Koderma Clash : कोडरमा के बनपोक में डीजे पर मचा कोहराम, लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला, डेढ़ दर्जन लोग लहूलुहान
कोडरमा के नवलशाही थाना अंतर्गत बनपोक गांव में होली के जश्न के दौरान डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। पत्थरबाजी और लाठी-डंडों के हमले में 18 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
कोडरमा, 5 मार्च 2026 – अभ्रक नगरी कोडरमा में होली के उल्लास के बीच हिंसा का ऐसा तांडव मचा कि रंगों का त्योहार खून के छींटों में बदल गया। जिले के विभिन्न हिस्सों, खासकर नवलशाही थाना क्षेत्र के बनपोक गांव में डीजे बजाने और मामूली कहासुनी को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। इस हिंसक झड़प में डेढ़ दर्जन (18 से अधिक) लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। देखते ही देखते शांत गांव किसी युद्ध क्षेत्र जैसा नजर आने लगा, जहाँ अबीर-गुलाल की जगह पत्थर और लाठियां चल रही थीं।
बनपोक में बवाल: जब 'धुन' बनी विवाद की वजह
घटना की शुरुआत गुरुवार दोपहर को हुई जब बनपोक गांव में युवाओं की एक टोली डीजे की धुन पर नाचते हुए होली खेल रही थी।
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विरोध और तकरार: गांव के ही दूसरे पक्ष के कुछ लोगों ने तेज आवाज में डीजे बजाने का विरोध किया। शुरू में यह केवल जुबानी जंग थी, लेकिन नशे और आवेश ने इसे हिंसक मोड़ दे दिया।
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पत्थरबाजी और लाठियां: देखते ही देखते दोनों ओर से दर्जनों लोग जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घरों की छतों से पत्थर चले और सड़कों पर लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला किया गया। चीख-पुकार के बीच महिलाएं और बच्चे जान बचाकर भागते दिखे।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी: कई घायल रेफर
झड़प के बाद घायल अवस्था में लोगों को तुरंत सदर अस्पताल कोडरमा लाया गया।
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घायलों की कतार: अस्पताल परिसर में घायलों की भीड़ जमा हो गई, जिससे डॉक्टरों को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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गंभीर चोटें: अधिकांश लोगों के सिर और हाथ-पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ लोगों को घर भेज दिया गया, लेकिन 4-5 लोगों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स (Ranchi) रेफर किया गया है।
कोडरमा का इतिहास और डीजे विवाद का ट्रेंड
कोडरमा जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और माइका माइन्स के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
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सांस्कृतिक पृष्ठभूमि: यहाँ की होली पारंपरिक रूप से 'फगुआ' गीतों और ढोल-नगाड़ों के लिए जानी जाती थी।
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आधुनिकता का दंश: पिछले एक दशक में पारंपरिक वाद्यों की जगह 'हाई-वोल्टेज डीजे' ने ले ली है। झारखंड के ग्रामीण इलाकों में डीजे की तेज आवाज अक्सर दो समुदायों या दो गुटों के बीच ईगो और वर्चस्व की लड़ाई का कारण बनती रही है। बनपोक की यह घटना इसी बढ़ती असहिष्णुता का ताजा उदाहरण है।
पुलिस का सख्त एक्शन: हिरासत में उपद्रवी
नवलशाही थाना पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, वे दलबल के साथ बनपोक पहुँचे।
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हालात पर काबू: पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा और गांव में शांति समिति की बैठक बुलाई।
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गिरफ्तारियां: पुलिस ने मौके से पत्थरबाजी और मारपीट में शामिल आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
घटना का संक्षिप्त विवरण: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| मुख्य स्थान | बनपोक गांव, नवलशाही (कोडरमा) |
| विवाद का कारण | डीजे बजाने को लेकर कहासुनी |
| कुल घायल | 18 से अधिक लोग |
| पुलिस कार्रवाई | कई लोग हिरासत में, गांव में कैंप |
इलाके में दहशत: ग्रामीणों में नाराजगी
होली के दिन हुई इस हिंसा से गांव के बुजुर्ग काफी दुखी हैं। उनका कहना है कि युवाओं के आपसी विवाद ने पूरे गांव की बदनामी की है। पुलिस प्रशासन अब उन डीजे संचालकों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी में है जिन्होंने तय सीमा से अधिक आवाज में म्यूजिक बजाया और बिना अनुमति के डीजे संचालित किया।
प्रशासन की पैनी नजर
कोडरमा एसपी के निर्देश पर जिले के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों और दंगाइयों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल बनपोक में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सन्नाटा और डर अभी भी बरकरार है।
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