Tatanagar Arrest : टाटानगर स्टेशन पर 'ऑपरेशन नार्कोस' का बड़ा धमाका, लाखों के ब्राउन शुगर के साथ 3 सौदागर रंगे हाथ गिरफ्तार
टाटानगर स्टेशन पर आरपीएफ ने 'ऑपरेशन नार्कोस' के तहत लाखों रुपये के ब्राउन शुगर के साथ तीन तस्करों को दबोचा है। आदित्यपुर से नशा लाकर स्टेशन परिसर में डीलिंग के दौरान हुई इस गिरफ्तारी की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
जमशेदपुर/टाटानगर, 5 मार्च 2026 – लौहनगरी के सबसे व्यस्त टाटानगर रेलवे स्टेशन पर नशे के सौदागरों के खिलाफ रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। 'ऑपरेशन नार्कोस' के तहत कार्रवाई करते हुए आरपीएफ की टीम ने स्टेशन परिसर से तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो लाखों रुपये मूल्य के ब्राउन शुगर की खेप को खपाने की फिराक में थे। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (चक्रधरपुर मंडल) के सीधे आदेश पर हुई इस कार्रवाई ने नशे के अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
डीलिंग के दौरान बिछाया गया जाल
पकड़े गए अपराधियों की पहचान और उनकी कार्यप्रणाली ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
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कैसे हुई गिरफ्तारी: तस्कर मुस्तकीम अंसारी उर्फ रतन, सरायकेला-खरसावां के कुख्यात आदित्यपुर इलाके से ब्राउन शुगर की खेप लेकर टाटानगर स्टेशन पहुँचा था।
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रंगे हाथ पकड़े गए: स्टेशन परिसर में वह बसंत उपाध्याय और राहुल कुमार डे को माल की सप्लाई दे रहा था। ठीक उसी समय आरपीएफ की टास्क फोर्स ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया।
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बरामदगी: इनके पास से 28 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद हुई है, जिसका कुल वजन 3.56 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस नशीले पदार्थ की कीमत लगभग 3.56 लाख रुपये आंकी गई है।
तस्करों का प्रोफाइल: जमशेदपुर के अलग-अलग इलाकों के हैं आरोपी
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी जमशेदपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं, जो एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है:
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मुस्तकीम अंसारी उर्फ रतन: निवासी किताडीह (परसुडीह थाना)। यह मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है।
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बसंत उपाध्याय उर्फ डेफिनिटी: निवासी कैरेज कॉलोनी (बर्मामाइंस)।
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राहुल कुमार डे: निवासी खालसा क्लब के पास (गोलमुरी)।
इनके पास से ब्राउन शुगर के अलावा 3 मोबाइल फोन और 4330 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। कुल बरामद सामान की कीमत 4.20 लाख रुपये से अधिक है।
टाटानगर और आदित्यपुर का 'ड्रग कनेक्शन': एक काला इतिहास
जमशेदपुर और सरायकेला सीमा पर स्थित आदित्यपुर का मुस्लिम बस्ती इलाका दशकों से नशीले पदार्थों की तस्करी का गढ़ रहा है।
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इतिहास: 90 के दशक के बाद से यहाँ ब्राउन शुगर का कारोबार कुटीर उद्योग की तरह फैला है। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद तस्कर अब रेलवे का इस्तेमाल 'सेफ रूट' के तौर पर कर रहे हैं।
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रेलवे की चुनौती: टाटानगर स्टेशन दक्षिण-पूर्व रेलवे का प्रमुख जंक्शन है। यहाँ से देश के हर कोने के लिए ट्रेनें खुलती हैं, जिसका फायदा उठाकर तस्कर ओडिशा, बंगाल और बिहार तक नशे की सप्लाई भेजते हैं। 'ऑपरेशन नार्कोस' इसी सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए आईसीसी द्वारा शुरू किया गया एक विशेष अभियान है।
कार्रवाई का विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| अभियान का नाम | ऑपरेशन नार्कोस (RPF) |
| बरामद नशा | ब्राउन शुगर (28 पुड़िया) |
| अनुमानित कीमत | ₹3,56,000 (केवल ड्रग्स) |
| कुल जब्ती मूल्य | ₹4,20,330 |
| मुख्य स्रोत | आदित्यपुर (सरायकेला) |
ऑपरेशन नार्कोस: नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
आरपीएफ के अधिकारियों का कहना है कि चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी स्टेशनों पर संदिग्धों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
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तकनीकी निगरानी: तस्करों के पास से मिले मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। पुलिस को शक है कि इनके तार बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं।
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सतर्कता: होली के त्योहार से पहले नशे की बढ़ती मांग को देखते हुए आरपीएफ ने 'डॉग स्क्वाड' और खुफिया विंग को भी अलर्ट पर रखा है। टाटानगर स्टेशन पर आने-जाने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति और लावारिस सामान की सघन तलाशी ली जा रही है।
अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
मुस्तकीम और उसके साथियों की गिरफ्तारी टाटानगर आरपीएफ की एक बड़ी जीत है। लाखों का जहर बाजार में पहुँचने से पहले ही जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई साफ करती है कि टाटानगर स्टेशन अब तस्करों के लिए आसान रास्ता नहीं रहा। पुलिस अब उन सफेदपोश चेहरों की तलाश में है जो आदित्यपुर से इन छोटे प्यादों को ऑपरेट कर रहे हैं।
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