Jamshedpur Scooty Crash: वीडियो बनाते समय अनियंत्रित हुई स्कूटी, युवक बेहोश, अस्पताल में हंगामा
जमशेदपुर के हलुदबनी में स्कूटी अनियंत्रित होकर पलटी, शिवम कुमार बेहोश, वीडियो बनाने के चक्कर में हुआ हादसा। जानिए पूरा मामला।
जमशेदपुर: इस्पात नगरी से एक ऐसी दुर्घटना की खबर आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। बोड़ाम थाना क्षेत्र के हलुदबनी ओपी के पास शुक्रवार शाम एक स्कूटी अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सवार दो युवक घायल हो गए, जिनमें एक की हालत गंभीर है। दुर्घटना के समय युवक स्कूटी चलाते हुए दलमा क्षेत्र के दृश्य का वीडियो बना रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घायलों को लेकर एमजीएम अस्पताल पहुंचे लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
वीडियो बनाने के चक्कर में हुआ हादसा
घायल विकास कुमार (20) ने पुलिस और परिजनों को बताया कि वह और शिवम कुमार (25) स्कूटी पर सवार होकर टाटा-पटमदा मुख्य सड़क पर जा रहे थे। इस दौरान शिवम स्कूटी चला रहे थे और दलमा क्षेत्र के खूबसूरत दृश्य का वीडियो बना रहे थे। लेकिन वीडियो बनाने की होड़ में उनका ध्यान सड़क से हट गया। अचानक स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि शिवम के सिर में गंभीर चोट आई और वह बेहोश हो गए। विकास को मामूली चोटें आईं।
दोस्तों ने अस्पताल पहुंचाया
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद उनके दोस्तों ने तुरंत दोनों घायलों को एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। शिवम बेहोशी की हालत में थे, जबकि विकास को होश था। अस्पताल में प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। लेकिन इलाज के दौरान ही मामला बिगड़ गया।
अस्पताल में हंगामा, इलाज पर उठे सवाल
घायलों के साथ आए कुछ युवकों ने एमजीएम अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि उस समय वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं थे और सिर्फ पीजी डॉक्टर इलाज कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संतोषजनक उपचार नहीं मिल रहा है। आरोपियों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की बात कही। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया।
टीएमएच रेफर किए गए मरीज
हंगामे के बाद परिजनों और साथियों ने बिना रेफर कराए ही एंबुलेंस के जरिए दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए टीएमएच (टाटा मुख्य अस्पताल) ले गए। परिजनों का कहना है कि शिवम की हालत गंभीर है और एमजीएम में उसे पर्याप्त उपचार नहीं मिल पा रहा था। टीएमएच में उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
जमशेदपुर का इतिहास और बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं
जमशेदपुर शहर अपनी औद्योगिक पहचान के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। दलमा पहाड़ियां, जुबिली पार्क, डिमना झील जैसे स्थान लोगों को खूब भाते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वीडियो बनाने और सेल्फी लेने के चक्कर में हादसे बढ़े हैं। युवा सोशल मीडिया के लिए कंटेंट बनाने की होड़ में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
इतिहास गवाह है कि इससे पहले भी जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में सेल्फी और वीडियो बनाते समय कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। 2018 में दलमा पहाड़ी पर सेल्फी लेते समय तीन युवकों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी लोगों को कोई सबक नहीं मिला।
एमजीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर एमजीएम अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुपस्थिति में मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता। पिछले कुछ समय में एमजीएम में इलाज को लेकर कई बार हंगामा हो चुका है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और कमियों को दूर किया जाएगा।
पुलिस जांच में जुटी
बोड़ाम थाना पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौका-ए-वारदात का जायजा लिया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह मामला दुर्घटना का लग रहा है। फिलहाल किसी तरह की एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने युवकों से पूछताछ की है और स्कूटी को जब्त कर लिया है।
युवाओं को सलाह – सावधानी बरतें
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना या वीडियो बनाना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे ध्यान भटकता है और दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। युवाओं को चाहिए कि वे वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतें और सोशल मीडिया के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें।
जमशेदपुर की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वाहन चलाते समार मोबाइल का इस्तेमाल कितना घातक हो सकता है। क्या हम अपनी जान को हल्के में ले रहे हैं? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और अपने दोस्तों को भी समझाइए। इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि कोई और इस तरह की गलती न करे।
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