Sakchi Crackdown: करीम सिटी कॉलेज के पास सक्रिय बाइक चोर गिरोह का सनसनीखेज भंडाफोड़, इंजन-चेचिस नंबर खरोंचकर बेचने वाले दो गिरफ्तार, 5 गाड़ियां बरामद

जमशेदपुर के साकची थाना पुलिस ने करीम सिटी कॉलेज के पास से चोरी हुई मोटरसाइकिल मामले की जांच करते हुए एक अंतर-थाना बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। शमशाद आलम और अरुण मुखर्जी की गिरफ्तारी और 5 बाइक बरामदगी की पूरी लाइव रिपोर्ट यहाँ देखें।

May 25, 2026 - 15:05
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Sakchi Crackdown: करीम सिटी कॉलेज के पास सक्रिय बाइक चोर गिरोह का सनसनीखेज भंडाफोड़, इंजन-चेचिस नंबर खरोंचकर बेचने वाले दो गिरफ्तार, 5 गाड़ियां बरामद
Sakchi Crackdown: करीम सिटी कॉलेज के पास सक्रिय बाइक चोर गिरोह का सनसनीखेज भंडाफोड़, इंजन-चेचिस नंबर खरोंचकर बेचने वाले दो गिरफ्तार, 5 गाड़ियां बरामद

जमशेदपुर, 25 मई 2026 – लौहनगरी जमशेदपुर की साकची थाना पुलिस को दोपहिया वाहन चोरी के एक बहुत बड़े और संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने में अभूतपूर्व सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के सबसे व्यस्त छात्र और व्यावसायिक हब साकची करीम सिटी कॉलेज के समीप से हुई बाइक चोरी की तफ्तीश करते हुए एक बेहद शातिर 'ऑटो-लिफ्टर' (Auto-Lifter) गिरोह का लाइव खुलासा किया है। इस हाई-टेक ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य मास्टरमाइंड्स को दबोचा है, जिनकी निशानदेही पर शहर के अलग-अलग ठिकानों से चोरी की गई कुल 5 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से चोरी की बाइकों के नंबर प्लेट बदल देता था और पकड़े जाने से बचने के लिए उनके ओरिजिनल इंजन और चेचिस नंबर को पूरी तरह खरोंच (स्क्रैच) कर वाहनों को भोले-भाले ग्राहकों को सस्ते दामों में बेच देता था। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और नगर पुलिस अधीक्षक (City SP), जमशेदपुर के कड़े निर्देश पर गठित स्पेशल टास्क फोर्स ने इस खूंखार गिरोह को सलाखों के पीछे भेजा है।

वारदात की दास्तां: 20 मई को करीम सिटी कॉलेज के पास से उड़ी बाइक, सीसीटीवी ने उगला चोरों का राज

साकची थाना पुलिस और जिला खुफिया विंग से मिले लाइव और ऑन-फील्ड इनपुट के अनुसार, यह गिरोह कॉलेज जाने वाले छात्रों और साकची मार्केट आने वाले खरीदारों को अपना आसान शिकार बनाता था।

  • करीम सिटी कॉलेज के पास से वारदात: बीते 20 मई को साकची के प्रतिष्ठित करीम सिटी कॉलेज के पास से एक छात्र की मोटरसाइकिल रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी। पीड़ित द्वारा साकची थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तुरंत तकनीकी जांच शुरू की।

  • सीसीटीवी कैमरों ने पकड़ा रूट मैप: साकची थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने करीम सिटी कॉलेज, साकची गोलचक्कर और स्ट्रेट माइल रोड के आसपास लगे दर्जनों हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध युवक मास्टर-की (मास्टर चाबी) का इस्तेमाल कर पलक झपकते ही बाइक का लॉक तोड़कर भागता हुआ दिखाई दिया।

  • शमशाद के कबूलनामे से अरुण का सुराग: पुलिस ने गुप्त सूचना और सर्विलांस के आधार पर घेराबंदी कर आजादनगर निवासी 23 वर्षीय शमशाद आलम को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में शमशाद टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए मानगो के अपने सबसे बड़े सहयोगी अरुण मुखर्जी का नाम उगला, जिसके बाद पुलिस ने आधी रात को छापा मारकर दूसरे आरोपी को भी दबोच लिया।

अपराध का तरीका: नंबर प्लेटों की अदला-बदली और चेचिस नंबर मिटाने की सीक्रेट वर्कशॉप

पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार शमशाद आलम और अरुण मुखर्जी ने वाहन चोरी के जिस 'मैकेनिज्म' का खुलासा किया है, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।

  1. इंजन-चेचिस नंबर के साथ छेड़छाड़: आरोपी साकची, बिस्टुपुर और मानगो थाना क्षेत्रों से गाड़ियां चुराने के बाद उन्हें सीधे मानगो और आजादनगर के आउटर बॉर्डर पर स्थित एक सीक्रेट गैरेज में ले जाते थे। वहां ग्राइंडर मशीन के जरिए बाइक के इंजन और चेचिस नंबर को इस तरह खरोंच दिया जाता था कि फॉरेंसिक टीम भी आसानी से नंबर न पढ़ सके।

  2. मॉडिफिकेशन का खेल: ये अपराधी चोरी की बाइक का लुक और रंग पूरी तरह बदल देते थे (मॉडिफाई करते थे) और उस पर किसी पुरानी या स्क्रैप हो चुकी गाड़ी का फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसे ग्रामीण इलाकों में खपा देते थे।

शैक्षणिक संस्थानों के पास 'स्मार्ट पार्किंग' और डिजिटल लॉकर्स समय की मांग

साकची थाना पुलिस और एसएसपी की स्पेशल टीम ने दोनों शातिर चोरों को जेल भेजकर और 5 गाड़ियां बरामद कर एक बड़ी सफलता तो पाई है, लेकिन करीम सिटी कॉलेज जैसी व्यस्त जगहों पर बार-बार होने वाली ये चोरियां जिला प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोलती हैं। केवल अपराधियों को पकड़ना काफी नहीं है, बल्कि अपराध के इस पूरे इकोसिस्टम को ध्वस्त करना होगा। नगर निगम और साकची पुलिस को तुरंत करीम सिटी कॉलेज और साकची मार्केट जैसे संवेदनशील इलाकों में 'स्मार्ट क्यूआर-कोड बेस्ड पार्किंग' (Smart Parking) की व्यवस्था करनी चाहिए, जहां बिना डिजिटल रसीद के कोई भी वाहन परिसर से बाहर न जा सके। इसके साथ ही, आजादनगर और मानगो के उन सभी लोकल गैरेज और कबाड़खानों की औचक चेकिंग अनिवार्य करनी होगी जहां इन चोरी की बाइकों को मॉडिफाई करने का अवैध धंधा फल-फूल रहा है।

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Manish Tamsoy मनीष तामसोय कॉमर्स में मास्टर डिग्री कर रहे हैं और खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसे खेलों में उनकी गहरी समझ और विश्लेषणात्मक क्षमता उन्हें एक कुशल खेल विश्लेषक बनाती है। इसके अलावा, मनीष वीडियो एडिटिंग में भी एक्सपर्ट हैं। उनका क्रिएटिव अप्रोच और टेक्निकल नॉलेज उन्हें खेल विश्लेषण से जुड़े वीडियो कंटेंट को आकर्षक और प्रभावी बनाने में मदद करता है। खेलों की दुनिया में हो रहे नए बदलावों और रोमांचक मुकाबलों पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।