Maiya Samman Yojana : मंईयां सम्मान योजना पर बड़ा सस्पेंस, जनवरी-फरवरी का पैसा आवंटन के बाद भी अटका, होली से पहले मिलेंगे 5000 रुपये या करना होगा इंतजार
मंईयां सम्मान योजना की जनवरी और फरवरी महीने की किस्तों का आवंटन जिलों को भेज दिया गया है। 27 फरवरी को निकाय चुनाव परिणाम के बाद आपके खाते में 5000 रुपये आने की पूरी इनसाइड स्टोरी यहाँ मौजूद है वरना आप सरकार के इस बड़े आर्थिक फैसले का अपडेट मिस कर देंगे।
रांची/जमशेदपुर, 21 फरवरी 2026 – झारखंड की लाखों महिलाओं के लिए एक साथ राहत और सस्पेंस वाली खबर सामने आई है। राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना के तहत जनवरी और फरवरी महीने की राशि का आवंटन महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने जिलों को जारी कर दिया है। सरकारी खजाने में पैसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक पेंच की वजह से अभी तक महिलाओं के खातों में 'क्रेडिट' का मैसेज नहीं पहुँचा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह देरी केवल 'तूफान से पहले की शांति' है और होली से पहले महिलाओं को बड़ा तोहफा मिल सकता है।
5000 रुपये का 'होली गिफ्ट': आवंटन तैयार, आदेश का इंतजार
सरकार ने जिलों को फंड तो भेज दिया है, लेकिन भुगतान का औपचारिक आदेश अभी तक जिला मुख्यालयों को नहीं मिला है।
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दो किस्तों का पैसा: जनवरी और फरवरी महीने की राशि को मिलाकर प्रति लाभुक 5000 रुपये (2,500 रुपये प्रति माह) दिए जाने हैं।
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प्रशासनिक रोक: जब तक राज्य सरकार से 'गो अहेड' का सिग्नल नहीं मिलता, जिला प्रशासन बिल जेनरेट नहीं कर सकता।
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संभावित तिथि: सूत्रों की मानें तो 27 फरवरी को नगर निकाय चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर बटन दबाकर राशि ट्रांसफर की जा सकती है।
निकाय चुनाव और 'सत्यापन' का पेंच
जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में भुगतान में देरी की एक मुख्य वजह नगर निकाय चुनाव की व्यस्तता भी मानी जा रही है।
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चुनाव ड्यूटी: मानगो और जुगसलाई जैसे शहरी क्षेत्रों के कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में तैनात थे, जिससे 'भौतिक सत्यापन' (Physical Verification) का काम ठप पड़ गया।
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लाभुक सूची में कांट-छांट: जमशेदपुर में करीब 2 लाख 90 हजार महिलाएं इस योजना से जुड़ी थीं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में सत्यापन के दौरान कई महिलाएं अपने पते पर नहीं मिलीं, जिसके कारण उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
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शहरी क्षेत्र में देरी: निकाय चुनाव खत्म होते ही मानगो और जुगसलाई में घर-घर जाकर सत्यापन शुरू होगा, तभी रुकी हुई किस्तों का भुगतान सुनिश्चित हो पाएगा।
मंईयां सम्मान योजना: भुगतान डायरी (Payment Snapshot)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| कुल बकाया राशि | ₹5,000 (जनवरी + फरवरी) |
| वर्तमान स्थिति | जिलों को आवंटन जारी, आदेश लंबित |
| बाधा का कारण | निकाय चुनाव और भौतिक सत्यापन |
| जमशेदपुर लाभुक | लगभग 2.90 लाख (सत्यापन जारी) |
| संभावित भुगतान | 27 फरवरी के बाद कभी भी |
क्या मतदान से पहले आ सकता है पैसा?
चर्चा यह भी है कि सरकार मतदान से ठीक पहले महिलाओं को खुश करने के लिए पैसे भेज सकती है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसकी संभावना कम दिख रही है।
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समय की कमी: 27 फरवरी से पहले बिल बनाना और लाखों महिलाओं के बैंक सर्वर तक डेटा पहुँचाना एक जटिल प्रक्रिया है।
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सत्यापन की अनिवार्यता: बिना वेरिफिकेशन के पैसा भेजने पर बाद में 'रिकवरी' का खतरा रहता है, इसलिए प्रशासन फूँक-फूँक कर कदम रख रहा है।
होली तक बढ़ेगी उम्मीद
मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों को फिलहाल धैर्य रखना होगा। 27 फरवरी के बाद जैसे ही चुनाव की गहमागहमी कम होगी, वैसे ही सचिवालय से 'पेमेंट मोड' एक्टिव होने की पूरी उम्मीद है।
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