Tata Steel Theft : चोर दबोचा: टाटा स्टील में सुरक्षा टीम की बड़ी स्ट्राइक, 35 किलो कॉपर के साथ जुगसलाई का शातिर गिरफ्तार

जमशेदपुर में टाटा स्टील की सुरक्षा टीम ने 35 किलो चोरी के कॉपर केबल के साथ जुगसलाई के एक शातिर अपराधी को रंगे हाथ पकड़ा है। आरोपी मोहम्मद बाबू पहले भी तीन बार जेल जा चुका है। पूरी रिपोर्ट यहाँ मौजूद है।

Mar 5, 2026 - 13:28
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Tata Steel Theft : चोर दबोचा: टाटा स्टील में सुरक्षा टीम की बड़ी स्ट्राइक, 35 किलो कॉपर के साथ जुगसलाई का शातिर गिरफ्तार
Tata Steel Theft : चोर दबोचा: टाटा स्टील में सुरक्षा टीम की बड़ी स्ट्राइक, 35 किलो कॉपर के साथ जुगसलाई का शातिर गिरफ्तार

जमशेदपुर, 5 मार्च 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की धड़कन कही जाने वाली टाटा स्टील (Tata Steel) की सुरक्षा टीम ने कंपनी परिसर के भीतर सेंधमारी करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। नियमित पेट्रोलिंग और 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा कर्मियों ने एक आदतन अपराधी को दबोचा है, जो कंपनी की बेशकीमती संपत्ति यानी कॉपर केबल पर हाथ साफ कर भागने की फिराक में था। पकड़े गए आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास टाटा स्टील की सुरक्षा के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था।

पेट्रोलिंग के दौरान धराया शातिर 'बाबू'

घटना तब हुई जब टाटा स्टील की सुरक्षा टीम कंपनी के संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही थी।

  • संदेह और तलाशी: सुरक्षा कर्मियों ने एक युवक को संदिग्ध अवस्था में कंपनी परिसर के भीतर देखा। वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।

  • बरामदगी: पकड़े गए व्यक्ति की पहचान जुगसलाई के गरीब नवाज कॉलोनी (गौरी शंकर रोड) निवासी मोहम्मद बाबू (30 वर्ष) के रूप में हुई है। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से 35 किलोग्राम इंसुलेटेड कॉपर केबल बरामद हुआ।

  • अवैध कब्जा: प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी केबल के स्रोत के बारे में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह माल कंपनी के भीतर से चोरी किया गया था।

टाटा स्टील और सुरक्षा का ऐतिहासिक संघर्ष

टाटा स्टील का इतिहास जितना गौरवशाली है, इसकी सुरक्षा की चुनौतियां भी उतनी ही पुरानी हैं।

  1. संपत्ति की सुरक्षा: 100 साल से भी पुराने इस प्लांट में बिछी कॉपर वायरिंग और महंगे उपकरण हमेशा से चोरों के निशाने पर रहे हैं।

  2. आदतन अपराधी: पकड़े गए मोहम्मद बाबू का रिकॉर्ड खंगाला गया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वह इससे पहले भी तीन बार चोरी के मामलों में पकड़ा जा चुका है। चौथी बार पकड़े जाने से यह साफ है कि वह एक शातिर और आदतन अपराधी है जो बार-बार जेल जाने के बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा।

  3. कड़ी निगरानी: पिछले कुछ वर्षों में टाटा स्टील ने अपनी इंटरनल सिक्योरिटी को हाई-टेक किया है, जिसमें ड्रोन सर्विलांस और स्मार्ट सेंसर शामिल हैं, जिसके कारण अब घुसपैठियों का पकड़ा जाना आसान हो गया है।

चोरी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस'

टाटा स्टील प्रबंधन ने इस गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि कंपनी की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • बिष्टुपुर पुलिस को सुपुर्द: सुरक्षा टीम ने आरोपी मोहम्मद बाबू को तुरंत हिरासत में लिया और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे बिष्टुपुर थाना पुलिस को सौंप दिया।

  • कानूनी शिकंजा: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कंपनी के भीतर उसे यह माल निकालने में किसी ने मदद तो नहीं की थी।

मामले का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में

विवरण प्रमुख जानकारी
आरोपी का नाम मोहम्मद बाबू (30 वर्ष)
निवास स्थान गरीब नवाज कॉलोनी, जुगसलाई
बरामदगी 35 किलोग्राम इंसुलेटेड कॉपर केबल
थाना क्षेत्र बिष्टुपुर पुलिस स्टेशन
पिछला रिकॉर्ड 3 बार पहले भी जेल जा चुका है

इलाके में चर्चा: जुगसलाई से बिष्टुपुर तक सनसनी

टाटा स्टील के भीतर से इतनी भारी मात्रा में कॉपर केबल का निकलना सुरक्षा में सेंध के बड़े प्रयासों की ओर इशारा करता है। जुगसलाई के गौरी शंकर रोड इलाके में आरोपी की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया है। बिष्टुपुर पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी का यह माल आखिर कहाँ खपाया जाने वाला था। शहर के कबाड़ी दुकानों और अवैध स्क्रैप यार्ड्स पर भी पुलिस की पैनी नजर है।

सुरक्षा तंत्र की जीत

मोहम्मद बाबू की गिरफ्तारी टाटा स्टील की सुरक्षा टीम की सतर्कता का प्रमाण है। 35 किलो कॉपर की बाजार में कीमत हजारों में है, लेकिन कंपनी के लिए यह उसकी सुरक्षा व्यवस्था की साख का सवाल है। अब देखना यह है कि चौथी बार पकड़े जाने के बाद कानून इस आदतन अपराधी पर कितनी सख्त कार्रवाई करता है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।