Jamshedpur OLA Fire : जमशेदपुर में ओला पार्किंग हादसा: आग की लपटों में 10+ गाड़ियां स्वाहा – ट्रांसफार्मर फटता तो मरते सैकड़ों! क्या आपका इलाका भी असुरक्षित?

जमशेदपुर घोड़ाबांधा में ओला सर्विस सेंटर की अवैध पार्किंग में रात 11 बजे भयंकर आग, कई कारें जलीं। वन भूमि कब्जा, ट्रांसफार्मर खतरा – प्रशासन की लापरवाही उजागर। जांच की मांग, जानें क्या हुआ और क्यों?

Nov 3, 2025 - 14:36
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Jamshedpur  OLA Fire :  जमशेदपुर में ओला पार्किंग हादसा: आग की लपटों में 10+ गाड़ियां स्वाहा – ट्रांसफार्मर फटता तो मरते सैकड़ों! क्या आपका इलाका भी असुरक्षित?
Jamshedpur OLA Fire : जमशेदपुर में ओला पार्किंग हादसा: आग की लपटों में 10+ गाड़ियां स्वाहा – ट्रांसफार्मर फटता तो मरते सैकड़ों! क्या आपका इलाका भी असुरक्षित?

जमशेदपुर, 3 नवंबर 2025 (न्यूज एडिटर डेस्क): टाटा नगरी जमशेदपुर में रविवार देर रात एक ऐसी आग लगी जो न सिर्फ गाड़ियों को राख कर गई, बल्कि प्रशासन की नींद उड़ा दी। गोविंदपुर थाना क्षेत्र के घोड़ाबांधा में ओला सर्विस सेंटर के बाहर अवैध पार्किंग में खड़ी कई लग्जरी कारें अचानक आग की लपटों में घिर गईं। रात करीब 11 बजे शुरू हुई यह त्रासदी देखते ही देखते विकराल हो गई, और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अगर आग पास के ट्रांसफार्मर तक पहुंच जाती, तो बड़ा विस्फोट हो सकता था – सैकड़ों जिंदगियां खतरे में पड़ जातीं!

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सबकुछ एक कार से धुआं उठने के साथ शुरू हुआ। "अचानक धुआं निकला, फिर धड़ाक से आग भड़क उठी। पास खड़ी दूसरी गाड़ियां भी चपेट में आ गईं," एक स्थानीय निवासी ने डरते हुए कहा। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि आसपास के घरों से लोग चीखते-चिल्लाते बाहर निकले। लोकल लोगों ने बाल्टियां और पानी से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को फोन किया गया। देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन – दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अच्छी बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन 10 से ज्यादा गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। नुकसान करोड़ों में बताया जा रहा है।

लेकिन असली कहानी आग के पीछे छिपी है। इलाके वालों का गुस्सा ओला सर्विस सेंटर के मालिक तापस दास पर फूट पड़ा। आरोप है कि तापस ने ओला कंपनी की मिलीभगत से वन विभाग की जमीन और सड़क किनारे को अवैध रूप से पार्किंग में बदल दिया। "हमने कई बार शिकायत की – वन विभाग, पुलिस, नगर निगम सबको बताया, लेकिन कोई एक्शन नहीं। यह पार्किंग रोड ब्लॉक करती है, ट्रैफिक जाम लगता है," एक प्रदर्शनकारी ने चेतावनी दी। सबसे डरावना – पार्किंग के ठीक सामने हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर लगा है। "आग वहां पहुंचती तो ब्लास्ट होता, पूरे मोहल्ले में तबाही मच जाती!"

नागरिकों ने इसे सीधी प्रशासनिक लापरवाही करार दिया। "वन भूमि को मुक्त करो, अवैध पार्किंग हटाओ! आगजनी की CBI जांच हो, दोषियों को सजा मिले," मांगों की बौछार लगी। सोमवार सुबह से ही लोग सड़क पर उतरे, नारेबाजी की। गोविंदपुर थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर शांति बहाली की कोशिश की, लेकिन गुस्सा ठंडा नहीं हो रहा।

यह घटना जमशेदपुर की बढ़ती अवैध कब्जा संस्कृति पर सवाल उठाती है। ओला जैसी बड़ी कंपनी का नाम जुड़ने से मामला और गंभीर हो गया। क्या वन विभाग अब जागेगा? पुलिस FIR दर्ज करेगी? या फिर यह आग सिर्फ गाड़ियां जला कर शांत हो जाएगी? फिलहाल, घोड़ाबांधा के लोग अलर्ट पर हैं – अगला निशाना उनका घर न बने!

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Team India मैंने कई कविताएँ और लघु कथाएँ लिखी हैं। मैं पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हूं और अब संपादक की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा हूं।