Sitaramdera Theft: सीतारामडेरा में सूने घर को चोरों ने बनाया निशाना, बैंगलोर गए पटनायक परिवार के लाखों के जेवरात और नकदी पार
जमशेदपुर के सीतारामडेरा लाइन नंबर 9 में चोरों ने प्रबीर कुमार पटनायक के बंद मकान का ताला तोड़कर लाखों की बड़ी चोरी को अंजाम दिया है। कामवाली बाई के खुलासे और पुलिस-फॉरेंसिक जांच की पूरी इनसाइड ग्राउंड रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर, 19 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के लाइन नंबर 9 (मकान संख्या 257) से एक बेहद सनसनीखेज और शातिराना चोरी की वारदात सामने आई है। शहर के बीचों-बीच स्थित एक रिहायशी इलाके में शातिर चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए अलमारियों के लॉकर तोड़ डाले और भीतर रखे लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और भारी नकदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। यह घर प्रबीर कुमार पटनायक का है, जो इस वक्त शहर से बाहर हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर दहशत का माहौल है और पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए फॉरेंसिक टीम के साथ स्पेशल इनवेस्टिगेशन शुरू कर दी है।
वारदात की दास्तां: बैंगलोर गया था परिवार, पड़ोसी के पास थी चाबी और कामवाली ने खोला राज
यह हाई-प्रोफाइल चोरी बेहद शातिराना ढंग से उस वक्त अंजाम दी गई जब गृहस्वामी अपने परिवार के साथ दक्षिण भारत के सफर पर थे।
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बैंगलोर में है परिवार: गृहस्वामी प्रबीर कुमार पटनायक ने फोन पर बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ गत 8 मई से बैंगलोर में अपनी बेटी के पास समय बिता रहे हैं। उनका वापस जमशेदपुर लौटने का कार्यक्रम 15 जून को तय था।
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पड़ोसी की निगरानी में था घर: प्रबीर बाबू ने जाने से पहले अपने घर की सुरक्षा और देखरेख की कमान अपने भरोसेमंद पड़ोसी को सौंपी थी। घर की रोजाना साफ-सफाई के लिए आने वाली बाई सुबह पड़ोसी से चाबी लेती थी और काम करके वापस ताला बंद कर चाबी सौंप देती थी।
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रविवार रात तक सब ठीक था: जानकारी के अनुसार, रविवार की रात को भी कामवाली बाई हमेशा की तरह अपनी शिफ्ट पूरी कर घर को अच्छी तरह लॉक करके गई थी। आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने रेकी कर रविवार देर रात और सोमवार तड़के के बीच धावा बोला।
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ताला टूटा देख उड़े होश: सोमवार सुबह जब कामवाली बाई दोबारा ड्यूटी पर पहुंची, तो उसने देखा कि मुख्य दरवाजे का भारी ताला कटर से कटा हुआ जमीन पर पड़ा था। भीतर कदम रखते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमरों के अंदर अलमारियों के लॉकर बेरहमी से टूटे थे, कीमती कपड़े फर्श पर बिखरे थे और जेवरात के सारे बॉक्स खाली पड़े थे। उसने तुरंत चिल्लाकर पड़ोसियों को जुटाया।
प्रशासनिक रुख: डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने उठाए फिंगरप्रिंट्स
वारदात की सूचना मिलते ही मंगलवार को सीतारामडेरा थाने की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची।
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साक्ष्य जुटाने में जुटी टीम: मामले की संवेदनशीलता और बड़ी रकम की चोरी को देखते हुए जिला पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को घटना स्थल पर भेजा। एक्सपर्ट्स ने मुख्य दरवाजे, लॉकर के हैंडल और बिखरे सामानों से चोरों के फिंगरप्रिंट्स (Fingerprints) और फुटप्रिंट्स के वैज्ञानिक साक्ष्य इकट्ठे किए हैं।
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सीसीटीवी कैमरों की स्कैनिंग: पुलिस लाइन नंबर 9 और सीतारामडेरा मुख्य मार्ग पर लगे सभी निजी और सरकारी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि रविवार रात को इस रूट पर घूमी संदिग्ध गाड़ियों और नकाबपोशों का सुराग लगाया जा सके।
पड़ोसियों की सजगता और पुलिस गश्त पर उठे सवाल
प्रबीर कुमार पटनायक के घर हुई यह भीषण चोरी शहर के उन तमाम लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो गर्मियों में अपने घरों को बंद कर बाहर जा रहे हैं। जब पड़ोसी और कामवाली बाई दोनों एक्टिव थे, उसके बावजूद चोरों का इतनी आसानी से ताला कटर लेकर घुस जाना और लॉकर तोड़ना यह साबित करता है कि चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे। सीतारामडेरा पुलिस का यह दावा कि चोर जल्द पकड़े जाएंगे, तभी सच साबित होगा जब चोरी गया माल बरामद होगा। पुलिस को अब केवल फॉरेंसिक रिपोर्ट के भरोसे रहने के बजाय इन पॉश लाइनों में रात की गश्त (Night Patrolling) को कई गुना बढ़ाना होगा।
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