Potka Murder: 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की गला रेतकर बेरहमी से हत्या, डायन के संदेह में खूनी वारदात, कालिकापुर में पसरा सन्नाटा
पोटका के कालिकापुर में एक 70 वर्षीय महिला की गला रेतकर हत्या कर दी गई है। ग्रामीणों को संदेह है कि डायन के आरोप में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस की जांच और मौके की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/पोटका, 4 मार्च 2026 – पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका थाना क्षेत्र अंतर्गत कालिकापुर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों की बातों से जो संकेत मिल रहे हैं, वे समाज की एक कड़वी सच्चाई की ओर इशारा करते हैं—डायन बिसाही का संदेह।
खौफनाक मंजर: कालिकापुर और हड़पागुटु के बीच मिली लाश
मृतक महिला की पहचान ग्वालकाटा पंचायत के बोहड़ागुटु निवासी सुभाषिनी नायक (70 वर्ष) के रूप में हुई है।
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वारदात का तरीका: अज्ञात अपराधियों ने सुभाषिनी नायक को अकेले पाकर उन पर हमला किया। हमलावरों ने धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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शव की बरामदगी: बुधवार सुबह जब ग्रामीण कालिकापुर और हड़पागुटु के बीच के रास्ते से गुजर रहे थे, तब उनकी नजर सड़क किनारे पड़ी लहूलुहान लाश पर पड़ी। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पोटका पुलिस को दी।
पुलिस का एक्शन: थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही पोटका थाना प्रभारी संन्नी टोप्पो दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे।
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साक्ष्यों का संकलन: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी है। मौके से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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ग्रामीणों से पूछताछ: पुलिस स्थानीय लोगों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या पिछले कुछ दिनों से सुभाषिनी नायक का किसी के साथ विवाद चल रहा था या उन पर किसी तरह के आरोप लगाए जा रहे थे।
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डायन का संदेह: ग्रामीणों के बीच दबी जुबान में चर्चा है कि महिला को 'डायन' मानकर उसकी बलि चढ़ाई गई है या रंजिश निकाली गई है। हालांकि, पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रही है।
डायन कुप्रथा और कोल्हान का काला इतिहास
झारखंड का कोल्हान क्षेत्र (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला) दशकों से डायन कुप्रथा के दंश को झेल रहा है।
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इतिहास: 1990 के दशक से लेकर अब तक इस क्षेत्र में सैकड़ों महिलाओं को डायन के संदेह में अपनी जान गंवानी पड़ी है। सरकार ने 'डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम' लागू किया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अशिक्षा और अंधविश्वास के कारण यह खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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अंधविश्वास की जड़ें: अक्सर किसी बीमारी, फसल की बर्बादी या मवेशियों की मौत का ठीकरा बुजुर्ग महिलाओं पर फोड़ दिया जाता है, जिसका अंत ऐसी ही दर्दनाक हत्याओं के रूप में होता है। पोटका की यह घटना उसी पुरानी और डरावनी मानसिकता की याद दिलाती है।
घटना का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| नाम | सुभाषिनी नायक (70 वर्ष) |
| निवासी | बोहड़ागुटु, ग्वालकाटा पंचायत |
| हत्या का हथियार | कोई धारदार हथियार |
| संभावित कारण | डायन का संदेह / आपसी रंजिश |
इलाके में तनाव: न्याय की गुहार
सुभाषिनी नायक की हत्या के बाद ग्वालकाटा और आसपास के गांवों में डर का माहौल है। बुजुर्ग महिलाएं घर से बाहर निकलने में डर रही हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए ताकि इलाके में शांति बहाल हो सके।
कानून बनाम अंधविश्वास
पोटका पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती है। क्या यह वास्तव में अंधविश्वास से जुड़ी हत्या है या इसके पीछे जमीन या संपत्ति का कोई विवाद छिपा है? थाना प्रभारी संन्नी टोप्पो ने आश्वासन दिया है कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और बहुत जल्द अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
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