Kapali Crime: बाबन बीघा के जंगलों में मिला अज्ञात युवक का जला हुआ शव, हाथ की अंगूठी और रहस्यमयी आधार कार्ड से कपाली में मची भारी सनसनी
सरायकेला-खरसावां के कपाली ओपी अंतर्गत बाबन बीघा के जंगलों में एक युवक का जला हुआ शव मिलने से हड़कंप मच गया है। मौके से मिले एक संदिग्ध आधार कार्ड, हाथ की अंगूठी और लापता मुस्तकीन चप्पल वाला के परिजनों के दावों की पूरी लाइव ऑन-फील्ड रिपोर्ट यहाँ देखें।
कपाली/जमशेदपुर, 26 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर से बिल्कुल सटे सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी (आउटपोस्ट) क्षेत्र अंतर्गत डैमडूबी अंसार के घने फॉरेस्ट इलाके के बाबन बीघा में मंगलवार की दोपहर एक अज्ञात युवक का आधा जला हुआ क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे कोल्हान अंचल में सनसनी और दहशत फैल गई है। शव का अधिकांश हिस्सा आग की लपटों में इस कदर झुलस चुका था कि प्रथम दृष्टया मृतक की शिनाख्त करना नामुमकिन साबित हो रहा था। इस खौफनाक वारदात की लाइव भनक लगते ही जंगलनुमा इलाके में सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। कपाली ओपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे बाबन बीघा फॉरेस्ट एरिया को चारों तरफ से कॉर्डन ऑफ (घेराबंदी) कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। चश्मदीदों और पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, अपराधियों ने युवक की किसी अन्य गुप्त स्थान पर बर्बरतापूर्वक हत्या की और फिर साक्ष्यों को मिटाने व मृतक की पहचान छुपाने के क्रिमिनल इरादे से शव को यहाँ लाकर केरोसिन या केमिकल डालकर फूंक दिया।
तफ्तीश की इनसाइड स्टोरी: वो हाथ की सीक्रेट अंगूठी और किसी दूसरे के नाम का रहस्यमयी दस्तावेज
कपाली ओपी पुलिस और घटनास्थल पर मौजूद खोजी दस्ते से मिली लाइव ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह अंधा कत्ल (Blind Murder) एक बेहद गहरी और शातिर साजिश की ओर इशारा करता है।
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लापता 'मुस्तकीन चप्पल वाला' का एंगल: जैसे ही शव मिलने की खबर फैली, कपाली के गौसनगर इलाके के रहने वाले एक लापता व्यक्ति मुस्तकीन, जिन्हें स्थानीय लोग प्यार से "मुस्तकीन चप्पल वाला" के नाम से जानते हैं, उनके रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे।
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अंगूठी से पहचान का दावा: परिजनों ने अधजले शव के हाथ की उंगली में बची रह गई एक खास अंगूठी को देखकर आशंका जताई है कि यह शव मुस्तकीन का ही हो सकता है। वे कई दिनों से संदिग्ध रूप से लापता चल रहे थे।
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दस्तावेज ने उलझाई गुत्थी: सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस ने शव के पास से एक पहचान पत्र (आधार कार्ड) बरामद किया है। हालांकि, पुलिस और परिजनों को अंदेशा है कि यह कार्ड किसी अन्य व्यक्ति का है, जिसे जानबूझकर पुलिस तफ्तीश को भटकाने और गुमराह करने के लिए हत्यारों द्वारा वहां प्लांट किया गया था। कपाली पुलिस ने इस संदिग्ध पहचान पत्र को सुरक्षित जब्त कर लिया है।
प्रशासनिक नाकेबंदी: तकनीकी सर्विलांस सेल एक्टिव, सीसीटीवी फुटेज की हो रही लाइव स्कैनिंग
सरायकेला जिला पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कपाली ओपी प्रभारी ने मामले की कमान संभाल ली है।
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शव का पोस्टमार्टम: पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया है, जहां डॉक्टरों का एक पैनल डीएनए (DNA) सैंपलिंग के जरिए पहचान सुनिश्चित करेगा।
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सर्च ऑपरेशन चालू: बाबन बीघा और डैमडूबी अंसार फॉरेस्ट की ओर आने-जाने वाले सभी कच्चे-पक्के रास्तों पर लगे नाइट-विजन सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि सोमवार रात और मंगलवार दोपहर के बीच जंगलों में घुसी संदिग्ध गाड़ियों का सुराग मिल सके।
फॉरेस्ट कॉरिडोर में स्मार्ट पुलिस पिकेट, बायोमेट्रिक पहचान और त्वरित डीएनए जांच समय की मांग
कपाली के बाबन बीघा के जंगलों में हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात ने सरायकेला और जमशेदपुर की सीमा पर स्थित वन क्षेत्रों की सुरक्षा और पुलिस गश्ती के दावों की कलई खोलकर रख दी है। अगर 2026 के इस डिजिटल और हाई-टेक युग में भी अपराधी खुलेआम जंगलों में शवों को फूंक कर चले जा रहे हैं, तो यह स्थानीय कानून व्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। केवल सीसीटीवी फुटेज खंगालने से न्याय नहीं मिलेगा। सरायकेला पुलिस अधीक्षक को तुरंत संज्ञान लेते हुए डैमडूबी अंसार और बाबन बीघा के प्रवेश द्वारों पर 'स्मार्ट पुलिस पिकेट' (Smart Police Picket) और रिफ्लेक्टिव बैरियर स्थापित करने चाहिए। इसके साथ ही, बरामद शव और संदिग्ध दस्तावेजों की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को तत्काल डीएनए (DNA) और फोरेंसिक टेस्ट की रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर मंगानी होगी, ताकि "मुस्तकीन चप्पल वाला" के परिजनों को सच का पता चल सके और इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री के पीछे छिपे हत्यारों को फांसी के फंदे तक पहुंचाकर कपाली के इस ऐतिहासिक वन क्षेत्र को अपराधियों के इस डार्क और हिंसक इतिहास से हमेशा के लिए मुक्त कराया जा सके।
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