Jamshedpur Crash : चांडिल हाईवे पर ओवरटेक के चक्कर में पलटीं पिकअप और स्विफ्ट कार, मची चीख-पुकार
जमशेदपुर-रांची एनएच-33 पर चांडिल के आसनबनी-बिरिगोड़ा हड्डी गोदाम के पास ओवरटेक करने के चक्कर में पिकअप वैन और स्विफ्ट कार के परखच्चे उड़ गए। दोनों गाड़ियां पलट गईं, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/चांडिल, 19 मई 2026 – टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-33) पर रफ्तार और अंधाधुंध ओवरटेकिंग का एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने राहगीरों की रूह कंपा दी। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत आसनबनी-बिरिगोड़ा स्थित हड्डी गोदाम के समीप मंगलवार की शाम एक तेज रफ्तार पिकअप वैन और अनियंत्रित स्विफ्ट कार के बीच भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों गाड़ियां हवा में लहराते हुए सड़क के बीचों-बीच पलट गईं। हादसे के बाद हाईवे पर मलबे और चीख-पुकार के बीच अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि कार में सवार तीन लोगों की जान बाल-बाल बच गई, जिसे स्थानीय लोग एक बड़ा चमत्कार मान रहे हैं। दुर्घटना के बाद नेशनल हाईवे पर दोनों ओर से वाहनों के पहिए थम गए और सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
वारदात की दास्तां: हड्डी गोदाम के पास ओवरटेक का जूनून, पलट गईं दोनों गाड़ियां और हाईवे पर हाई वोल्टेज ड्रामा
चांडिल थाना पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, यह हादसा पूरी तरह से हाईवे पर एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ का नतीजा है।
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जमशेदपुर से रांची की रेस: मंगलवार शाम को सफेद रंग की स्विफ्ट कार और मालवाहक पिकअप वैन दोनों ही जमशेदपुर (टाटानगर) से रांची की ओर बेहद तेज गति से जा रहे थे।
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गलत साइड से ओवरटेकिंग की कोशिश: जैसे ही दोनों गाड़ियां चांडिल के आसनबनी-बिरिगोड़ा क्षेत्र में स्थित हड्डी गोदाम के पास पहुंचीं, ढलान पर आगे निकलने की होड़ में दोनों वाहनों के चालकों ने एक-दूसरे को कट मारने की कोशिश की। इसी दौरान पिकअप और कार के बीच जोरदार साइड टक्कर हुई।
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सड़क पर पलटे दोनों वाहन: साइड लगते ही दोनों गाड़ियों के चालकों ने नियंत्रण खो दिया। पिकअप वैन और स्विफ्ट कार सड़क पर घिसटते हुए पलट गईं। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जबकि पिकअप का चेसिस मुड़ गया।
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राहगीरों ने बचाई जान: दुर्घटना होते ही महुआ और ढाबा संचालकों के साथ स्थानीय ग्रामीण तुरंत हाईवे की तरफ दौड़े। लोगों ने जान जोखिम में डालकर स्विफ्ट कार के दरवाजे को लोहे के रॉड से तोड़ा और उसमें फंसे तीन यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। पिकअप वैन के एक शख्स को मामूली चोटें आई हैं, जिसे पास के क्लिनिक में प्राथमिक उपचार दिया गया।
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आपसी दोषारोपण का ड्रामा: हादसे के बाद बीच सड़क पर ही दोनों पक्षों के बीच हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। कार सवारों ने पिकअप चालक पर रॉन्ग साइड से दबाने का आरोप लगाया, तो पिकअप वाले ने कार चालक पर अंधाधुंध कट मारने की लापरवाही मढ़ी।
प्रशासनिक रुख: चांडिल पुलिस ने क्रेन से हटवाया मलबा, एनएच-33 पर सुरक्षा बढ़ाने की उठी मांग
सड़क जाम की सूचना मिलते ही चांडिल थाना पुलिस की पेट्रोलिंग टीम तुरंत घटना स्थल पर सक्रिय हुई।
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यातायात कराया बहाल: पुलिस ने स्थानीय युवकों की मदद से सबसे पहले दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन के जरिए हाईवे के बीच से हटाकर सड़क किनारे करवाया, जिसके बाद लगभग एक घंटे से बाधित टाटा-रांची मार्ग पर गाड़ियों का परिचालन दोबारा सामान्य हो सका।
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सख्त कानून व्यवस्था की मांग: आसनबनी के स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि टाटा-रांची फोरलेन बनने के बाद से इस मरणमयी टर्निंग और हड्डी गोदाम के पास गाड़ियां 110 किमी/घंटे से ऊपर की रफ्तार में चलती हैं। यहां आए दिन हो रहे हादसों को रोकने के लिए पुलिस स्पीड गन क्यों नहीं लगाती।
केवल गाड़ियों की जब्ती नहीं, हाईवे पर रडार और सीसीटीवी को एक्टिव करना समय की मांग
चांडिल थाना पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन आसनबनी-बिरिगोड़ा के इस हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और सरायकेला जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। आज कार सवार तीन लोगों की जान किस्मत की बदौलत बच गई, लेकिन हर बार लोग इतने भाग्यशाली नहीं होते। जब तक एनएच-33 के इस पूरे कमर्शियल कॉरिडोर पर परमानेंट हाईवे पुलिस की गश्त, गति सीमा तय करने वाले डिजिटल बोर्ड और ओवरटेक करने वाले वाहनों का ऑनलाइन चालान काटने की व्यवस्था लागू नहीं होगी, तब तक चांडिल का यह खूबसूरत हाईवे मासूम जिंदगियों को यूं ही लीलता रहेगा।
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