होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ-- -डाॅ0 यमुना तिवारी व्यथित
रहें सब प्रेम से मिलकर नहीं हो कोई भी दंगा, ये सीख होली से सीखें बहा दें प्रम की गंगा,
होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ--
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रहें सब प्रेम से मिलकर
नहीं हो कोई भी दंगा,
ये सीख होली से सीखें
बहा दें प्रम की गंगा,
जला दें होलिका में द्वेष
और दुश्मनी अपनी,
मन हो जाएगा चंगा
तन हो जाएगा चंगा।
घर में और दफ्तर में
खेलते रंग की होली,
कुछ नशे में झूमते हैं
खाते भंग की गोली,
कफन को बाँध सिर पर
चौकसी सीमा पर करते हैं,
रोज शहीद होते हैं
खेलते खून की होली।
बर्बर पाक की गोली
सीमा पर रोज चलती है,
निर्दोष घाटी की जनता
हर रोज मरती है,
समझे पाक न कोई बात
वो है भूत लातों के,
न सरकार समझती है
न सेना समझती है।
कलुष मन का मिटा डालें
हम अबकी बार होली में,
मिटायें दुश्मनी मतभेद
हम अबकी बार होली में,
विश्व गुरु देश हो जाय
कोई डाले ना बाधा,
विपक्षी दल सुधर जाय
अबकी बार होली में।
-डाॅ0 यमुना तिवारी व्यथित
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