Chakradharpur Mob : चक्रधरपुर में बच्चा चोर समझकर बुजुर्ग महिला को बेदम पीटा, मौत के मुंह से पुलिस ने निकाला

चक्रधरपुर के रामडा गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के बाद ग्रामीणों ने एक अज्ञात वृद्ध महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी। थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने मौके पर पहुँचकर महिला को सुरक्षित बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील और सख्त कार्रवाई की चेतावनी।

Mar 9, 2026 - 16:55
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Chakradharpur Mob :  चक्रधरपुर में बच्चा चोर समझकर बुजुर्ग महिला को बेदम पीटा, मौत के मुंह से पुलिस ने निकाला
Chakradharpur Mob : चक्रधरपुर में बच्चा चोर समझकर बुजुर्ग महिला को बेदम पीटा, मौत के मुंह से पुलिस ने निकाला

चक्रधरपुर/पश्चिमी सिंहभूम, 9 मार्च 2026 – पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत हाथिया पंचायत के रामडा गांव में सोमवार को अफवाहों के चलते मानवता शर्मसार हो गई। बच्चा चोरी के संदेह में उग्र ग्रामीणों ने एक अज्ञात वृद्ध महिला को घेरकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना इतनी हिंसक थी कि महिला की जान पर बन आई थी। गनीमत रही कि चक्रधरपुर पुलिस को समय रहते सूचना मिल गई, जिससे एक और 'मॉब लिंचिंग' की घटना को होने से टाल दिया गया।

शक, अफवाह और फिर खूनी हिंसा

रामडा गांव में सोमवार को यह सनसनीखेज घटना तब शुरू हुई जब एक अज्ञात वृद्ध महिला को गांव की गलियों में भटकते देखा गया।

  • संदेह की शुरुआत: गांव के कुछ लोगों को महिला की मौजूदगी पर शक हुआ। बिना किसी ठोस आधार के किसी ने 'बच्चा चोर' चिल्लाना शुरू कर दिया।

  • जंगल की आग जैसी अफवाह: देखते ही देखते पूरे गांव में यह खबर फैल गई कि बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है। गुस्साए ग्रामीणों ने महिला को घेर लिया और सवाल-जवाब करने लगे।

  • बेरहम पिटाई: जब महिला डर के मारे ठीक से जवाब नहीं दे पाई, तो भीड़ ने कानून हाथ में ले लिया। लात-घूंसों और डंडों से महिला की बुरी तरह पिटाई की गई, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ी।

पुलिस की 'एंट्री' और रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की गंभीरता को भांपते हुए चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार दल-बल के साथ तुरंत रामडा गांव पहुँचे।

  1. सुरक्षित रेस्क्यू: पुलिस ने उत्तेजित भीड़ के बीच से महिला को निकाला और तुरंत अपनी पीसीआर वैन (PCR Van) में बिठाया।

  2. अस्पताल में इलाज: महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया।

  3. शिनाख्त की कोशिश: उपचार के बाद महिला को थाने लाया गया है। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त या रास्ता भटकी हुई लग रही है। पुलिस उसके परिजनों का पता लगाने के लिए आसपास के थानों से संपर्क कर रही है।

थाना प्रभारी की चेतावनी: "कानून हाथ में लिया तो होगी जेल"

चक्रधरपुर पुलिस ने इस घटना के बाद पूरे प्रखंड में अलर्ट जारी किया है।

  • सख्त हिदायत: पुलिस ने ग्रामीणों को चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत 100 नंबर पर डायल करें या नजदीकी थाने को सूचित करें। खुद सजा देने की कोशिश करना आपको सलाखों के पीछे पहुँचा सकता है।

  • शांति की अपील: पुलिस सोशल मीडिया और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से अपील कर रही है कि वे बच्चा चोरी जैसी आधारहीन अफवाहों पर ध्यान न दें।

घटना का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में

विवरण प्रमुख जानकारी
घटनास्थल रामडा गांव, हाथिया पंचायत (चक्रधरपुर)
पीड़ित अज्ञात वृद्ध महिला (करीब 65 वर्ष)
आरोप बच्चा चोरी का झूठा संदेह
बचावकर्ता थाना प्रभारी अवधेश कुमार एवं टीम
वर्तमान स्थिति महिला सुरक्षित, आरोपियों की तलाश जारी

मानवता पर अफवाह का प्रहार

रामडा की यह घटना एक बार फिर हमारी सामाजिक चेतना पर सवाल खड़े करती है। एक बुजुर्ग महिला, जो शायद अपनों से बिछड़कर गांव तक आ पहुँची थी, उसे भीड़ ने अपनी सनक का शिकार बनाया। अगर पुलिस चंद मिनट की देरी करती, तो आज चक्रधरपुर के नाम पर एक काला धब्बा लग जाता। अब समय है कि हम अफवाहों के खिलाफ एकजुट हों और निर्दोषों की रक्षा करें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।