Palamu Fatal Crash: शादी के लिए निकले तीन दोस्त, एक ही बाइक में हुआ सवार, अंधेरी रात में पट्टे पर आया मातम
कुडुवा-किशुनपुर मार्ग पर शादी में जा रहे 3 दोस्तों की बाइक पलटी, 24 वर्षीय विकास उरांव की मौत, दो घायल, MMCH में इलाज जारी।
Palamu Heartbreak: झारखंड के पलामू जिले में एक सड़क हादसे में 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना पाटन थाना क्षेत्र के कुडुवा-किशुनपुर मार्ग पर मंगलवार देर रात हुई, जब एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पलट गई। तीनों दोस्त एक ही बाइक पर सवार होकर शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विकास उरांव (24), साथियों के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर चैनपुर क्षेत्र की ओर जा रहा था। कुडुवा और किशुनपुर के बीच अंधेरे में चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और मोटरसाइकिल सड़क पर पलट गई। तीनों देर रात अस्पताल ले जाए गए।
कौण थे विकास उरांव?
विकास उरांव (24) अंगरा गांव का रहने वाला था। वह युवा और मेहनती था, और परिवार की आशाओं का केंद्र था। वह एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए उत्साहित था और उसने अपने दो दोस्तों को भी साथ ले लिया। इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन तीनों के पास बाइक चलाने का लाइसेंस था या उन्होंने बिना हेलमेट यात्रा की थी।
MMC Hospital में मौत और बाद का हंगामा
दुर्घटना के तुरंत बाद सभी तीनों घायलों को MMCH (Mianagar, पलामू) में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने विकास उरांव को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद दूसरे अस्पताल (मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज हो सकता है) रेफर नहीं किया गया है, ऐसा खबर में नहीं है। दोनों को खतरे से बाहर बताया गया है।
एक ग़लती, दोस्तों के बीच अनबन और परिवारों में त्रासदी
कुडुवा-किशुनपुर मार्ग पलामू के ग्रामीण मार्गों जैसा ही है – संकरा, घुमावदार, अंधेरा रहने वाला और अक्सर टूटा-फूटा। इस सड़क पर शाम/रात के समय कोई भी जो बाइक चला रहा हो, उसे सतर्कता बरतनी चाहिए। यहाँ Over-speeding के पहले भी मामले सामने आए हैं। इस बार एक गलती ने तीन परिवारों को हिलाकर रख दिया।
एक बाइक, तीन सवार – अवैध और खतरनाक
भारत में एक बाइक पर तीन सवार होना ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और बेहद जोखिम भरा है। यह नियम इसलिए बनाया गया है क्योंकि अतिरिक्त वजन से वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। पलामू जैसे जिलों में अक्सर युवा इस नियम को तोड़ते हुए पाए जाते हैं। इस मामले ने बखूबी साबित किया कि बिना सोचे-समझे ली गई लापरवाही किसी की जान ले सकती है।
मां के आंसू और बिखरता परिवार
विकास के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी मां. पिता, भाई-बहन के चेहरे उस समय का दर्द बयां कर रहे थे। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से इस घटना पर उचित कार्रवाई और मुआवजा देने की मांग की है। हालाँकि, कानून के मुताबिक ऐसे मामलों में खुद के लापरवाही को पुलिस नहीं बदल सकती।
जांच तो होगी, लेकिन कोई कार्रवाई?
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम बुधवार सुबे कराया गया। शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस के लिए अब यह पता लगाना जरूरी है कि बाइक किसकी थी और उस समय बाइक चालक के पास मान्य लाइसेंस था या नहीं। चालक हो तो उसे सजा हो सकती है, लेकिन यह विकास को वापस नहीं लाएगा।
आपकी राय क्या है – क्या कुडुवा-किशुनपुर जैसे सड़कों को चौड़ा करना और रात में साइनेज लगाना आवश्यक है? और लोगों को एक बाइक पर तीन सवारी करना बंद करना चाहिए? कमेंट में बताएं।
ऐसी घटनाओं से सीख लीजिए और अपने दोस्तो को सचेत कीजिए।
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