Palamu Murder: रामगढ़ के सेमर मरवा जंगल में मिला लापता नान्हू सिंह का क्षत-विक्षत शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
झारखंड के पलामू जिले के रामगढ़ थाना अंतर्गत पीढ़े गांव से 4 दिनों से लापता नान्हू सिंह का क्षत-विक्षत शव सेमर मरवा जंगल से बरामद किया गया है। परिजनों ने मर्डर की आशंका जताते हुए पुलिस को कई गुप्त सुराग सौंपे हैं। पूरी लाइव ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
पलामू/रामगढ़, 19 मई 2026 – झारखंड के पलामू जिले के सुदूरवर्ती रामगढ़ थाना क्षेत्र से एक बेहद रोंगटे खड़े कर देने वाली सनसनीखेज खबर सामने आई है। पिछले चार दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता पीढ़े गांव के एक युवक का क्षत-विक्षत शव पुलिस ने सेमर मरवा के घने जंगलों से बरामद किया है। मृतक की पहचान नान्हू सिंह के रूप में की गई है, जो बीते 14 मई को एक शादी समारोह में शामिल होने की बात कहकर घर से निकला था। शव की डरावनी स्थिति को देखकर परिजनों ने सीधे तौर पर सुनियोजित हत्या (मर्डर) की आशंका जताई है और स्थानीय पुलिस प्रशासन को कुछ ऐसे नामजद सुराग दिए हैं जो इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे सकते हैं। इस रहस्यमय बरामदगी के बाद पूरे रामगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी तनाव और सन्नाटे का माहौल पसर गया है।
वारदात की दास्तां: शादी की खुशियों के बीच गायब हुआ नान्हू, जंगल में खोजबीन और क्षत-विक्षत शव का खौफनाक सच
रामगढ़ थाना पुलिस और पीढ़े गांव के चश्मदीद ग्रामीणों से मिली एक्सक्लूसिव इनपुट के अनुसार, इस खौफनाक वारदात की कड़ियां पिछले हफ्ते से जुड़ी हुई हैं।
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14 मई की आखिरी रात: नान्हू सिंह गत गुरुवार (14 मई 2026) को अपने परिवार से यह कहकर निकला था कि वह पास के ही एक रिश्तेदार के यहाँ शादी समारोह में शामिल होने जा रहा है। शादी के जश्न के बाद जब वह अगले दिन तक घर नहीं लौटा, तो परिजनों के कान खड़े हुए।
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चार दिनों का अंतहीन इंतजार: रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों में खाक छानने के बाद भी जब नान्हू का कोई सुराग नहीं मिला, तो ग्रामीणों ने अपने स्तर पर जंगलों और पहाड़ों में सर्च ऑपरेशन चलाने का फैसला किया।
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मंगलवार को सेमर मरवा में मिला शव: मंगलवार को जब पीढ़े गांव के दर्जनों ग्रामीण ढूंढते हुए रामगढ़ के कुख्यात और घने सेमर मरवा जंगल के भीतर पहुंचे, तो वहां झाड़ियों के बीच एक सड़ा-गला शव पड़ा हुआ दिखाई दिया। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे जंगली जानवरों ने भी नुकसान पहुंचाया था। कपड़ों और कद-काठी के आधार पर परिजनों ने चीखते हुए उसकी पहचान नान्हू सिंह के रूप में की।
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थाना प्रभारी का ऑन-फील्ड एक्शन: सूचना मिलते ही रामगढ़ थाना प्रभारी ओमप्रकाश शाह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर ग्रामीणों की मदद से शव को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया और तुरंत पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर (डालतगंज) सदर अस्पताल भेज दिया।
प्रशासनिक रुख: हत्या बनाम आत्महत्या का उलझा जाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सुई
इस पूरे मामले में पुलिस और परिजनों के दावों के बीच एक बड़ा विरोधाभास खड़ा हो गया है।
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परिजनों का हत्या का दावा: नान्हू के परिवार वालों का साफ कहना है कि उसकी किसी के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। शादी के बहाने बुलाकर उसे रास्ते से हटाया गया है और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को सेमर मरवा के इस बीहड़ जंगल में फेंका गया। परिजनों ने पुलिस को कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर और नाम भी सौंपे हैं।
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पुलिस का शुरुआती अनुमान: दूसरी ओर, रामगढ़ थाना प्रभारी ओमप्रकाश शाह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या (Suicide) का भी प्रतीत हो रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस हर पहलू पर गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों (गला घोंटा गया या जहर दिया गया) का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।
फॉरेंसिक जांच और संदिग्धों की कॉल डिटेल खंगालना बेहद जरूरी
रामगढ़ थाना प्रभारी ओमप्रकाश शाह और उनकी टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी शुरुआती कानूनी प्रक्रिया तो शुरू कर दी है, लेकिन नान्हू सिंह की मौत ने पलामू पुलिस की विंग पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 14 मई से लापता युवक की तलाश के लिए पुलिस ने समय रहते कोई मुस्तैदी क्यों नहीं दिखाई? परिजनों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुरागों और संदिग्धों के खिलाफ तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाना चाहिए। जब तक सेमर मरवा जंगल के इस रूट पर पुलिस पेट्रोलिंग नहीं बढ़ाई जाएगी और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं होगा, तब तक पलामू के इन शांत गांवों में ऐसे खूनी सस्पेंस सामने आते रहेंगे।
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