Gamharia Tragedy: स्कूल से निकलकर बाराज में नहाने गए 12वीं के छात्र की डूबने से मौत, चार बचे
सरायकेला के गम्हरिया बाराज में नहाने के दौरान 12वीं के छात्र की डूबने से मौत, चार बच्चे बाल-बाल बचे। स्कूल जाने के बजाय निकले थे बाहर। जानिए पूरा मामला।
जमशेदपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र स्थित गंजिया बाराज (डैम) में एक दर्दनाक हादसा हो गया। स्कूल से निकलकर नहाने के दौरान एक बच्चे की डूबने से मौत हो गई। इस घटना में चार बच्चे बाल-बाल बच गए। मृतक जमशेदपुर के धातकीडीह स्थित आंध्रा स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्र 17 वर्षीय फहद रहमान है। चारों बच्चे भी कदमा क्षेत्र के ही रहने वाले हैं।
स्कूल जाने के बजाय बाराज पहुंचे
बताया जाता है कि आंध्रा स्कूल के 12वीं के ये पांचों छात्र स्कूल नहीं गए। उन्होंने स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकलने के बाद गम्हरिया के डैम में नहाने का प्लान बनाया। वे सभी डैम पहुंचे और पानी में उतर गए। सुबह करीब 11 बजे अचानक वे गहरे पानी में चले गए। एक बच्चा पूरी तरह डूब गया।
स्थानीय लोगों ने चार को बचाया, एक की मौत
जब स्थानीय लोगों ने देखा कि बच्चे डूब रहे हैं, तो उन्होंने तुरंत मदद करनी शुरू की। स्थानीय लोगों की सूझबूझ से चारों बच्चों को पानी से बाहर निकाल लिया गया। लेकिन पांचवां बच्चा फहद रहमान जब तक बाहर निकाला जाता, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पाकर गम्हरिया थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चारों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
स्कूली छात्रों के बीच चिंता
इस घटना के बाद आंध्रा स्कूल और आसपास के अन्य स्कूलों में चिंता का माहौल है। शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों को बिना बताए कहीं जाने से मना किया है। स्कूल प्रशासन ने कहा कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखेंगे।
अभिभावकों को सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें। उन्हें बताएं कि बिना सूचना के कहीं न जाएं। नदी, डैम या तालाब में अकेले न उतरें। तैराकी आती हो, तो भी गहरे पानी में जाने से बचें। अगर बच्चे बाहर जा रहे हैं, तो उनका ठिकाना पता होना चाहिए।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गंजिया बाराज के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि डैम के चारों तरफ बाउंड्री वॉल लगाई जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही, लाइफगार्ड्स की तैनाती की जाए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह के हादसे होते रहेंगे।
युवाओं के लिए सीख
यह घटना उन सभी युवाओं के लिए एक सबक है जो बिना सोचे-समझे नदियों और डैमों में उतर जाते हैं। पानी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। हमेशा सुरक्षित स्थानों पर ही तैरें और अकेले पानी में न उतरें। जान अनमोल है, लापरवाही भारी पड़ सकती है।
सरायकेला के गम्हरिया बाराज में स्कूल छोड़कर नहाने गए 12वीं के छात्र की डूबने से मौत हो गई। क्या डैम और जलाशयों में सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है? यह खबर पढ़कर सावधान हो जाइए और इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
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