Jharkhand Weather : झारखंड में कल से भारी बारिश का दौर, 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कोल्हान समेत इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
झारखंड में कल से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने कोल्हान और पलामू प्रमंडल के कई जिलों में भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 4 दिनों के सटीक पूर्वानुमान की पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
रांची/जमशेदपुर, 26 मार्च 2026 – झारखंड में एक बार फिर कुदरत का कड़ा रुख देखने को मिलने वाला है। भीषण गर्मी की आहट के बीच मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। रांची मौसम केंद्र के अनुसार, शुक्रवार से राज्य में 'वेदर सिस्टम' सक्रिय हो रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर कोल्हान और पलामू प्रमंडल में देखने को मिलेगा। विभाग ने शुक्रवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। चैत्र के महीने में अचानक आए इस बदलाव ने किसानों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।
शुक्रवार का 'ऑरेंज अलर्ट': इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा खतरा
कल का दिन झारखंड के कई जिलों के लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से वज्रपात (ठनका) और तेज आंधी को लेकर आगाह किया है।
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भारी बारिश वाले जिले: गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग और लातेहार में मूसलाधार बारिश के आसार हैं।
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कोल्हान में अलर्ट: पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ हवा की गति जानलेवा साबित हो सकती है।
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अन्य प्रभावित क्षेत्र: रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और संताल परगना के जिलों में भी मध्यम से हल्की बारिश की संभावना है।
अगले 4 दिनों का 'येलो अलर्ट': कब-कहाँ गिरेगा पानी?
मौसम विभाग ने 30 मार्च तक के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिससे स्पष्ट है कि मार्च का अंत भीगे हुए मौसम के साथ होगा।
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28-29 मार्च (शनिवार-रविवार): राज्य के लगभग सभी 24 जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। रांची, हजारीबाग, देवघर, दुमका और सिमडेगा सहित पूरे झारखंड में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
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30 मार्च (सोमवार): महीने के अंतिम दिनों में भी राहत नहीं मिलेगी। रांची, बोकारो, कोडरमा, संताल परगना और कोल्हान के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
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तूफानी हवाएं: इन दिनों में भी हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे रहने की उम्मीद है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
झारखंड में 'मार्च की बारिश' का इतिहास और खेती पर असर
झारखंड की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ प्री-मानसून बारिश अक्सर तबाही और राहत दोनों लेकर आती है।
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पश्चिमी विक्षोभ का असर: मार्च के महीने में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के मिलन से यहाँ अक्सर 'काल बैसाखी' जैसे हालात बन जाते हैं।
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फसलों को नुकसान: इस समय खेतों में रबी की फसलें और खलिहानों में कटी हुई उपज रखी होती है। 60 किमी की रफ्तार वाली हवाएं और ओलावृष्टि आम की मंजरियों और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुँचा सकती हैं।
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तापमान में उतार-चढ़ाव: पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखें तो मार्च के अंतिम हफ्ते में अचानक हुई बारिश ने रांची के न्यूनतम तापमान को 15 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिरा दिया है।
अगला कदम: सावधानी और बचाव के उपाय
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।
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पेड़ों से रहें दूर: तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, क्योंकि कोल्हान और पलामू में हवा की रफ्तार काफी अधिक रहने वाली है।
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किसानों के लिए सलाह: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें और खेतों में सिंचाई फिलहाल रोक दें।
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अपडेट रहें: मौसम विभाग के 'दामिनी ऐप' या रेडियो/न्यूज के जरिए पल-पल की जानकारी लेते रहें ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।
झारखंड में शुक्रवार से शुरू होने वाला यह 'रेन स्पेल' (Rain Spell) गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन अपने साथ तूफानी हवाओं का खतरा भी ला रहा है। कोल्हान से लेकर पलामू तक प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अगर आप कल किसी लंबी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम का मिजाज जरूर देख लें। क्या यह बेमौसम बारिश इस साल के मानसून की नई इबारत लिखेगी? फिलहाल, रांची मौसम केंद्र की नजर बादलों की आवाजाही पर टिकी है।
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