Patratu Tragedy : जन्मदिन मनाकर लौट रहे दो दोस्तों की सड़क हादसे में मौत, पूरी रात घायल अवस्था में तड़पते रहे मासूम!
पतरातू डैम से जन्मदिन की खुशियां मनाकर बाइक से घर लौट रहे सौंदा डी निवासी अभिषेक और राहुल की बासल सियारी टोला के पास हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना की पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
रामगढ़/बासल, 3 जून 2026 – झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पतरातू घाटी और रामगढ़ जिले के बासल थाना क्षेत्र (Bhasal Police Station) से एक बेहद ही हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मंगलवार को अपने एक दोस्त का जन्मदिन मनाने निकले दो होनहार युवकों की घर वापसी कभी नहीं हो सकी। बासल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सियारी टोला के मुहाने पर हुए एक दर्दनाक और रूह कँपा देने वाले सड़क हादसे में दोनों गहरे दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे का सबसे विचलित करने वाला डार्क पहलू यह रहा कि आधी रात को एक्सीडेंट होने के बाद दोनों युवक सड़क से दूर पूरी रात लहूलुहान अवस्था में तड़पते रहे, लेकिन सुनसान इलाका होने के कारण किसी को भनक तक नहीं लगी। बुधवार की सुबह जब ग्रामीणों ने दोनों के शवों को देखा, तब जाकर इस खौफनाक सच का खुलासा हुआ।
हादसे की लाइव इनसाइड स्टोरी: 100 फीट दूर दीवार से टकराई बाइक, रातभर ढूंढते रहे परिजन
बासल थाना पुलिस और सौंदा डी गांव के स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से मिली लाइव ऑन-फील्ड जानकारी के मुताबिक, यह खूनी खेल मंगलवार की देर रात का है:
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बर्थडे की खुशियों का सफर: सौंदा डी निवासी अभिषेक शर्मा उर्फ संदीप कुमार का मंगलवार को जन्मदिन था। इसी खुशी में वह अपने सबसे पक्के दोस्त राहुल कुमार के साथ बाइक पर सवार होकर पतरातू डैम (Patratu Dam) के पास स्थित एक आलीशान होटल में पार्टी करने गया था।
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अंधेरे में बेकाबू हुई रफ्तार: देर रात करीब 1 बजे होटल से घर लौटने के दौरान सियारी टोला के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। रफ्तार इतनी तेज थी कि बाइक डिवाइडर को पार करते हुए सड़क से करीब 100 फीट दूर झाड़ियों में जा घुसी और एक अर्धनिर्मित मकान की पक्की दीवार से सीधी जा भिड़ी।
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खून से लथपथ पड़े रहे शव: टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों के सिर और छाती में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) के कारण उन्होंने कुछ ही मिनटों में दम तोड़ दिया। रात का सन्नाटा होने की वजह से किसी राहगीर की नजर उन पर नहीं पड़ी। दूसरी तरफ, रातभर परिजन उनके मोबाइल पर कॉल करते रहे और रिश्तेदारों के यहाँ ढूंढते रहे। सुबह ग्रामीणों की सूचना पर बासल पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया।
सदर अस्पताल रामगढ़ में पोस्टमार्टम, रिफ्लेक्टर और डेंजर साइन बोर्ड जरूरी
बासल थाना प्रभारी ने त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए दोनों दोस्तों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल रामगढ़ भेज दिया है। पुलिस प्राथमिक जांच में इसे ओवरस्पीडिंग और नियंत्रण खोने का मामला मान रही है। जैसे ही दोनों के शव सौंदा डी गांव पहुंचे, पूरे मोहल्ले में कोहराम मच गया और घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
2026 के इस आधुनिक दौर में, जब सड़कों को चौड़ा और हाई-टेक बनाया जा रहा है, तब सुनसान मोड़ों पर इस तरह की मौतें होना बेहद चिंताजनक है। इस खूनी ढर्रे को स्थायी रूप से रोकने के लिए बासल पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सियारी टोला और अर्धनिर्मित रिहायशी अंचलों के पास बड़े रिफ्लेक्टर लाइट (Reflectors) और स्पीड ब्रेकर लगाने होंगे। साथ ही, पतरातू होटल एसोसिएशन को भी एक गाइडलाइन जारी करनी होगी कि देर रात को चेक-आउट करने वाले बाइक सवारों को सुरक्षा मानकों और हेलमेट के प्रति सचेत किया जाए, ताकि दोबारा किसी मां की गोद इस तरह सूनी न हो।
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