Ranchi Raid: ओरमांझी में नकली शराब के महाजाल का पर्दाफाश, 15 हजार लीटर स्पिरिट देख पुलिस के उड़े होश, चुनाव से पहले बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़
रांची के ओरमांझी में निकाय चुनाव को प्रभावित करने के लिए बनाई जा रही 15 हजार लीटर नकली शराब और स्पिरिट का जखीरा पकड़ा गया है। लाखों के इस अवैध कारोबार और इसके पीछे छिपे सिंडिकेट की पूरी जानकारी यहाँ मौजूद है वरना आप राजधानी में चल रही इस बड़ी साजिश की खबर मिस कर देंगे।
रांची/ओरमांझी, 21 फरवरी 2026 – झारखंड की राजधानी रांची में नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर चल रही सुरक्षा तैयारियों के बीच उत्पाद विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई की है। ओरमांझी थाना क्षेत्र में चल रही एक 'सीक्रेट' शराब फैक्ट्री पर शनिवार को छापा मारकर प्रशासन ने मौत के सौदागरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। यहाँ से 15 हजार लीटर से ज्यादा स्पिरिट बरामद की गई है, जिससे लाखों लीटर नकली अंग्रेजी शराब बनाकर चुनाव के दौरान खपाने की तैयारी थी।
गुप्त सूचना और सर्जिकल स्ट्राइक: ओरमांझी में मची खलबली
रांची के सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह को शनिवार सुबह एक पुख्ता इनपुट मिला कि ओरमांझी के एक सुनसान इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की मैन्युफैक्चरिंग हो रही है।
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छापेमारी की रणनीति: बिना समय गंवाए एक विशेष टीम तैयार की गई। जैसे ही टीम ओरमांझी के उस संदिग्ध ठिकाने पर पहुँची, वहां का नजारा देख अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं।
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15,000 लीटर का जखीरा: फैक्ट्री के भीतर बड़े-बड़े ड्रमों में करीब 15 हजार लीटर स्पिरिट भरी हुई थी। इसके अलावा अंग्रेजी शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रंग, फ्लेवर और अन्य हानिकारक मादक पदार्थ भी भारी मात्रा में मिले।
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मशीनरी और उपकरण: शराब को बोतलों में भरने और उन्हें सील करने वाली मशीनें भी बरामद की गई हैं, जो यह दर्शाती हैं कि यहाँ बहुत ही पेशेवर तरीके से काम चल रहा था।
चुनावी सिंडिकेट: लाखों की खेप और मास्टरमाइंड की तलाश
विभाग के अनुसार, जब्त की गई सामग्री की बाजार में कीमत लाखों रुपये से अधिक है।
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चुनाव कनेक्शन: आशंका जताई जा रही है कि इस शराब को नगर निकाय चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच बांटने के लिए तैयार किया जा रहा था।
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फरार संचालक: छापेमारी की भनक लगते ही फैक्ट्री के मुख्य संचालक और मजदूर भागने में सफल रहे। पुलिस अब उनकी कुंडली खंगाल रही है।
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ब्रांडेड बोतलों का खेल: टीम को मौके से नामी अंग्रेजी ब्रांडों के खाली कार्टन और बोतलें भी मिली हैं, ताकि आम लोगों को असली और नकली के बीच फर्क पता न चल सके।
ओरमांझी शराब फैक्ट्री: रेड रिपोर्ट (Action Summary)
| विवरण | प्रमुख जानकारी (Key Facts) |
| हादसे का स्थान | ओरमांझी थाना क्षेत्र (रांची) |
| जब्त स्पिरिट | 15,000 लीटर से अधिक |
| जब्त सामग्री की कीमत | लाखों रुपये (अनुमानित) |
| मुख्य अधिकारी | सहायक आयुक्त उत्पाद उमाशंकर सिंह |
| वर्तमान स्थिति | सिंडिकेट के नेटवर्क की जांच जारी |
अगला कदम: सिंडिकेट का होगा खुलासा
उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब इस फैक्ट्री के 'फाइनेंसर' की तलाश कर रही है।
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कॉल डिटेल और लिंक: बरामद उपकरणों और वहां मिले कुछ दस्तावेजों के जरिए सिंडिकेट के सदस्यों की पहचान की जा रही है।
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सख्ती की चेतावनी: उमाशंकर सिंह ने स्पष्ट किया है कि चुनाव तक यह अभियान थमने वाला नहीं है। रांची के हर उस संदिग्ध गोदाम की तलाशी ली जाएगी जहाँ शराब का अवैध भंडारण हो सकता है।
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लाइसेंस की जांच: शहर के उन शराब दुकानों और बारों की भी जांच होगी जहाँ इस फैक्ट्री से माल सप्लाई होने का संदेह है।
जनता की जान से खिलवाड़ बंद
स्पिरिट से बनी नकली शराब न केवल कानूनन जुर्म है, बल्कि यह जानलेवा भी हो सकती है। ओरमांझी की इस कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया है।
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