokaro Sadhu: बच्चा चोर समझकर 5 साधुओं की बेरहमी से पिटाई, बोकारो के बंशीडीह में भीड़ ने पार की हदें, यूपी से आए थे भिक्षा मांगने

बोकारो/चास, 14 फरवरी 2026 – झारखंड के बोकारो जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। चास थाना क्षेत्र के बंशीडीह गांव में शनिवार को 'बच्चा चोर' की एक झूठी अफवाह ने खूनी रूप ले लिया। उत्तर प्रदेश के संभल जिले से आए पांच निर्दोष साधुओं को ग्रामीणों ने घेरकर मौत के घाट उतारने की कोशिश की। लाठी-डंडों से लैस उग्र भीड़ ने बिना कुछ सोचे-समझे साधुओं पर हमला कर दिया। अगर समय रहते चास पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती, तो आज बोकारो की धरती पर एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

अफवाह का जहर: देखते ही देखते 'कातिल' बन गई भीड़

घटना उस समय की है जब यूपी नंबर की गाड़ी से उतरे पांच साधु गांव में भिक्षा मांग रहे थे।

  • शक की चिंगारी: साधुओं की वेशभूषा और बाहरी नंबर की गाड़ी देखकर कुछ लोगों ने बिना किसी आधार के 'बच्चा चोर' का शोर मचा दिया।

  • बेरहम पिटाई: देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। साधु अपनी बेगुनाही की गुहार लगाते रहे, लेकिन भीड़ ने उन्हें बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।

  • पुलिस का रेस्क्यू: चास थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह साधुओं को भीड़ के चंगुल से निकाला और सुरक्षित थाने ले गई। मुख्यालय डीएसपी प्रवीण कुमार सिंह ने खुद सभी साधुओं से लंबी पूछताछ की।

जांच में सच आया सामने: साधु निकले बेकसूर

पुलिस की गहन जांच में यह पूरी तरह साफ हो गया कि साधु कोई अपराधी नहीं, बल्कि केवल भिक्षाटन (भिक्षा मांगना) के लिए झारखंड आए थे।

  1. कोई सबूत नहीं: साधुओं के पास से बच्चा चोरी या किसी भी आपराधिक गतिविधि से जुड़ा कोई दस्तावेज या संदिग्ध सामान नहीं मिला।

  2. पुलिस का स्टैंड: डीएसपी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद साधुओं को छोड़ दिया गया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि साधु लिखित शिकायत करते हैं, तो मारपीट करने वाली भीड़ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बोकारो साधु कांड: मुख्य विवरण (Quick Snapshot)

विवरण प्रमुख जानकारी (Key Facts)
स्थान बंशीडीह गांव, चास (बोकारो)
पीड़ित यूपी (संभल) के 5 साधु
वजह बच्चा चोरी की अफवाह
पुलिस कार्रवाई समय रहते रेस्क्यू और जांच में निर्दोष पाए गए
अपील अफवाहों पर ध्यान न दें, 112 डायल करें

एसपी की सख्त चेतावनी: कानून हाथ में लिया तो होगी जेल

बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने इस घटना के बाद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है:

  • 112 का उपयोग करें: किसी भी संदिग्ध को देखते ही खुद फैसला न करें, तुरंत पुलिस को सूचित करें।

  • सोशल मीडिया पर नजर: बिना पुष्टि के कोई भी मैसेज शेयर करना अपराध है। पुलिस की साइबर सेल अफवाह फैलाने वालों को ट्रैक कर रही है।

  • जिम्मेदार बनें: कानून हाथ में लेना खुद एक बड़ा अपराध है, जिसके लिए उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

मानवता और कानून का इम्तिहान

बंशीडीह की इस घटना ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या हम इतने हिंसक हो गए हैं कि किसी की जान लेने से पहले सच जानना भी जरूरी नहीं समझते? पुलिस की मुस्तैदी ने पांच जिंदगियां बचा लीं, लेकिन अफवाहों के इस वायरस का इलाज केवल जागरूकता ही है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।