Potka Arrest: कलयुगी बेटे ने लाठी-डंडों से पीटकर पिता को उतारा मौत के घाट, मां के उत्पीड़न का बदला लेने का सनसनीखेज खुलासा
पोटका के चेमाइजुड़ी में मां के उत्पीड़न से गुस्साए बेटे विजय पात्र ने पिता अनिरुद्ध पात्र की लाठी से पीटकर हत्या कर दी। थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो की त्वरित छापेमारी और आरोपी की गिरफ्तारी की पूरी लाइव इनसाइड रिपोर्ट यहाँ देखें।
पोटका, 19 मई 2026 – कोल्हान संभाग के पूर्वी सिंहभूम जिले के ग्रामीण इलाके पोटका से एक बेहद दिल दहला देने वाली और रिश्तों को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। पोटका थाना क्षेत्र के धीरोल पंचायत अंतर्गत चेमाइजुड़ी गांव में एक कलयुगी बेटे ने अपने ही जन्मदाता पिता की लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देकर फरार चल रहे आरोपी बेटे को पोटका पुलिस ने एक गुप्त इनपुट के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया, जिसके बाद से पूरे इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
वारदात की दास्तां: शनिवार का खूनी तांडव, जमशेदपुर सदर अस्पताल में दम तोड़ा और मां का प्रतिशोध
यह खूनी पारिवारिक ड्रामा बीते शनिवार को चेमाइजुड़ी गांव के एक साधारण से दिखने वाले घर के भीतर घटित हुआ।
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लाठी-डंडों से अंधाधुंध हमला: शनिवार की दोपहर चेमाइजुड़ी निवासी विजय पात्र का अपने पिता अनिरुद्ध पात्र के साथ किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि तैश में आकर विजय ने घर में रखी भारी लाठी उठाई और अपने बुजुर्ग पिता पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।
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तड़पते पिता को छोड़ हुआ फरार: सिर और छाती पर गंभीर चोटें लगने के कारण अनिरुद्ध पात्र खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। पिता को मरणासन्न हालत में छोड़कर आरोपी बेटा विजय मौके से फरार हो गया।
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अस्पताल में थमी सांसें: घटना की जानकारी मिलते ही पोटका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान अनिरुद्ध को तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमशेदपुर भेजा। लेकिन अंदरूनी चोटें इतनी गहरी थीं कि डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान अनिरुद्ध पात्र ने दम तोड़ दिया।
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गिरफ्तारी और मां के उत्पीड़न की इनसाइड स्टोरी: पिता की मौत के बाद यह मामला सीधे हत्या (IPC 302/BNS) में तब्दील हो गया। पोटका थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो ने एक विशेष टीम बनाकर सोमवार को चेमाइजुड़ी गांव के ही एक छिपे हुए ठिकाने से आरोपी विजय पात्र को दबोच लिया। पुलिस कस्टडी में विजय ने जो कबूलनामा किया, वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि उसका पिता अनिरुद्ध अक्सर उसकी मां पर चरित्रहीनता के अनर्गल और झूठे आरोप लगाता था और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। मां की रोज-रोज की चीख-पुकार और प्रताड़ना का प्रतिशोध लेने के लिए उसने शनिवार को पिता पर जानलेवा हमला कर दिया था।
प्रशासनिक रुख: थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो का एक्शन, मंगलवार को भेजा जेल
पोटका पुलिस इस मामले को केवल एक सामान्य घरेलू विवाद नहीं मान रही, बल्कि इसे आवेश में आकर की गई सोची-समझी हत्या के तौर पर देख रही है।
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ताबड़तोड़ छापेमारी से मिली सफलता: थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो के नेतृत्व में पुलिस बल ने घटना के महज 48 घंटे के भीतर फरार आरोपी को दबोचकर अपनी प्रशासनिक मुस्तैदी का परिचय दिया है।
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न्यायिक हिरासत में आरोपी: मंगलवार को पोटका पुलिस ने घटना स्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई खून से सनी लाठी को जब्त किया और आरोपी विजय पात्र का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद उसे जमशेदपुर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
रिश्तों का कत्ल और सामाजिक सड़न पर बड़ा सवाल
पोटका के चेमाइजुड़ी गांव की यह वारदात समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है। मां के सम्मान की रक्षा करने के नाम पर पिता की जान ले लेना किसी भी सभ्य समाज में जायज नहीं ठहराया जा सकता। थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो और पोटका पुलिस ने आरोपी विजय को जेल भेजकर अपना कानूनी फर्ज तो पूरा कर दिया है, लेकिन एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह तबाह हो गया—पिता श्मशान घाट पहुंच गया और बेटा जेल की सलाखों के पीछे। ग्रामीण कोल्हान में बढ़ रही इस सामाजिक सड़न और घरेलू हिंसा को रोकने के लिए केवल पुलिसिया हंटर काफी नहीं है, बल्कि सामाजिक चेतना और युवाओं की मानसिक काउंसिलिंग की आज सबसे सख्त जरूरत है।
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