Garhwa Violence : पुलिस पर पथराव मामले में 80 नामजद, 400 अज्ञात पर केस, 14 गिरफ्तार, 24 बाइक बरामद

गढ़वा के महुलिया मोड़ पर पुलिस पर पथराव मामले में 80 लोग नामजद, 400 से अधिक अज्ञात पर केस, 14 गिरफ्तार। जानिए कैसे उग्र हुई भीड़।

Apr 17, 2026 - 16:58
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Garhwa Violence : पुलिस पर पथराव मामले में 80 नामजद, 400 अज्ञात पर केस, 14 गिरफ्तार, 24 बाइक बरामद
Garhwa Violence: पुलिस पर पथराव मामले में 80 नामजद, 400 अज्ञात पर केस, 14 गिरफ्तार, 24 बाइक बरामद

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में पुलिस पर हुए हमले ने पूरे प्रशासन का मानो माथा पकड़ लिया है। महुलिया मोड़ पर गुरुवार शाम उग्र भीड़ ने पुलिस पर जमकर पथराव किया, जिसमें 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 लोगों को नामजद और 400 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है और घटनास्थल से 24 बाइक बरामद की हैं।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

विदित हो कि महुलिया गांव में गुरुवार को एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर लोगों पर चढ़ गया, जिससे दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही गांव में गुस्से की लहर दौड़ गई। लोग सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि ट्रैक्टर चालक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मुआवजा दिया जाए।

पुलिस पर हुआ पथराव

जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ और अधिक उग्र हो गई। अचानक कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव इतना भीषण था कि 25 से अधिक पुलिस पदाधिकारी और जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन सख्त हो गया। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज करते हुए 80 लोगों को नामजद किया और 400 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया। पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी और अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटनास्थल से 24 बाइक भी बरामद की गई हैं, जिनका इस्तेमाल हिंसा में किया गया था। पुलिस का कहना है कि और भी लोगों की गिरफ्तारी होगी।

गढ़वा का इतिहास और बढ़ती हिंसा

गढ़वा जिला अपने ऐतिहासिक किलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह जिला कानून-व्यवस्था की समस्याओं के लिए भी चर्चा में रहा है। छोटी-छोटी घटनाएं कभी-कभी इस कदर बढ़ जाती हैं कि हिंसा का रूप ले लेती हैं। इतिहास गवाह है कि इससे पहले भी गढ़वा में कई बार पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो चुकी है।

खासकर सड़क हादसों के बाद अक्सर लोग उग्र हो जाते हैं और कानून अपने हाथ में ले लेते हैं। पुलिस पर हमला करना तो और भी गंभीर अपराध है। इस बार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके।

इलाके में तनाव का माहौल

फिलहाल महुलिया मोड़ और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। पुलिस ने अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी है। इलाके में लगातार पैट्रोलिंग की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हालांकि, स्थिति अब नियंत्रण में बताई जा रही है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि जब तक इस मामले में शामिल सभी दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, अभियान जारी रहेगा।

लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी घटना पर कानून अपने हाथ में न लें। अगर किसी को कोई समस्या है, तो वह प्रशासन से संपर्क करे। पुलिस पर हमला करना या सड़क जाम करना कानूनन अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि ट्रैक्टर हादसे के मामले में भी जांच जारी है और दोषी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गढ़वा की इस हिंसा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गुस्से में कानून अपने हाथ में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। क्या हम अपनी समस्याओं का समाधान हिंसा से निकाल पाएंगे? यह खबर पढ़कर आप भी सोचिए और इसे शेयर कीजिए ताकि लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।