Jamtara Raid: जंगलों में छिपकर देश को लूट रहे 4 महाठग और फर्जी सिम सप्लायर गिरफ्तार, स्क्रीन शेयरिंग ऐप से उड़ाते थे करोड़ों
जामतारा के करमाटांड़ में पुलिस ने जंगलों में छापेमारी कर 4 शातिर साइबर ठगों और फर्जी सिम सप्लायर मुजाहिद अंसारी को रंगेहाथ दबोचा है। स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए देशव्यापी ठगी और एसपी शंभू कुमार सिंह की इस बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जामतारा, 19 मई 2026 – देश और दुनिया में साइबर अपराध के 'कैपिटल' के रूप में बदनाम झारखंड के जामताड़ा जिले में पुलिस ने एक बार फिर अपराधियों के साम्राज्य को नेस्तनाबूद करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। जामताड़ा जिला पुलिस की विशेष टीम ने करमाटांड़ के जंगलों और पेट्रोल पंप के पास समानांतर छापेमारी कर कुल पांच हाई-प्रोफाइल अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन में चार डिजिटल डकैतों के साथ-साथ साइबर अपराधियों की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले एक बड़े 'फर्जी सिम कार्ड सप्लायर' को भी रंगेहाथ दबोचा गया है। इस कार्रवाई के बाद से जामताड़ा के भूमिगत ठगी सिंडिकेट में पूरी तरह हड़कंप मच गया है।
वारदात की दास्तां: करमाटांड़ के जंगलों में बिछा जाल, स्क्रीन शेयरिंग ऐप और 'वकील ब्रदर्स' का अंत
यह हाई-वोल्टेज छापेमारी साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में गठित एक सीक्रेट टास्क फोर्स द्वारा करमाटांड़ थाना क्षेत्र में अंजाम दी गई।
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जंगलों में चल रही थी 'डिजिटल डकैती': पुलिस टीम को गुप्त इनपुट मिला था कि करमाटांड़ के बरमुंडी गांव के पास घने जंगलों में बैठकर कुछ शातिर ठग देश के बड़े उद्योगपतियों और आम जनता को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने जब चारों तरफ से घेराबंदी की, तो रंगेहाथ चार ठगों को फोन पर लाइव ठगी करते हुए पकड़ा गया।
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वकील गैंग की गिरफ्तारी: पकड़े गए अपराधियों की पहचान रिजवान वकील, बसीर वकील, सकलैन वकील और सफाउद्दीन वकील के रूप में हुई है, जो सभी बरमुंडी गांव के रहने वाले हैं। इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल, सिम और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।
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फर्जी सिम का किंगपिन दबोचा गया: एक अन्य समानांतर कार्रवाई में पुलिस ने कालाझरिया स्थित पेट्रोल पंप के पास जाल बिछाकर मटटांड़ निवासी मुजाहिद अंसारी को दबोच लिया। मुजाहिद का काम पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से फर्जी आईडी पर सिम कार्ड एक्टिवेट कराकर इन साइबर अपराधियों को थोक भाव में सप्लाई करना था।
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ठगी का डरावना 'स्क्रीन शेयर' मॉड्यूल: एसपी शंभू कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गैंग गूगल सर्च इंजन से देश के विभिन्न क्रेडिट/डेबिट कार्ड धारकों के मोबाइल नंबर चुराता था। इसके बाद ये बैंक अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते थे और 'कार्ड ब्लॉक होने' का डर दिखाकर उनके मोबाइल में AnyDesk या TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवा लेते थे। जैसे ही पीड़ित ऐप डाउनलोड करता, उसका पूरा मोबाइल हैक हो जाता और पलक झपकते ही खाते से लाखों रुपये साफ कर दिए जाते थे।
प्रशासनिक रुख: कई राज्यों में फैला नेटवर्क, भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर
जामतारा पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि इन अपराधियों का नेटवर्क स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय है।
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महाराष्ट्र और गुजरात रडार पर: पुलिस डायरी के अनुसार, इस गैंग ने हाल के दिनों में महाराष्ट्र, गुजरात और पश्चिम बंगाल के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया है। गिरफ्तार आरोपी रिजवान अंसारी पहले भी जामताड़ा साइबर थाने की जेल हवा खा चुका है।
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जब्त सामानों की सूची: पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 6 अवैध सिम कार्ड, 3 सक्रिय एटीएम कार्ड, 1 पैन कार्ड, 1 आधार कार्ड और वारदात में इस्तेमाल होने वाली 1 मोटरसाइकिल जब्त की है।
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नई धाराओं के तहत केस दर्ज: साइबर अपराध थाना में कांड संख्या 27/2026 और 28/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आईटी एक्ट और नए टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की सख्त और गैर-जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
केवल गिरफ्तारी नहीं, सिम ऑपरेटरों पर नकेल जरूरी
जामतारा एसपी शंभू कुमार सिंह और साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल की यह संयुक्त कार्रवाई निश्चित रूप से सराहनीय है। लेकिन यह घटना इस बात की ओर भी इशारा करती है कि जब तक टेलीकॉम कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर्स और मुजाहिद अंसारी जैसे सिम सप्लायरों के मुख्य सिंडिकेट को पूरी तरह कुचला नहीं जाता, तब तक जामताड़ा के जंगलों से होने वाली इस डिजिटल डकैती को रोकना नामुमकिन होगा। नए टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट के तहत की गई यह सख्त कानूनी कार्रवाई आने वाले दिनों में देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित करने में एक बड़ा उदाहरण बनेगी।
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