Jharkhand Weather: कोल्हान-रांची में अगले 4 दिन बरसेगा कहर, 50km की रफ्तार से आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी
झारखंड के रांची और कोल्हान के तीनों जिलों में अगले चार दिनों तक भारी आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी हुआ है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और मौसम विभाग की इस चेतावनी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/जमशेदपुर, 19 मई 2026 – भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप झेल रहे झारखंड के लोगों के लिए मौसम ने अचानक एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला यू-टर्न ले लिया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने मंगलवार को एक विशेष बुलेटिन जारी करते हुए राजधानी रांची सहित पूरे कोल्हान प्रमंडल में अगले 4 दिनों तक भारी तबाही और मौसमी बदलाव का बड़ा अलर्ट जारी किया है। आसमान में उमड़ते काले बादलों के बीच मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले 96 घंटे राज्य के कई हिस्सों के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं, जहां आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) काल बन सकती है।
कुदरत का यू-टर्न: 50 किमी की रफ्तार से बवंडर, भारी बारिश और वज्रपात का तांडव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और स्थानीय टर्फ लाइन के सक्रिय होने के कारण हुआ है।
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कोल्हान पर सबसे बड़ा खतरा: इस मौसमी बदलाव का सबसे घातक असर कोल्हान के तीनों औद्योगिक जिलों—पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) और सरायकेला-खरसावां पर पड़ने वाला है।
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चलेंगी विनाशकारी हवाएं: मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान धूलभरी आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है। इतनी तेज हवाएं कमजोर छतों, होर्डिंग्स और पेड़ों को उखाड़ने के लिए काफी हैं।
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बिजली गिरने की लाइव आशंका: बारिश के साथ-साथ बादलों की भीषण गड़गड़ाहट और वज्रपात (Lightning) की सबसे अधिक संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान खुले मैदानों में जाने से पूरी तरह बचें।
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इमरजेंसी गाइडलाइन जारी: बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को पक्के और सुरक्षित मकानों में शरण लेने की सलाह दी है। सफर कर रहे मुसाफिरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे भूलकर भी ऊंचे पेड़ों, कमजोर दीवारों या बिजली के खंभों के नीचे अपनी गाड़ियां खड़ी न करें।
कुदरत की चेतावनी को हल्के में लेना पड़ेगा भारी
मौसम विभाग द्वारा जारी यह 4 दिनों का अलर्ट केवल एक सामान्य बारिश की सूचना नहीं है, बल्कि यह आने वाले मॉनसून से पहले प्रकृति की एक बड़ी चेतावनी है। रांची से लेकर जमशेदपुर तक के जिला प्रशासनों को तुरंत एक्टिव मोड में आना होगा ताकि जर्जर बिजली के तारों और कमजोर पेड़ों को समय रहते दुरुस्त किया जा सके। आम जनता को भी केवल खिड़की से मौसम का लुत्फ उठाने के बजाय मौसम विभाग की गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करना चाहिए, क्योंकि 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का बवंडर और आकाशीय बिजली पल भर में किसी भी बड़ी लापरवाही को बड़े हादसे में बदल सकती है।
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