Palamu Arson: सिगरेट न मिलने पर सुलगा दिया किराना स्टोर, भाई की शादी का सामान राख, पलामू में 10 लाख की तबाही

पलामू के सुआ गांव में सिगरेट न देने पर दबंगों ने एक किराना दुकान को आग के हवाले कर दिया। 11 मार्च को होने वाली भाई की शादी के लिए रखा सामान और लाखों की नकदी जलकर राख हो गई है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है।

Mar 5, 2026 - 14:32
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Palamu Arson:  सिगरेट न मिलने पर सुलगा दिया किराना स्टोर, भाई की शादी का सामान राख, पलामू में 10 लाख की तबाही
Palamu Arson: सिगरेट न मिलने पर सुलगा दिया किराना स्टोर, भाई की शादी का सामान राख, पलामू में 10 लाख की तबाही

पलामू/मेदिनीनगर, 5 मार्च 2026 – झारखंड के पलामू जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के सुआ गांव (निराला टोला) में बुधवार की देर रात महज एक सिगरेट न मिलने पर कुछ युवकों ने बदले की आग में एक पूरी किराना दुकान को स्वाहा कर दिया। यह आगजनी सिर्फ एक व्यापारिक नुकसान नहीं है, बल्कि एक परिवार की खुशियों पर भी वज्रपात है, क्योंकि इसी दुकान में कुछ दिनों बाद होने वाली शादी का सारा सामान रखा हुआ था।

आधी रात को सिगरेट के लिए मचाया उत्पात

घटना की शुरुआत बुधवार देर रात हुई जब पूरा गांव सो रहा था। पीड़ित दुकानदार राजेश कुमार गुप्ता के अनुसार, उनकी दुकान का शटर गिरा हुआ था। तभी पड़ोस के टोले के चार युवक—रितिक सिंह, छोटू सिंह और उनके दो अन्य साथी—वहाँ पहुँचे और शटर को जोर-जोर से पीटने लगे।

  • विवाद की शुरुआत: जब राजेश ने बाहर निकलकर देखा, तो युवकों ने सिगरेट की मांग की।

  • गाली-गलौज और मारपीट: दुकानदार ने जब बताया कि सिगरेट खत्म हो चुकी है, तो युवक आपे से बाहर हो गए। उन्होंने राजेश का कॉलर पकड़ लिया, गाली-गलौज की और मारपीट करने की कोशिश की।

  • धमकी भरा अंत: जाते-जाते आरोपियों ने गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी और अंधेरे में ओझल हो गए।

नफरत की चिंगारी: 10 लाख की संपत्ति जलकर खाक

धमकी के कुछ ही देर बाद दुकान से धुएं का गुबार उठने लगा। जब तक राजेश और स्थानीय लोग कुछ समझ पाते, आग विकराल रूप ले चुकी थी।

  1. शादी की खुशियां राख: राजेश के भाई छोटू कुमार गुप्ता की शादी 11 मार्च को तय है। शादी के लिए खरीदा गया करीब 1.5 लाख रुपये का कीमती सामान दुकान में ही सुरक्षित रखा गया था, जो अब राख का ढेर बन चुका है।

  2. नकदी का नुकसान: दुकान के गल्ले में रखे 80 हजार रुपये नगद भी जल गए।

  3. कुल तबाही: किराना सामान और अन्य संपत्तियों को मिलाकर पीड़ित ने लगभग 10 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है।

पलामू का सुआ गांव और ग्रामीण रंजिश का इतिहास

मेदिनीनगर का सुआ गांव और इसके आसपास के टोले ऐतिहासिक रूप से शांत रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में नशे और छोटे विवादों में हिंसक मोड़ लेने की घटनाएं बढ़ी हैं।

  • ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: पलामू का यह इलाका सामाजिक और व्यापारिक आदान-प्रदान का केंद्र रहा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में 'दबंगई' और कानून का खौफ कम होना एक चिंताजनक ट्रेंड बन गया है।

  • अग्नि सुरक्षा की कमी: ग्रामीण इलाकों में फायर ब्रिगेड के पहुँचने में समय लगता है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी अक्सर आगजनी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। इस बार भी जब तक दमकल की टीम पहुँची, तब तक दुकान का अधिकांश हिस्सा जल चुका था।

वारदात का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में

विवरण प्रमुख जानकारी
स्थान सुआ गांव, निराला टोला, मेदिनीनगर (पलामू)
पीड़ित राजेश कुमार गुप्ता (किराना दुकानदार)
आरोपी रितिक सिंह, छोटू सिंह व अन्य
कुल नुकसान लगभग 10 लाख रुपये (शादी का सामान व कैश शामिल)
मुख्य वजह सिगरेट न देने पर हुआ विवाद

पुलिस की कार्रवाई: दोषियों की तलाश जारी

राजेश कुमार गुप्ता ने सदर थाना में चारों युवकों के खिलाफ नामजद आवेदन दिया है। सदर थाना की पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

  • पुलिस का बयान: अधिकारियों का कहना है कि आगजनी और धमकी के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

  • फॉरेंसिक एंगल: पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आग लगाने के लिए किसी ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल या केरोसिन) का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

एक परिवार का उजड़ा सपना

यह घटना केवल एक दुकान के जलने की नहीं है, बल्कि उस उम्मीद के टूटने की है जो एक भाई ने दूसरे भाई की शादी के लिए संजोई थी। महज एक सिगरेट के लिए किसी की मेहनत की कमाई को जला देना मानसिक विकृति की पराकाष्ठा है। पलामू पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन 'सिरफिरे' आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।