East Singhbhum Alert: उपायुक्त ने उत्तरी सरजामदा पंचायत में ग्रामीणों की समस्याओं पर की गंभीर बैठक
15 सितंबर 2025 को पूर्वी सिंहभूम में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने उत्तरी सरजामदा पंचायत में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए।
15 सितंबर 2025, जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने ग्रामीण विकास को लेकर ठोस कदम उठाए हैं। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने उत्तरी सरजामदा पंचायत भवन में ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस बैठक में जुगसलाई विधानसभा के विधायक मंगल कालिंदी, जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उपाध्यक्ष पंकज, जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह, प्रखंड प्रमुख, 21 पंचायतों के मुखिया, वार्ड सदस्य और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं की जानकारी प्राप्त करना और उनके समाधान के लिए त्वरित कदम उठाना था। इस अवसर पर छोटा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना की कार्यप्रणाली पर विशेष चर्चा की गई। योजना वर्तमान में 21 पंचायतों में नियमित पेयजलापूर्ति और एक पंचायत में आंशिक आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। जलापूर्ति की सुचारु व्यवस्था और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई संचालन समिति का गठन किया गया।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बैठक में अन्य बुनियादी समस्याओं का भी उल्लेख किया। इसमें मुख्य रूप से स्ट्रीट लाइट की खराबी, मध्य हलुदबनी पंचायत के विद्यालय में चारदीवारी का अभाव, शौचालय की कमी, सड़क मरम्मत और अन्य जनसुविधाओं की समस्याएं शामिल थीं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लिया और इन्हें सूचीबद्ध कर बीडीओ जमशेदपुर सदर को समाधान के लिए सौंप दिया।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उन पर तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर तुरंत पहल की जाए। शेष समस्याओं के लिए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग और सुझाव देने का भी आग्रह किया, ताकि विकास कार्य और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकें।
बैठक में सीओ जमशेदपुर सदर मनोज कुमार, बीडीओ सुमित प्रकाश, कार्यपालक दंडाधिकारी एवं डीपीओ सुदीप्त राज, कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों की हर बुनियादी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके माध्यम से ग्रामीणों को आवश्यक सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकें और उनका जीवन स्तर सुधर सके।
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