Palamu Arrest: बड़ी साजिश: बिहार सीमा पर कट्टा-गोली के साथ दो गिरफ्तार, हुसैनाबाद पुलिस ने लुटेरों को दबोच टाली बड़ी वारदात
बिहार-झारखंड सीमा पर लूट की फिराक में घूम रहे दो शातिर अपराधियों को हुसैनाबाद पुलिस ने दबोच लिया है। इनके पास से देसी कट्टा और गोलियां बरामद हुई हैं। पकड़े गए आरोपितों में एक पुराना लुटेरा भी शामिल है। पूरी रिपोर्ट यहाँ देखें।
हुसैनाबाद/पलामू, 4 मार्च 2026 – झारखंड और बिहार की सीमा पर स्थित हुसैनाबाद (जपला) इलाके में पुलिस ने एक बड़े आपराधिक षड्यंत्र को नाकाम कर दिया है। सोमवार की रात अंधेरे का फायदा उठाकर हथियार के बल पर लूटपाट की योजना बना रहे दो युवकों को पुलिस ने पीछा कर दबोच लिया। इनके पास से लोडेड देसी कट्टा बरामद किया गया है। एसडीपीओ एस. मो. याकूब ने मंगलवार को इस पूरे ऑपरेशन का खुलासा करते हुए बताया कि कैसे पुलिस की तत्परता ने सीमावर्ती इलाके में एक संभावित खूनी वारदात को टाल दिया।
गुप्त सूचना और दरुआ मोड़ पर घेराबंदी
पुलिस को सोमवार शाम एक पुख्ता सूचना मिली थी कि मानखाप गांव की ओर से दो संदिग्ध युवक हथियार लेकर जपला शहर की तरफ कूच कर रहे हैं।
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एक्शन मोड: सूचना मिलते ही हुसैनाबाद पुलिस ने दरुआ मोड़ के पास मोर्चा संभाल लिया और सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया।
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हाई-वोल्टेज ड्रामा: रात करीब 7:20 बजे एक काले रंग की बिना नंबर वाली बाइक तेजी से आती दिखी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो युवकों ने रफ्तार बढ़ा दी और भागने की कोशिश की। हालांकि, पहले से सतर्क पुलिस बल ने घेराबंदी कर दोनों को सड़क पर ही दबोच लिया।
तलाशी में निकला 'मौत का सामान'
पकड़े गए आरोपितों की पहचान हुसैनाबाद के मानखाप निवासी अभिषेक कुमार (19) और नितिश कुमार चंद्रवंशी (18) के रूप में हुई है।
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हथियार की बरामदगी: जब पुलिस ने अभिषेक की तलाशी ली, तो उसकी कमर से एक देसी कट्टा और दो जिंदा गोलियां बरामद हुईं।
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पुराना इतिहास: पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि अभिषेक कुमार कोई नौसिखिया नहीं है। वह पिछले साल भी सड़क लूट के एक मामले में जेल की हवा खा चुका है। जेल से बाहर आते ही उसने फिर से गैंग बनाना शुरू कर दिया था।
हुसैनाबाद का इतिहास: अपराधियों की 'सॉफ्ट टारगेट' सीमा
हुसैनाबाद और जपला का इलाका भौगोलिक रूप से बेहद संवेदनशील है। बिहार और झारखंड की सीमा साझा करने के कारण अपराधी यहाँ वारदात कर दूसरे राज्य में शरण ले लेते हैं।
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पुराना दौर: 90 के दशक और 2000 की शुरुआत में यह इलाका उग्रवादी गतिविधियों और संगठित लूट गिरोहों के लिए जाना जाता था।
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वर्तमान स्थिति: हालांकि अब पुलिस की चौकसी बढ़ी है, लेकिन 'इंटर-स्टेट' क्राइम आज भी एक चुनौती है। बिना नंबर की बाइक का इस्तेमाल करना इन लुटेरों का पुराना तरीका रहा है ताकि पहचान छिपाई जा सके।
पुलिस ऑपरेशन का सारांश: एक नजर में
| विवरण | प्रमुख जानकारी |
| गिरफ्तार आरोपित | अभिषेक कुमार (19) और नितिश चंद्रवंशी (18) |
| बरामदगी | 1 देसी कट्टा, 2 गोली, 1 बाइक, मोबाइल |
| लोकेशन | दरुआ मोड़, हुसैनाबाद (बिहार सीमा) |
| मुख्य अधिकारी | एसडीपीओ एस. मो. याकूब |
बड़ी वारदात की थी तैयारी: पुलिस का शक
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये दोनों युवक किसी व्यापारी या राहगीर को निशाना बनाने की फिराक में थे। बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल का मिलना इस बात की पुष्टि करता है कि वे लूट के बाद आसानी से सीमा पार भागने की तैयारी में थे।
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न्यायिक हिरासत: पुलिस ने कागजी कार्यवाही पूरी कर दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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बाइक का रहस्य: जब्त की गई बाइक किसकी है, इसकी जांच की जा रही है। अंदेशा है कि यह बाइक भी चोरी की हो सकती है।
सतर्कता ही सुरक्षा है
हुसैनाबाद पुलिस की इस कामयाबी ने अपराधियों के मनोबल को तोड़ दिया है। एसडीपीओ ने साफ कहा है कि सीमावर्ती इलाकों में गश्त और तेज की जाएगी ताकि होली के त्योहार से पहले अपराधी सिर न उठा सकें।
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