Burmamines Arrest: बर्मामाइंस में ट्रांसफार्मर चोरों का आतंक खत्म, SIT ने बिछाया जाल, 70 किलो तांबे के साथ 3 शातिर गिरफ्तार
जमशेदपुर की बर्मामाइंस पुलिस ने टाटा स्टील UISL के ट्रांसफार्मर से क्वाइल चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। SIT की छापेमारी में 70 किलो कीमती क्वाइल बरामद हुई और तीन शातिर चोर सलाखों के पीछे पहुँच गए हैं। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।
जमशेदपुर/बर्मामाइंस, 5 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर में बिजली व्यवस्था को ठप करने वाले और सरकारी संपत्ति को चूना लगाने वाले गिरोह के खिलाफ बर्मामाइंस पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में लगे ट्रांसफार्मरों से कीमती तांबे के क्वाइल उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को धर दबोचा है। एसएसपी के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (SIT) ने इस चोरी का उद्भेदन करते हुए भारी मात्रा में चोरी का माल भी बरामद किया है।
टाटा स्टील UISL की शिकायत पर एक्शन
इस मामले की शुरुआत 18 फरवरी को हुई थी, जब टाटा स्टील यूआईएसएल (Tata Steel UISL) के मैनेजर अजीत कुमार त्रिपाठी ने बर्मामाइंस थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कंपनी के ट्रांसफार्मरों से लगातार क्वाइल चोरी होने के कारण न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि शहर की विद्युत आपूर्ति पर भी संकट मंडरा रहा था।
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SIT का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया।
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तीन 'मोहरे' गिरफ्तार: पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बर्मामाइंस क्षेत्र के ही पुराने अपराधियों के रूप में हुई है।
पकड़े गए आरोपियों का प्रोफाइल
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी स्थानीय बस्तियों के रहने वाले हैं और इलाके की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर वारदातों को अंजाम देते थे:
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विनोद कर्मकार (35 वर्ष): निवासी चुन्ना भट्टा, बर्मामाइंस।
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अनिल दास उर्फ छोटा भकुआ (21 वर्ष): निवासी चुन्ना भट्टा, बर्मामाइंस।
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अजय माझी उर्फ हबिबुल (31 वर्ष): निवासी सिद्दू कान्हू बस्ती, बर्मामाइंस।
पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चोरी किया गया 70 किलोग्राम ट्रांसफार्मर क्वाइल बरामद किया है। इस कीमती तांबे को ये आरोपी कबाड़ी दुकानों में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे।
बर्मामाइंस और बिजली चोरी का इतिहास: एक पुरानी चुनौती
जमशेदपुर का बर्मामाइंस इलाका ऐतिहासिक रूप से औद्योगिक गतिविधियों और घनी बस्तियों का मिश्रण रहा है।
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औद्योगिक केंद्र: 1920 के दशक से ही यह क्षेत्र टाटा स्टील और अन्य सहायक इकाइयों का मुख्य लॉजिस्टिक हब रहा है।
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सुरक्षा की चुनौती: यहाँ बिछे बिजली के तारों और ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा हमेशा से पुलिस के लिए चुनौती रही है। तांबे की बढ़ती कीमतों के कारण चोरों का ध्यान अब 'इंसुलेटेड क्वाइल्स' पर रहता है।
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बदलता तरीका: पहले चोर घरों में घुसते थे, लेकिन अब वे सीधे पावर ग्रिड और ट्रांसफार्मरों को निशाना बना रहे हैं, जिससे पूरा मोहल्ला अंधेरे में डूब जाता है। बर्मामाइंस पुलिस की यह कार्रवाई इस 'सिंडिकेट' को तोड़ने में मिल का पत्थर साबित होगी।
वारदात और जब्ती का सारांश: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| केस दर्ज होने की तिथि | 18 फरवरी 2026 |
| बरामदगी | 70 किलोग्राम ट्रांसफार्मर क्वाइल (तांबा) |
| गिरफ्तार आरोपी | विनोद, अनिल और अजय |
| शिकायतकर्ता | टाटा स्टील यूआईएसएल (UISL) |
| टीम | एसएसपी द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) |
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा: जेल भेजे गए आरोपी
बर्मामाइंस थाना प्रभारी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इन चोरों की गिरफ्तारी से शहर के अन्य हिस्सों में हुई ट्रांसफार्मर चोरी के मामलों के भी सुराग मिले हैं।
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निशानदेही पर बरामदगी: गिरफ्तारी के बाद जब इनसे कड़ी पूछताछ की गई, तो इन्होंने उस स्थान का पता बताया जहाँ इन्होंने 70 किलो क्वाइल छिपाकर रखा था।
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न्यायिक हिरासत: तीनों आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत मिलने के बाद उन्हें कागजी कार्यवाही पूरी कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कबाड़ी दुकानदारों पर भी गिरेगी गाज
पुलिस अब उन कबाड़ी दुकानदारों की कुंडली भी खंगाल रही है जो चोरी का यह सामान खरीदते थे। थाना प्रभारी ने साफ चेतावनी दी है कि चोरी का सामान खरीदने वाले भी उतने ही दोषी हैं जितने चोर। जमशेदपुर पुलिस की इस सक्रियता ने साफ कर दिया है कि औद्योगिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने वालों के दिन अब गिनती के रह गए हैं।
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