Tragic Suicide: कदमा में दूध दुकान बंद होने से परेशान व्यक्ति ने की खुदकुशी, क्या मानसिक तनाव बन रहा जानलेवा?

जमशेदपुर के कदमा में 11 सितंबर 2025 को आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव से जूझ रहे तरुण कुमार पाल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानिए क्या वजह बनी इस दुखद घटना की।

Sep 11, 2025 - 13:43
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Tragic Suicide: कदमा में दूध दुकान बंद होने से परेशान व्यक्ति ने की खुदकुशी, क्या मानसिक तनाव बन रहा जानलेवा?
Tragic Suicide: कदमा में दूध दुकान बंद होने से परेशान व्यक्ति ने की खुदकुशी, क्या मानसिक तनाव बन रहा जानलेवा?

जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र में बुधवार, 11 सितंबर 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 52 विजय पथ निवासी 59 वर्षीय तरुण कुमार पाल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अविवाहित थे और अपनी बहन के साथ रहते थे।

जानकारी के अनुसार, तरुण की बहन दोपहर करीब 12 बजे डायलिसिस उपचार के लिए डॉक्टर के पास गई थी। शाम को जब वह घर लौटीं तो अपने भाई को फांसी पर लटका पाया। यह देखकर वह घबरा गईं और तुरंत मकान मालिक तथा पुलिस को सूचना दी।

पुलिस और मकान मालिक की मदद से शव को नीचे उतारा गया। इसे तुरंत एमजीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि तरुण की ईसीसी फ्लैट के पास एक दूध की दुकान थी। यह दुकान लगभग एक महीने पहले खाली करवा दी गई थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान बंद होने के बाद से ही तरुण मानसिक तनाव में रहने लगे थे। वे अपने दोस्तों और परिचितों से भी दूर हो गए थे। आर्थिक संकट और अकेलेपन ने उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ दिया था।

पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि आर्थिक परेशानी और मानसिक अवसाद के चलते उन्होंने आत्महत्या की है। अभी मामले की गहराई से जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

आसपास के लोगों ने बताया कि तरुण सरल स्वभाव के थे। वह अक्सर अपनी दुकान में काम करते हुए दिखते थे। दुकान बंद होने के बाद से वे चुपचाप रहने लगे थे। मानसिक रूप से परेशान दिखाई देते थे।

यह घटना मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता को उजागर करती है। आर्थिक समस्याएँ और अकेलापन किसी को भी अंदर से तोड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में परिवार और समाज का सहारा बहुत जरूरी है।

परिजनों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए। समय रहते मदद मिलने से कई जानें बच सकती हैं।

यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। लोग प्रशासन से आत्महत्या रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं। क्या आर्थिक संकट और मानसिक तनाव आज समाज में बड़ी समस्या बन चुके हैं? यह सवाल सबके सामने खड़ा है।

हम इस घटना पर नज़र बनाए हुए हैं और आगे की जानकारी मिलते ही साझा करेंगे।

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Team India मैंने कई कविताएँ और लघु कथाएँ लिखी हैं। मैं पेशे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियर हूं और अब संपादक की भूमिका सफलतापूर्वक निभा रहा हूं।