Sitaramdera Suicide : जमशेदपुर में दिव्यांग युवक ने दी जान, ट्रेन हादसे में खोए थे हाथ-पैर, मरने से पहले बनाया सुसाइड वीडियो

जमशेदपुर के सीतारामडेरा में 38 वर्षीय सूरज प्रसाद ने कीटनाशक खाकर खुदकुशी कर ली है। ट्रेन हादसे में अपंग होने के बाद वे गहरे अवसाद में थे। पुलिस को मोबाइल से एक आखिरी वीडियो संदेश मिला है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।

Mar 5, 2026 - 13:58
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Sitaramdera Suicide : जमशेदपुर में दिव्यांग युवक ने दी जान, ट्रेन हादसे में खोए थे हाथ-पैर, मरने से पहले बनाया सुसाइड वीडियो
Sitaramdera Suicide : जमशेदपुर में दिव्यांग युवक ने दी जान, ट्रेन हादसे में खोए थे हाथ-पैर, मरने से पहले बनाया सुसाइड वीडियो

जमशेदपुर/सीतारामडेरा, 5 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना अंतर्गत कुम्हारपाड़ा इलाके में गुरुवार की सुबह एक ऐसी खबर आई जिसने सुनने वाले हर शख्स की आंखें नम कर दीं। 38 वर्षीय सूरज प्रसाद ने कीटनाशक खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि एक ऐसे इंसान की कहानी है जो नियति की मार और शारीरिक लाचारी के आगे हार गया। पुलिस को मृतक के मोबाइल से एक आखिरी वीडियो संदेश भी मिला है, जो इस पूरे मामले की सबसे बड़ी और दर्दनाक कड़ी साबित हो रहा है।

हादसे ने छीन ली थी जीने की इच्छा

सूरज प्रसाद की जिंदगी छह महीने पहले तक सामान्य थी, लेकिन एक ट्रेन दुर्घटना ने सब कुछ उजाड़ दिया।

  • अपंगता का दंश: उस भयावह हादसे में सूरज ने अपने दोनों पैर और एक हाथ गंवा दिए थे।

  • मानसिक अवसाद: एक चलता-फिरता इंसान जब अचानक बिस्तर पर आ जाता है, तो वह मानसिक रूप से टूट जाता है। परिजनों के अनुसार, सूरज पिछले कई महीनों से गहरे अवसाद (Depression) में थे। वे अक्सर अपनी लाचारी और भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे।

सुबह का सन्नाटा और सोनी की चीख

गुरुवार की सुबह जब सूरज की दूसरी पत्नी सोनी कमरे में पहुँचीं, तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।

  1. अचेत अवस्था: सूरज जमीन पर बेसुध पड़े थे और पास ही कीटनाशक की एक खाली बोतल पड़ी थी।

  2. पुलिस की दबिश: सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने सूरज का मोबाइल फोन जब्त किया, जिसमें उनकी मौत का राज छिपा था।

जमशेदपुर के कुम्हारपाड़ा का इतिहास और सामाजिक ताना-बाना

सीतारामडेरा का कुम्हारपाड़ा इलाका शहर के सबसे पुराने श्रमिक और मध्यम वर्गीय रिहायशी इलाकों में से एक है।

  • सांस्कृतिक जुड़ाव: यहाँ की तंग गलियों में लोग एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी होते हैं। सूरज की इस घटना ने पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसार दिया है।

  • दो शादियां और पारिवारिक उलझन: जांच में पता चला है कि सूरज की दो शादियां हुई थीं। उनकी पहली पत्नी पिंकी सोनारी में रहती हैं, जबकि वे दूसरी पत्नी सोनी के साथ यहाँ रह रहे थे। शारीरिक लाचारी के बीच पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ भी शायद उनके मानसिक तनाव का एक कारण रहा होगा।

सुसाइड वीडियो: आखिरी संदेश में क्या कहा?

पुलिस को सूरज के मोबाइल में एक वीडियो मिला है जिसे उन्होंने जहर खाने से ठीक पहले रिकॉर्ड किया था।

  • कबूलनामा: वीडियो में सूरज ने अपनी परिस्थितियों का जिक्र किया है और स्पष्ट रूप से कहा है कि वे अपनी मर्जी से यह कदम उठा रहे हैं।

  • लाचारी का जिक्र: सूत्रों के अनुसार, वीडियो में उन्होंने अपनी अपंगता और उसके बाद पैदा हुई मुश्किलों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस अब इस वीडियो की फॉरेंसिक जांच करा रही है।

वारदात का विवरण: एक नजर में

विवरण प्रमुख जानकारी
मृतक का नाम सूरज प्रसाद (38 वर्ष)
स्थान कुम्हारपाड़ा, सीतारामडेरा (जमशेदपुर)
वजह ट्रेन हादसे के बाद अपंगता और मानसिक तनाव
मुख्य साक्ष्य मोबाइल में मिला सुसाइड वीडियो संदेश

जांच के घेरे में परिवार: पुलिस की कार्रवाई

सीतारामडेरा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पत्नियों (सोनी और पिंकी) से पूछताछ शुरू कर दी है।

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि जहर की पुष्टि और मौत के सटीक समय का पता चल सके।

  • मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स: पुलिस यह भी देख रही है कि मरने से पहले सूरज ने किसी से बात की थी या नहीं।

समाज के लिए एक बड़ा सबक

सूरज प्रसाद की आत्महत्या हमें याद दिलाती है कि शारीरिक चोट से कहीं ज्यादा खतरनाक 'मानसिक चोट' होती है। अपंगता के बाद उन्हें इलाज के साथ-साथ जिस मानसिक संबल की जरूरत थी, शायद उसकी कमी रह गई। जमशेदपुर जैसे शहर में बढ़ते सुसाइड केस प्रशासन और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।